
- माल ढुलाई पर खर्चा आएगा कम, समय की होगी बचत
- धौलपुर-गंगापुरसिटी रेलवे लाइन
धौलपुर. बहु प्रतीक्षित धौलपुर-गंगापुरसिटी रेलवे लाइन से जिले पत्थर व्यवसायियों को बड़ी उम्मीदें लगी हैं। उक्त लाइन जिले के सरमथुरा इलाके से होकर गुजरेगी और यह क्षेत्र रेड स्टोन के रूप में विख्यात है। जिले में सर्वाधिक पत्थर खदानें जिले के सरमथुरा और बसेड़ी उपखण्ड में हैं। यहां से हर साल लाखों टन लाल व भूरा पत्थर देश के कौने-कौने और विदेशों तक सप्लाई होता है। लेकिन फिलहाल माल ढुलाई के लिए रेलवे की सुविधा नहीं होने से ट्रक व ट्रेलर ही एक मात्र साधन हैं। लेकिन ट्रकों से माल ढुलाई पर खर्चा और समय अधिक जाया होता है। ऐसे में निर्माणाधीन धौलपुर-गंगापुरसिटी रेलवे लाइन इलाके के पत्थर व्यवसाय की ढिलाई के लिए खासी मदद मिलेगी और व्यवसाय बढ़ेगा।
गंगापुरसिटी लाइन दिसम्बर 2026 तक होगी शुरू
धौलपुर-गंगापुरसिटी लाइन पर ट्रेन दौड़ाने की रेलवे ने समय सीमा दिसम्बर 2026 निर्धारित की गई है। आगरा मण्डल पीआरओ ने बताया कि प्रथम चरण में धौलपुर-सरमथुरा लाइन पर गेज परिवर्तन का कार्य प्रगति पर है। सरमथुरा तक कार्य मार्च 2025 तक पूर्ण होने का लक्ष्य रखा ळै। द्वितीय चरण में सरमथुरा से गंगापुरसिटी लाइन पर कार्य किया जाएगा। बताया कि इस नई लाइन पर कार्यपूर्ण की समय सीमा दिसम्बर 2026 निर्धारित की है। उक्त कार्य रेलवे मुख्यालय के निर्देशन में होगा।
सालाना करीब 400 करोड़ का कारोबार
जिले के सरमथुरा, बसेड़ी और बाड़ी क्षेत्र में पत्थर की खदानें हैं। जिले में करीब 450 से अधिक बड़ी-छोटी पत्थर व्यवसाय की इकाइयां कार्यरत हैं जिसमें प्रत्यक्ष रूप से 4 हजार और अप्रत्यक्ष रूप से 2 हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। जिले से निकलने वाले रेड स्टोन का वार्षिक कारोबार करीब 400 करोड़ रुपए है जिसमें से करीब 100 करोड़ राशि पत्थर विदेशों तक में निर्यात होता है। धौलपुर का रेड स्टोन हाल में नवीन संसद भवन में भी लगा है। इससे पहले उक्त पत्थर दिल्ली में लाल किला, धौलपुर हाउस समेत आगरा में ऐतिहासिक इमारतों में उपयोग हो चुका है।
नैरोगेज लाइन से होती थी पत्थर ढुलाई
धौलपुर से यूपी के तांतपुर तक नैरोगेज रेलवे लाइन गत मार्च 20203 तक संचालित थी। ये लाइन धौलपुर स्टेट के समय बिछाई गई थी। मुख्यतय इस लाइन का शुरुआत में इलाके की पत्थर खदानों से पत्थर की ढुलाई होती थी। बता दें कि यूपी के आगरा जिले की तांतपुर में पत्थर की बड़ी मंडी है। यहां पर भरतपुर जिले के बयाना, रुदावल इलाके से पत्थर पहुंचता है। इसी तरह जिले में सरमथुरा व बाड़ी इलाके से रेड स्टोन बड़े स्तर पर निकलता है। 114 साल पुरानी नैरोगेज लाइन को करीब एक साल पहले बंद कर ब्राडगेज लाइन बिछाने के लिए निर्माण कार्य शुरू हो गया है। उक्त लाइन पर यूपीए सरकार के साल 2010-11 में रेलवे बजट में ब्राडगेज लाइन की घोषणा हुई थी। लेकिन बीच में यह योजना ठप हो गई थी।
- आगरा मंडल की ओर पहले चरण में धौलपुर से सरमथुरा तक ब्रॉड गेज लाइन का कार्य मार्च 2025 तक पूरा होने का लक्ष्य है। पचास फीसदी कार्य हो चुका है। समय सीमा में कार्य पूरा करने का प्रयास है।
- प्रशस्ति श्रीवास्तव, पीआरओ, आगरा रेल मण्डल
Published on:
21 Jul 2024 06:28 pm
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