
बरसात के इंतजार में मुरझाने लगी बाजरे की फसल, किसान चितिंत
धौलपुर. जिले में मानसूनी बरसात कमजोर रहने से किसान मायूस हैं। बरसात कम होने से खेतों में खड़ी बाजरे की फसल मुरझाने लगी है। किसानों को दाना खराब होने की चिंता सता रही है। जल्द बरसात नहीं हुई तो फसल को नुकसान पहुंच सकता है। जिले की औसम बरसात 650 एमएम है। जबकि अभी धौलपुर समेत कई स्थानों पर काफी कम बरसात हुई है। पिछले एक सप्ताह से आसमान पर सुबह और शाम के समय केवल बादल छाए रहते हैं जो उमड़-घुमड़ कर निकल जाते हैं। बरसात नहीं होने से किसानों की आस टूटती जा रही है। ठंडी हवा चलने से वर्षा होने की उम्मीद बनती है। लेकिन उम्मीदों के बादल हवा चलने की वजह से निराश कर जाते थे। मौसम की ऐसी अजब कहानी से किसानों में सबसे ज्यादा परेशान है। वर्षा का पल-पल इंतजार होने की वजह से अब तो बाजरा की फसल मुरझाने लगी है। पानी नही मिलने से खेत की धरा चटकने लगी है।
नहर में पानी नहीं, ट्यूबवेल ही सहारा
वर्षा का पानी मिलने से खेती को सबसे ज्यादा फायदा मिलता है। लेकिन यह किसानों की उम्मीद के अनुसार नहीं हो रहा है। जिन किसानों के पास ट्यूबवेल का साधन है तो वह अपने बाजरा की सिंचाई कर रहे है। लेकिन नहर के समीप वाले किसान नहर में पानी नहीं आने से वह भी ट्यूबवेल का सहारा ले रहे है। लेकिन डीजल महंगा होने से किसानों को सिचांई महंगी पड़ रही है। छोटे किसान तो अभी भी वर्षा का इंतजार कर रहे हैं।
जिले में सबसे कम बरसात राजाखेड़ा में
जिले में जून माह में सबसे कम बारिश जिले में राजाखेड़ा क्षेत्र में 50 एमएम हुई है। धौलपुर में 208 एमएम बरसात हो चुकी है। हालांकि, जिले में अभी तक औसत बारिश नहीं हुई है। बाजरा से पहले हुई इस वर्षा से किसानों को कोई लाभ नहीं हुआ। जुलाई माह में हल्की बरसात हुई लेकिन अब किसानों को जरुरत है तो मेघ बरसने को तैयार नहीं है। फसल सूखने के कगार पर है जिससे अब किसानों को वर्षा का इंतजार है।
बरसात नहीं होने से किसान चितिंत
कम वर्षा से वैसे तो किसान चिंतित हैं। लेकिन धान उत्पादक किसान ज्यादा ही चिंतित है। वर्षा से खेतों को मिली नमी कम होने से किसानों की खड़ी फसल सूखती जा रही है। फसल को लेकर चिंता सताने लगी है। बाड़ी ब्लाक के कंचनपुर निबासी बहादुर सिंह मीना का कहना है कि कुछ दिन और वर्षा नहीं हुई तो बाजरा का उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
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जिले में बारिश के आंकड़े
स्थान बरसात
धौलपुर 327
बाड़ी 396
आंगई 456
बसेड़ी 329
सैंपऊ 432
तालाबशाही 397
उर्मिला सागर 420
राजाखेड़ा 331
(बरसात एमएम में)
- बारिश न होने से फसल सूखने की संभावना बनी है। एक सप्ताह में बारिश हो जाए तो किसानों की फसल को राहत मिलेगी। जिससे बाजरा की पैदावार भी ज्यादा होगी।
- विजय सिंह, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग धौलपुर
Published on:
17 Aug 2023 06:54 pm
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