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शहरी क्षेत्र में धधक रहे ईंट भट्टे, खराब हो रही आबोहवा

दिल्ली समेत एनसीआर क्षेत्र में इन दिनों बिगड़ रही आबोहवा चिंता का विशष बना हुआ है। जिसको लेकर कई प्रतिबंध लगाए गए हैं।

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शहरी क्षेत्र में धधक रहे ईंट भट्टे, खराब हो रही आबोहवा

शहरी क्षेत्र में धधक रहे ईंट भट्टे, खराब हो रही आबोहवा

धौल्पुर. दिल्ली समेत एनसीआर क्षेत्र में इन दिनों बिगड़ रही आबोहवा चिंता का विशष बना हुआ है। जिसको लेकर कई प्रतिबंध लगाए गए हैं। लेकिन राजाखेड़ा क्षेत्र में प्रदूषित होते वातावरण को लेकर स्थानीय अधिकारियों को कोई फ्रिक नहीं है। वायु प्रदूषण के चलते क्षेत्र में लोगों के स्वास्थ्य को लेकर खतरा मंडरा रहा है। इसके बाद भी प्रशासनिक अधिकारी इस खतरें को हलके में ले रहे हैं। उधर, ईंट भट्टा संचालक बेधडक़ होकर धुंआ छोडऩे में लगे हुए हैं।


शहरी क्षेत्र में भी भट्टों की चिमनियां

आबादी क्षेत्र में धुंआ उत्सर्जक उद्योगों को स्थापित नहीं किया जा सकता लेकिन नगरपालिका क्षेत्र में ही 33 ईंट भट्टे तो प्रशासनिक सूची के अनुसार ही संचालित हैं। कुछ ऐसे भी हैं जो बिना अनुमति ही संचालित हो रहे हैं। जो प्रशासन की जानकारी में होने के बाद भी राजनीतिक प्रभाव के चलते आंख दिखा कर भी संचालित हो रहे हैं। प्रशासनिक सूची में इनके मालिकों का इंद्राज भी किया गया है। जिससे छोटी मोटी जांच टीम ऐसे मालिकों को पहचान कर उन्हें आसानी से उपकृत कर सकें।


एक पखवाड़े से एक्यूआई 350 पार

हालांकि अभी भट्टों की चिमनियां नहीं सुलगी हैं। केवल बेहिसाब अवैध मिट्टी का खनन ओर थपाई ही युद्ध स्तर पर जारी है। उसी के चलते वातावरण में खतरनाक पीएम 2.5 के कणों की संख्या 350 पार चल रही है जो फेंफड़ों के लिए सर्वाधिक खतरनाक है। पिछले सप्ताह तो यह 469 तक पहुंच गया था लेकिन 3 दिन पूर्व हुई बारिश से मामूली सुधार के बाद 350 पार ही चल रहा है जो अधिकतम स्वीकृत सीमा से 7 गुना अधिक है।


आबादी के बीच संचालित हैं भट्टे

शहरी क्षेत्र में दशकों पूर्व नियमों की आड लेकर स्वीकृत किए गए भट्टे अब आबादी क्षेत्र के बीच आ चुके हैं लेकिन इन पर रोकथाम की पहल राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के आदेशों के बाद भी न तो कोई कार्रवाई की गई। न ही इन्हें बाहरी क्षेत्रों में स्थान्तरित करने का प्रयास किया गया।


- जब इनका भू-रूपांतरण किया गया होगा तो नियमों के आधार पर ही किया गया होगा। आबादी क्षेत्र की परिभाषा भी काफी उलझी हुई है। रही प्रदूषण की तो इन पर प्रदूषण नियंत्रण मंडल को कार्रवाई कर प्रदूषण पर लगाम लगानी चाहिए। जिससे स्वास्थ्य पर असर न पड़े।

- रतन सिंह, अधिशाषी अधिकारी, नगरपलिका राजाखेड़ा