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एम्बुलेंस खड़ी रहती है अस्पताल में, मरीज तोड़ जाते दम

सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए इमरजेंसी वाहन 108 लोगों को राहत देने के लिए नहीं बल्कि उपखंड मुख्यालय स्थिति सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की शोभा बढ़ा रहे हैं।

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भोपाल

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aniket soni

Nov 24, 2016

सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए इमरजेंसी वाहन 108 लोगों को राहत देने के लिए नहीं बल्कि उपखंड मुख्यालय स्थिति सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की शोभा बढ़ा रहे हैं।

आपातकाल स्थिति में लोग 108 एम्बुलेंस सेवा के लिएफोन करते हैं तो भी सुविधा नहीं मिलती। कई बार चिकित्सालय में पहुंचने तक मरीज जान गंवा बैठते हैं।

इमरजेंसी एम्बुलेंस सेवा की यह हालत बुधवार को सैंपऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे 108 एम्बुलेंस सेवा के राजस्थान ऑपरेशन हेड धनंजय सिंह को देखने के मिले। उनके पहुंचने पर आपातकालीन वाहन 108 ऑफ रोड पाया गया।

मामले में गंभीरता दिखाते हुए उन्होंने ईएमई अजीत गुर्जर एवं कुलदीप वर्मा व धर्मेंद्र सिंह को तुरंत प्रभाव से 108 वाहन के बदले बेस एंबुलेंस को सुचारू करने के लिए आदेशित किया। अधिकारियों के आदेश के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर खड़ी देश एंबुलेंस को सुचारू कर दिया गया है।

बेस एंबुलेंस के पायलट शैलेंद्र पचौरी को गाड़ी संभालने के लिए पाबंद किया गया है।बेस एंबुलेंस के सुचारु होते ही क्षेत्र वासियों को आपातकाल के समय एक बड़ी राहत मिल सकेगी।