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हादसे दर हादसे… आठ माह में 800 लोग गवा चुके जान

भरतपुर संभाग में सडक़ हादसों में भरतपुर के बाद धौलपुर दूसरे नम्बर पर है। इसमें ज्यादातर हादसे राष्ट्रीय राजमार्गों पर घटित हुई। इसमें मुख्य हाइवे दिल्ली-मुंबई एनएच 44 भी शामिल है।

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हादसे दर हादसे... आठ माह में 800 लोग गवा चुके जान

हादसे दर हादसे... आठ माह में 800 लोग गवा चुके जान

धौलपुर. भरतपुर संभाग में सडक़ हादसों में भरतपुर के बाद धौलपुर दूसरे नम्बर पर है। इसमें ज्यादातर हादसे राष्ट्रीय राजमार्गों पर घटित हुई। इसमें मुख्य हाइवे दिल्ली-मुंबई एनएच 44 भी शामिल है। भरतपुर रेंज में इस साल अगस्त माह तक 14 सौ से अधिक सडक़ हादसों में करीब 800 लोग अलग-अलग दुर्घटनाओं में जान से हाथ धो चुके हैं। जबकि गत वर्ष करीब 670 से अधिक लोगों की मौत हुई थीं। वहीं, इस साल धौलपुर जिले में अगस्त माह तक करीब 150 लोग काल का ग्रास बन चुके हैं। हादसों को लेकर सडक़, ब्लैक स्पॉट समेत अन्य तकनीकी खामियां सामने आ रही हैं लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदारों पर कोई असर नहीं है। हद तो ये है कि क्षेत्रीय सांसद मनोज राजौरिया की गत दिनों हुई बैठक में एनएचएआई के अधिकारियों के रवैये को लेकर नाराजगी जता चुके हैं। जिन गलतियों को सुधार किया जा सकता है, उन्हें लेकर भी एजेंसियां अनजान बनी हुई हैं। जिले से गुजर रहे धौलपुर-लालसोट हाइवे संख्या 11बी की हालत सर्वाधिक खस्ता हैं और यहां लगातार हादसे सामने आ रहे हैं। गत दिनों हुई बैठक में उक्त हाइवे के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को आमांत्रित किया था लेकिन वह नहीं पहुंचे। सांसद की नाराजगी के बाद उक्त हाइवे के अधिकारी ने मंगलवार को जिला कलक्टर से मिलेऔर सुधार की बात कही। उधर, एनएच 44 के पीडी की ओर से पत्र भेजकर पीएम मोदी के ग्वालियर में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम की वजह से आने में असमर्थता जताई और एक प्रतिनिधि को बैठक में भेजना बताया। साथ ही परियोजना निदेशक उमाकांत मीना ने जिला कलक्टर को प्रतिनिधि के जरिए पत्र भेजकर भविष्य में इस तरह की महत्वपूर्ण बैठकों में उपस्थित होने का भरोसा दिलाया है।


जिले से गुजर रहे तीन हाइवे

धौलपुर प्रदेश का संभवतया ऐसा जिला है जिसमें से तीन हाइवे गुजर रहे हैं। इसमें मुख्य हाइवे एनएच 44 है जो दिल्ली को मुंबई और दक्षिण भारत को जोड़ता है। इस हाइवे को जीटी रोड के नाम से भी जानते हैं। इसके बाद शहर के गुलाब बाग से बाड़ी, सरमथुरा होते हुए लालसोट व जयपुर की तरफ जा रहे एनएच 11बी है। यह हाइवे निर्माण के समय से भी चर्चा का विषय रहा है। हाइवे पर जगह-जगह परतें उखड़ गई हैं इन्हें बचाने के प्रयास में कई दफा वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। वहीं, तीसरा हाइवे जगदीश तिराहे से पचगांव होते हुए सैंपऊ, रूपवास और भरतपुर जा रहा है, इसको एनएच 123 के नाम से जानते हैं। यह हाइवे ऊंचा नगला पर आगरा-बीकानेर हाइवे को क्रॉस करते हुए भरतपुर से हरियाणा के फिरोजपुर झिरका को जोड़ता है। इससे दिल्ली से सीधे जुड़ते हैं।


कहीं लाइट बंद तो कही साइनेज गायब

हाइवों पर सुरक्षा मापदण्डों को लेकर भी सुस्ती बरती जा रही है। हाइवे पर स्पीड लिमिट के साइनेज नजर नहीं आते हैं। वहीं, येलो लाइन प्वाइंट पर बंद पड़ी हैं। यहां सदर थाने से पहले की लाइट बंद है। वहीं, आगरा हाइवे पर साइनेज लापता है। हाइवे कंपनी का कहना है कि सौर ऊर्जा प्लेट्स चोरी होने की वजह से लाइट बंद हैं। जल्द ही इनकी मरम्मत की जाएगी। वहीं, हाइवे पर इन दिनों जगह-जगह गड्ढे हो रहे हैं, जिससे हादसे की आशंका रहती है। इनसे बचने के प्रयास में वाहन चालक दूसरी लेन में घुस जाते हैं और दुर्घटना की यह बड़ी वजह है।


भरतपुर रेंज में सडक़ हादसे

जिला हादसे मृतक घायल
भरतपुर 390 225 368
धौलपुर 287 157 261
करौली 238 125 194
स.मोधापुर 265 139 238
गंगापुरसिटी 130 77 94
डीग 164 89 124
(स्रोत: पुलिस विभाग)


- उक्त बैठक में एनएचएआई दौसा के अधिकारी नहीं आए थे। एनएच-44 के पीडी के स्थान पर प्रतिनिधि शामिल हुए थे। सांसद ने मुख्य अधिकारियों के शामिल नहीं होने पर नाराजगी जताई थी। जिसके बाद एनएच-11बी के एनएचएआई अधिकारी कार्यालय पहुंचे और बाड़ी से सरमथुरा के बीच खस्ता पड़ी सडक़ की मरम्मत कराने का भरोसा दिया है।
- अनिल कुमार अग्रवाल, जिला कलक्टर धौलपुर