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जलस्रोत के साथ छितरिया ताल बन सकता है पर्यटन स्थल

– ताल के पास का एरिया बन सकता है पिकनिक स्पॉट धौलपुर. शहर में बाड़ी रोड स्थित छितरिया ताल एक पुराना जलस्रोत है। यहां बरसात के दिनों में पानी ओवरफ्लो रहता है और युवा और बच्चे यहां बारिश के दिनों में डुबकी लगाते पहुंचते थे। अनहोनी की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन को यहां […]

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जलस्रोत के साथ छितरिया ताल बन सकता है पर्यटन स्थल Chitriya Tal can become a tourist destination along with the water source

- ताल के पास का एरिया बन सकता है पिकनिक स्पॉट

धौलपुर. शहर में बाड़ी रोड स्थित छितरिया ताल एक पुराना जलस्रोत है। यहां बरसात के दिनों में पानी ओवरफ्लो रहता है और युवा और बच्चे यहां बारिश के दिनों में डुबकी लगाते पहुंचते थे। अनहोनी की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन को यहां पर सिविल डिफेंस के गार्ड की ड्यूटी तक लगानी पड़ी थी। लेकिन बारिश के बाद अब यहां पर शांति है। लेकिन यह क्षेत्र जलस्रोत के चलते आमजन को खासी आकर्षित करता है। इस क्षेत्र को जिला प्रशासन और शहरी सरकार नगर परिषद की ओर से ध्यान दिया जाए तो यह भी बड़े शहरों की तर्ज पर एक पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित हो सकता है। शहर में इस तरह के स्थलों की कमी है और लोग शनिवार-रविवार को पिकनिक या परिवार के साथ घूमने के लिए मथुरा, आगरा, ग्वालियर समेत कई शहरों की ट्रिप करते हैं। यहां पर सुविधाएं बढ़ाई जो तो यह शहर के लिए एक नया स्पॉट बन सकता है।

बारिश में आता है भरपूर पानी

बारिश के दिनों में छितरिया ताल में भरपूर पानी की आवक रहती है। इस दफा जिला प्रशासन और नगर परिषद के तालतेल की वजह से छितरिया ताल का ओवरफ्लो पानी बाड़ी रोड की कॉलोनियों में नहीं घुसा। नहीं तो दो साल छितरिया ताल के पानी ने करीब एक दर्जन से अधिक कॉलोनियों के रहवासियों को परेशान किया। यहां बाड़ी रोड स्थित कई मकानों के तलघरों में आज भी बारिश का पानी घुसा हुआ है। यहां का पानी सैंपऊ रोड की कॉलोनियों तक जा पहुंचा था। लेकिन छितरिया ताल की दीवार बनने और फिर झोर वाली माता मंदिर के पास बनाए कच्चे नाले के जरिए ओवरफ्लो पानी को मचकुंड रोड की तरफ निकाला, जिससे आमजन को राहत मिली।

मेडिकल कॉलेज पहुंच रहा पानी...

छितरिया ताल के पानी का वर्तमान में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में उपयोग हो रहा है। हालांकि, बीच में कुछ समय पानी आपूर्ति बाधित रही। लेकिन ताल का पानी केवल उद्यान और सामान्य कामकाज के लिए उपयोग में ही लिया जा रहा है। पीने युक्त पानी के लिए जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी की ओर से पूर्व में जल जीवन मिशन में एक प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। जिससे ताल के पानी का उपयोग आसपास की कॉलोनियों के लिए जलापूर्ति में हो सके।