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Dholpur: हर वर्ष करोड़ों खर्च, फिर भी नाले और सीवरों की नहीं हो पाई पूर्ण सफाई

धौलपुर नगर परिषद हर साल शहर में नाला सफाई और सीवरेज सफाई को लेकर लाखों रुपए खर्च करती है। लेकिन उसके बाद भी आमजन को राहत नहीं मिल पा रही है।
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धौलपुर

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Naresh Kumar Lawaniyan

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Updated: 29 Jun 2026, 8:05 PM IST

Dholpur news

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धौलपुर. शहर के ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने परिषद कोई पुख्ता इंतेजामात नहीं कर पाई है और मानसून सिर पर है। जिस कारण बारिश के दिनों में फिर लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ सकता है। कुछ क्षेत्रों में जरूर परिषद ने कच्चे नालों का निर्माण कर जलनिकासी की व्यवस्था को सुदृढ़ करने की कोशिश की, लेकिन यह कार्य कई जगह आधू अधूरा ही दिख रहा है। परिषद जलनिकासी को सुदृढ़ करने नाला निर्माण, नाला सफाई और चैम्बर सफाई पर प्रतिवर्ष 20 से 25 लाख रुपए खर्च करती है।

शहर का ड्रेनेज सिस्टम ध्वस्त होने के कारण पिछले कुछ सालों से मानसून के दौरान लोगों की जिंदगी पानी के भंवर में फंस कर रह गई है और दो दर्जन कालॉनियों के 70 से 80 हजार लोगों को जलभराव की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। मामले को लेकर हायतौबा मचने के बाद हरकत में आए शहर प्रशासन और नगर परिषद ने कार्ययोजना बना शहर के ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने के प्रयास किए। जिसको लेकर परिषद ने दो बड़े नालों का निर्माण कराया। जिनमें एक नाला ओवरफ्लो होते छीतरिया ताल के पानी को निकालने के लिए सौ फुटा रोड होते हुए आईटीआई से चंबल के बीहड़ों तक और दूसरा नाला हुण्डावाल नगर से रतन गार्डन और रेलवे पुलिया होते हुए ओंडाला ताल तक बनाया गया, लेकिन इन हुण्डावाला नाला निर्माण को देखें तो इसमें परिषद ने कई खामियां छोड़ रखी हैं। परिषद ने कच्चे नाले का निर्माण तो कराया लेकिन कई जगह नाले की संरचना सही नहीं होने के कारण अब अवरुद्ध हो रहा है। तो वहीं रेलवे लाइन की दूसरी तरफ एसएन कॉलोनी और घोसला बिहार तक नाले का निर्माण करा उसे यूं ही अधूरा छोड़ दिया गया है। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि इससे गत वर्ष भी जलभराव हुआ और इस वर्ष भी जलभराव होने की उम्मीद है।

कच्चे नाले को एसएन कालोनी में छोड़ा अधूरा

इस नाले का निर्माण हुण्डावाल क्षेत्र से रतन गार्डन और रेलवे पुलिया से एसएन कॉलोनी और घोसला विहार होते हुए ओंडेला ताल तक होना था, लेकिन परिषद ने इस कच्चे नाले को एसएन कालोनी के पास खेतों में खुला छोड़ दिया है, यानी यहां से आगे नाले का निर्माण नहीं कराया गया। जिस कारण इस मानसून सीजन फिर क्षेत्र के 5 हजार लोगों का जलभराव की समस्या से जूझना पड़ सकता है। तो वहीं परिषद का कहना है कि पानी खेतों में से होते हुए ओंडेला ताल तक पहुंच जाएगा।

एसएन और घोसला विहार की स्थिति दयनीय

नाले की जलनिकासी सही नहीं होने के कारण गत वर्ष मानसून के दौरान एसएन कालोनी और घोसला विहार कालोनी में भारी जलभराव देखने को मिला था। कई घरों में पानी भर गया और लोग घरों में ही कैद होकर रह गए, यह स्थिति मानसून तक जारी रही। हालात यह थे दोनों कॉलोनियों के लोग जलभराव के कारण आमने-सामने तक आ गए, मामला पुलिस तक भी पहुंच गया। दोनों ही कॉलोनियों के लोगों ने परिषद पर गलत तरीके से नाला निर्माण करने का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन भी किया।

नहर ब्लॉक, अपेक्स कालोनी में होता जलभराव

शहर में होने वाले जलभराव को दूर करने के लिए परिषद ने निभी के ताल से ओवर फ्लो होने वाले पानी को निकालने के लिए नहर की सफाई कराई लेकिन, अपेक्स कॉलोनी के बास रेलवे लाइन पर अंडर ग्राउंड रास्ता बनने के कारण नहर के बंद होने से जलनिकासी का रास्ता नहीं मिल सका। गत वर्ष क्षेत्र में भारी जलभराव देखने को मिला। तो वहीं इस वर्ष इस समस्या पर भी परिषद का कोई ध्यान नहीं गया। इस कारण इस सीजन भी अपेक्स कॉलोनी सहित हुण्डावाल क्षेत्र में फिर जलभराव की आशंका बढ़ गई है।

करोड़ों खर्च...फिर भी नाले और सीवर चौक

शहर में होते जलभराव का एक कारण शहर के नाले और चैम्बर भी हैं। जिनके सफाई नाम पर प्रतिवर्ष लाखों रुपए ठेकेदार लूटते हैं, मगर समस्या जस की तस बनी रहती है। इस वर्ष भी जहां4जानों के 27 छोटे-बड़े नालों का ठेका75 लाख रुपए में दिया गया है, लेकिन अभी तक इन नालों की पूर्णरूप से सफाई नहीं हो पाई है और जहां सफाई हुई भी हैं वहां सिर्फ खानापूर्ति ही की गई है और अब वहां फिर दोबारा नाले जाम हो रहे हैं। ऐसा ही सीवरों की सफाई में देखने को मिल रहा है। यहां भी ३ साल तक के लिए 2 करोड़ 35 लाख में ठेका दिया गया है, लेकिन शहर में कहीं सीवर सफाई का काम दिखता ही नहीं। जगह-जगह चौक सीवर उफान मार रहे हैं।

शहर में होने वाले जलभराव को दूर करने नालों का निर्माण कराया गया है। जिनमें सौ फुटा से आईटीआई नाला और हुण्डावाल क्षेत्र से ओंडेला तक पहुंचने वाला नाला है। तो वहीं नालों की सफाई कराई गई है।

-प्रकाश श्रीवास्तव, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक