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Dholpur: कैसे होगा नशामुक्त भारत, सरकारी दफ्तर और सार्वजनिक स्थलों पर आसानी से बिक रहे तंबाकू उत्पाद

शहर में सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू उत्पाद आसानी से मिल रहे हैं। चाहे वह केन्द्रीय बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन या फिर उद्यान और खेल के मैदान के बाहर बिकते हुए देखे जा सकते हैं। शहर में सरस पॉर्लर बूथों पर भी यह तंबाकू, गुटखा और सिगरेट आसानी से उपलब्ध हैं।
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Dholpur news

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धौलपुर. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के तत्वावधान में संचालित नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिलेभर में कई जागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। जिला मुख्यालय पर रन फॉर नशा मुक्त भारत साइकिल रैली का आयोजन किया गया। जिसका उद्देश्य युवाओं एवं आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।

लेकिन जिस कलक्ट्रेट से साइकिल रैली निकाली गई, उसके गेट के बाहर ही तंबाकू उत्पाद आसानी से मिल रहे हैं। यह दृश्य केवल जिला कलक्टे्रट के बाहर का नहीं बल्कि सार्वजनिक स्थान चाहे वह केन्द्रीय बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन या फिर उद्यान और खेल के मैदान के बाहर भी यही स्थिति है। शहर में सरस पॉर्लर बूथों पर भी यह तंबाकू, गुटखा और सिगरेट आसानी से उपलब्ध हैं। कुछ समय पूर्व तो बाड़ी रोड स्थित नवीन जिला अस्पताल के गेट पर स्थित पॉर्लर बूथ से स्वयं जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी ने गुटखा के ढेरों पाउच बरामद किए थे।

शिक्षण संस्थान और अस्पतालों के पास बिक्री पर बैन

तंबाकू उत्पादों के प्रभाव से विद्यार्थियों को बचाने के लिए स्कूल व कॉलेज समेत अन्य शिक्षण संस्थानों के पास इन्हें नहीं बेचा जा सकता है। स्कूल व कॉलेज से 100 गज (मीटर) के दायरे में तंबाकू उत्पाद बेचना पूरी तरह से गैर कानूनी है। इसी तरह सार्वजनिक स्थानों पर ध्रूमपान करना निषेध है। इन स्थल पर बीड़ी, सिरगेट और अन्य तंबाकू का उपयोग करना दंडनीय अपरा है। अगर ऐसा करते हुए कोई मिलता है तो 200 रुपए जुर्माना लगता है। वहीं, 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचना या इनके जरिए बिक्री करनवाना पूरी तरह से गैर कानूनी है। हालांकि, वैसे बीच में कोटपा अधिनियम के तहत केवल टारगेट पूर्ण करने की कार्रवाई जरुर होती है।

संगोष्ठी तक सीमित, कार्रवाई सुस्त

नशामुक्त भारत अभियान के तहत जिलेभर में विभिन्न जागरूकता गतिविधियां गत २६ जून तक आयोजित की गई। इसमें रैलियां, शपथ कार्यक्रम, संगोष्ठियां एवं जनजागरूकता अभियान शामिल रहे। जिला कलक्टर के जरिए पोस्टर का भी विमोचन करवाया गया। लेकिन सवाल ये है कि जब संस्थानों के बाहर ही आसानी से गुटखा-तंबाकू उपलब्ध हैं तो फिर जागरुकता अभियान कितना असरदार होगा। हालांकि, जिला अस्पताल के नवीन भवन में पत्रिका ने गत दिनों गुटखों की रंगबाजी भी दिखाई। जिसके बाद अब स्थानीय प्रशासन सतर्क है और तैनात गार्ड परिसर में कोई बीड़ी, सिगरेट और तंबाकू खाते नजर आ रहा तो जुर्माना किया जा रहा है। लेकिन यहां जो स्टाफ मुंह चबा रहा है, उसको लेकर कितनी कार्रवाई है, इस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

कोटपा अधिनियम में होती है कार्रवाई

वैसे तो कोटपा अधिनियम 2003 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने, तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन और शैक्षणिक संस्थानों के पास उनकी बिक्री पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। उल्लंघन करने पर पकड़े जाने पर आर्थिक जुर्माने और कई मामलों में जेल तक का प्रावधान है। शहरी क्षेत्र में नगर परिषद प्रशासन की ओर से बीच-बीच में कुछ कार्रवाई होती है। इसी तरह स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी रसीदें कटती हैं लेकिन यह केवल आंकड़े तक सीमित है। जबकि शहर में लाइसेंसी शराब ठेकों का समय सुबह 10 से रात 8 बजे तक है लेकिन यह संचालित रात 11बजे तक हो रहे हैं। कहीं और जाने की जरुरत नहीं है, शहर में कोतवाली थाना समेत अन्य क्षेत्रों में आसानी से शराब उपलब्ध है।

- नशा मुक्त कार्यक्रम के तहत जागरुकता अभियान चलाया गया था। पोस्टर विमोचन किया, साइकिल रैली निकाली और समझाइश भी की गई। जुर्माना की कार्रवाई नगर परिषद प्रशासन और अस्पताल में स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की ओर से की जाती है।

- देवेंद्र सिंह जांगल, जिला परिवीक्षा एवं समाज कल्याण अधिकारी