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Indian skimmer bird: कुनबा बढ़ाने चंबल आया लाल चोंच का सुंदर ‘पनचीरा’

Indian skimmer bird news धौलपुर. विलुप्त होने की कगार पर खड़े खूबसूरत और आकर्षक लाल चोंच के पक्षी इंडियन स्कीमर की उड़ान चंबल पर शुरू हो गई है। जिला शुभंकर इस पक्षी की उड़ान और अठखेलियां चंबल पर लोगों को आकर्षित कर रही हैं। इस समय इसे चंबल में जलक्रीड़ा करते देखा जा सकता है। चंबल पर करीब 50 की संख्या का झुंड इन दिनों देखा जा रहा है। चंबल के टापूओं पर इनका शोर और मछली पकडऩे के दौरान इनकी कलाबाजी वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफरों और बर्ड वॉचर्स को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। इस पक्षी के लिए चंबल प्राकृतिक

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Indian skimmer bird: beautiful 'Panchira' of red beak came to Chambal to increase family

Indian skimmer bird: कुनबा बढ़ाने चंबल आया लाल चोंच का सुंदर ‘पनचीरा’

Indian skimmer bird कुनबा बढ़ाने चंबल आया लाल चोंच का सुंदर ‘पनचीरा’

- लोगों को आकर्षित कर रही लुप्तप्राय इंडियन स्कीमर की अठखेलियां

- गुजरात, आंध्र प्रदेश और बांग्लादेश तक भरता है उड़ान

- इन दिनों चंबल पर दिख रहा करीब 50 पक्षियों का झुंड

Indian skimmer bird news धौलपुर. विलुप्त होने की कगार पर खड़े खूबसूरत और आकर्षक लाल चोंच के पक्षी इंडियन स्कीमर की उड़ान चंबल पर शुरू हो गई है। जिला शुभंकर इस पक्षी की उड़ान और अठखेलियां चंबल पर लोगों को आकर्षित कर रही हैं। इस समय इसे चंबल में जलक्रीड़ा करते देखा जा सकता है। चंबल पर करीब 50 की संख्या का झुंड इन दिनों देखा जा रहा है। चंबल के टापूओं पर इनका शोर और मछली पकडऩे के दौरान इनकी कलाबाजी वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफरों और बर्ड वॉचर्स को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। इस पक्षी के लिए चंबल प्राकृतिक रहवास है। ये सुंदर पक्षी वर्ष के करीब नौ महीने तक चंबल नदी के रेतीले टापुओं पर कलरव करते और पानी की सतह पर अठखेलियां करते नजर आ जाते हैं। जुलाई-अगस्त महीने में यहां से उडकऱ ये गुजरात व आंध्र प्रदेश से लेकर पड़ोसी देश बांग्लादेश तक चले जाते हैं। 10 साल में हो गए 224 से 550चंबल जिस तरह घडिय़ालों के लिए जीवनदायिनी है, उसी तरह इंडियन स्कीमर के लिए भी है। राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के रेकार्ड के मुताबिक वर्ष 2011 में चंबल नदी में 224 इंडियन स्कीमर गिने गए थे। साल 2021 में हुई गणना में इनकी संख्या 550 तक बताई गई है।मार्च से मई तक प्रजनन कालमार्च से मई महीने तक इन पक्षियों का प्रजनन काल होता है। जुलाई-अगस्त में इनके बच्चे उड़ान भरने लायक हो जाते हैं। इसी दौरान बारिश के कारण चंबल नदी का जलस्तर बढ़ता है और टापू डूब जाते हैं। इसलिए ये यहां से उड़ जाते हैं, फिर नवंबर-दिसंबर में लौटते हैं। गुजरात, आंध्र और बांग्लादेश तक उड़ानइंडियन स्कीमर गुजरात के जामनगर, आंध्रप्रदेश के काकीनाड़ा क्षेत्र के अलावा बांग्लादेश के निझुम द्वीप पर पहुंच जाते हैं। एक महीने में यह पक्षी चंबल नदी से आंध्र प्रदेश, गुजरात से बांग्लादेश तक पहुंचता है, वहां एक-सवा महीने रुकता है फिर वापस चंबल में आ जाता है।पानी की स्वच्छता बढ़ाने में सहायकइंडियन स्कीमर साफ पानी के किनारे, गीली व भरपूर नमी वाली रेत के टापुओं पर वंश वृद्धि करता है। यह पक्षी उड़ते हुए पानी में तैरती मछलियों का शिकार करता है। यह पानी की सतह पर आई मरी हुई मछलियों के अलावा ऐसी मछलियों का शिकार करता है, जो पानी में गंदगी बढ़ाती हैं।पानी को चीर करता शिकारइंडियन स्कीमर का शिकार का अंदाज अलग है। यह पानी को चीरता हुआ शिकार करता है। पानी को चीरने की कला में माहिर होने के कारण इसे पनचीरा नाम से भी जाना जाता है। रास आती हैं चंबल की वादियांदुनिया में लुप्त की कगार पर पहुंचे पनचीरा पक्षी को चंबल की आबोहवा खूब रास आती है। विशेषज्ञ बताते है कि दुनिया भर में जितनी संख्या है उसके 70 फीसदी पक्षी चंबल में पाए जाते हैं।बच्चे बदलते हैं रंगइंडियन स्कीमर के बच्चे जन्म के समय भूरे रंग के होते है। वयस्क होने पर गुलाबी लंबी चोंच, सफेद गर्दन, गुलाबी पैर और काले रंग का धड़ होता है।इनका कहना हैविलुप्तप्राय इंडियन स्कीमर का आना शुभ संकेत है। विभाग के कर्मचारी इन पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों में भी इन्हें लेकर जागरुकता पैदा की जाएगी।- अनिल यादव, डीएफओ, राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य, सवाई माधोपुर