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Dholpur: रीझौनी के जंगल में टाइगर ट्रैकिंग करते बाघ मित्र पर बाघिन ने किया हमला

टाइगर ट्रैकिंग के दौरान बाघिन टी-117 ने बाघ मित्र पर हमला कर दिया। हमले में बाघ मित्र राजवीर मीणा घायल हो गया है। जिसे साथियों ने इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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Dholpur news

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Dholpur, सरमथुरा. रीझौनी वनखंड क्षेत्र में टाइगर ट्रैकिंग के दौरान बाघिन टी-117 ने बाघ मित्र पर हमला कर दिया। हमले में बाघ मित्र राजवीर मीणा घायल हो गया है। जिसे साथियों ने इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने बाघ मित्र का प्राथमिक उपचार कर गंभीर घायल होने पर हायर सेंटर रेफर कर दिया है। हालांकि बाघ मित्र खतरे से बाहर है।

रेंजर देवेन्द्र सिंह चौधरी ने बताया कि शुक्रवार को धौलपुर करौली टाइगर अभ्यारण्य के बफर जोन में स्थित भेड़े की नाले के पास बाघ मित्र राजवीर मीणा अपने साथी सोनू मीणा के साथ जंगल में टाइगर ट्रेकिंग के दौरान कैमरा ट्रैप की जांच कर रहे थे। तभी पास में झाडियों में छिपी बाघिन टी-117 ने अचानक राजवीर पर हमला बोल दिया। हमले में उनके हाथ और जांघ पर नाखूनों से चोटें आईं है। बाघ मित्र पर हमला करते ही साथी द्वारा हल्ला मचाने से बाघिन भयभीत होकर जंगल की तरफ भाग गई। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। घायल राजवीर मीणा को सरमथुरा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। क्षेत्रीय वन अधिकारी देवेंद्र चौधरी ने बताया कि राजवीर मीणा की हालत खतरे से बाहर है और कोई गंभीर चोट नहीं है। एहतियात के तौर पर धौलपुर के डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें अग्रिम इलाज के लिए भेजा गया है। वन विभाग ने टाइग्रेस की निगरानी में टीम लगा दी गई है।

-दो माह पूर्व भेडेकी के पास सड़क पर घूमते कैमरों में हुआ था कैद

सरमथुरा रेंज अन्तर्गत भेडेकी के जंगल में सड़क से गुजर रहे लोगों ने बाघ की तस्वीरों को कैमरों में कैद किया था। हालांकि वन विभाग द्वारा इसी जंगल में एक बाघ व एक बाघिन की पहले से ही मौजूदगी दर्ज की गई है। ऐसे में अभ्यारण्य में बाघ व बाघिन के अलावा तीन एडल्ट शाबक व एक नवजात शाबक मौजूद है। अभ्यारण्य में टाइगर का कुनबा बढ़ने पर सभी बीट गार्ड, चौकीदारों के माध्यम से ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई थी। वही टाइगर ट्रेकिंग में लगे ट्रेकरों को भी सतत निगरानी रखने के लिए पाबंद किया गया था।

-बफर जोन में बाघों ने बनाया ठिकाना

इधर, विभागीय सूत्रों के मुताबिक इस इलाके में एक बाघ टी 116 व एक बाघिन टी 117 ने रेंज के बफर जोन को ठिकाना बना लिया है। हालांकि इनके बच्चों की लोकेशन भी ट्रेस हुई है। रेंज अधिकारी बताते है कि टाइगर टी 116 द्वारा इसी जंगल में टाइग्रेस टी 117 व प्रेमिका टी 2503 के साथ मेटिंग की गई है। हालांकि टी 117 के बच्चों का जन्म इसी जंगल का है वही टी 2503 द्वारा मेटिंग के बाद मंडरायल रेंज में जाकर बच्चों को जन्म दिया है। दरअसल, दोनों रेंज में बाघ टी-116 के कुनबे की गूंज सुनाई दे रही है।