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साइबर अपराध पर कसेगी नकेल, थानों में शुरू होगी हेल्प डेस्क

आधुनिक दौर में बढ़ते साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए और पीडि़त लोगों की तुरंत सुनवाई के लिए पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार जिले के सभी थानों में साइबर हेल्प डेस्क बनाई जा रही है।

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साइबर अपराध पर कसेगी नकेल, थानों में शुरू होगी हेल्प डेस्क Cyber ​​crime will be curbed, help desks will be started in police stations

- पुलिसकर्मियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण

धौलपुर. आधुनिक दौर में बढ़ते साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए और पीडि़त लोगों की तुरंत सुनवाई के लिए पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार जिले के सभी थानों में साइबर हेल्प डेस्क बनाई जा रही है। इसके अलावा पीएचक्यू जयपुर में साइबर अपराध के शिकार पीडि़त लोगों की मदद के लिए राज्य स्तरीय दो वाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9256001930 व 9257510100 शुरू किए हैं। पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरड़ा ने बताया है कि सायबर धोखाधड़ी से पीडि़त लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पुलिस मुख्यालय के निर्देशन में जिले के सभी थानों पर साइबर हेल्प डेस्क शुरू की जा रही है। इसके लिए पुलिस लाइन में थानों से चयनित पुलिसकर्मियों का 2 से 6 जुलाई तक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में साइबर अपराध रोकने, पीडि़त लोगों की शीघ्र मदद की बारीकी सिखाई जा रही हैं।

जिले में मोबाइल गुम या चोरी होनी की भी कई घटनाएं होती हैं। इसके लिए भी मोबाइल गुम होने पर हेल्पडेस्क राजस्थान पुलिस की वेबसाइट पर ऑनलाइन या ऑफलाइन रिपोर्ट दर्ज करने और सीईआइआर पोर्टल पर डिवाइस को ब्लॉक करवा सकेंगे। इसके अलावा नेशनल हेल्पलाइन नंबर 1930 के माध्यम से फ्रीज की गई धनराशि को आपके बैंक खाते में वापस दिलाने की प्रक्रिया में साइबर हेल्प डेस्क सहायता करेगी। यह साइबर हैल्प डेस्क फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर बने फर्जी अकाउंट की रिपोर्ट करने या उन्हें बंद करवाने की कार्रवाई में भी मदद करेगी।

मेवात में हो चुकी ताबड़तोड़ कार्रवाई

उधर, भरतपुर रेंज में साइबर ठगी के लिए कुख्यात रहे मेवात क्षेत्र में बड़े स्तर पर कार्रवाई से घटनाओं में कमी आई। हरियाणा से सटे उक्त इलाका साइबर अपराधों के लिए खासा बदनाम रहा है। भरतपुर में से नवीन जिला डीग बनने के बाद अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हुई। साथ ही अपरािधयों के आलीशान मकानों पर भी कार्रवाई की गई थी।