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साइबर ठगों के बदले ट्रेंड से फंस रहे आमजन, मेहनत की कमाई कुछ ही मिनटों में गंवा रहे लोग

– साइबर थाने में पीड़ा सुनाते भावुक हो रहे लोग, बोले – विश्वास कर लिया साहब…पता नहीं था ऐसा होगा – बैंक खातों को बेचने वाले अब पुलिस राडार पर, जांच के दायरे में 327 खाते – जिले के साइबर थाने में मार्च तक 469 शिकायत दर्ज धौलपुर. साइबर फ्रॉड की घटनाएं अब इंटरनेट की […]

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साइबर ठगों के बदले ट्रेंड से फंस रहे आमजन, मेहनत की कमाई कुछ ही मिनटों में गंवा रहे लोग Cyber ​​fraudsters are trapping ordinary people, losing their hard-earned money in minutes

- साइबर थाने में पीड़ा सुनाते भावुक हो रहे लोग, बोले

- विश्वास कर लिया साहब...पता नहीं था ऐसा होगा

- बैंक खातों को बेचने वाले अब पुलिस राडार पर, जांच के दायरे में 327 खाते

- जिले के साइबर थाने में मार्च तक 469 शिकायत दर्ज

धौलपुर. साइबर फ्रॉड की घटनाएं अब इंटरनेट की स्पीड की तरह रफ्तार पकड़ रही है। साइबर ठगों के निशाने पर सामान्य लेकर हर वो शख्स है, जो सोशल मीडिया पर नजर आ रहा है। साइबर ठग पहले बड़े शहरों में ही लोगों को निशाना बनाते थे, इसकी इसकी वजह थी कि सोशल मीडिया पर यहां के लोगों की हलचल अधिक थी लेकिन अब गांव-ढाणी से लेकर कस्बा और शहर के लोग आसानी से निशाने पर हैं। धौलपुर जिले में भी भी साइबर फ्रॉड की अलग-अलग शिकायतों में तेजी आई है। इस साल जनवरी से मार्च तक 3 माह में ही 469 शिकायतें एनसीआरपी के जरिए प्राप्त हो चुकी है। वहीं, गंभीर साइबर अपराधों में पुलिस 17 एफआइआर दर्ज कर 10 जनों को गिरफ्तार कर चुकी है जबकि बीते साल 2025 22 एफआइआर दर्ज हुई थी। उधर, साइबर अपराधी पुराने पैटर्न को छोडकऱ ट्रेंड में चल रहे तरीके को काम में लेते हैं। सामने वाला शख्स आसानी से शिकार बन जाता है और अपनी पूंजी गवा बैठता था। जिले में तीन माह में 1 करोड़ 17 लाख 78 हजार 720 रुपए की राशि दूसरे खातों में जा चुकी है। शिकायत पर पुलिस अभी तक 3 लाख 84 हजार 771 रुपए राशि वापस करवा पाई है। राशि की कम बरामदगी की वजह से मल्टीपल बैंक खातों में राशि का तेजी से सर्कुलेशन होना है। ऐसे में शिकायत होने तक साइबर अपराधी अलग-अलग खातों के जरिए राशि निकाल कर चंपत हो जाता है। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर समय शिकायत होती है तो काफी हद तक राशि को सुरक्षित बचा लिया जाता है।

पुलिस ने अब खंगाले 327 संदिग्ध खाते

साइबर अपराधी भी अब पहले से अधिक सतर्क हुए हैं। वह सीधे तौर पर अपना कोई आईडी या खाता इस्तेमाल नहीं करते। वह ग्रामीण, युवा और उन लोगों के बैंक खाते इस्तेमाल करते हैं, जो इस क्राइम से बेखबर हैं। अब राजस्थान पुलिस ने प्रदेशभर में 1 से 30 अप्रेल के बीच म्यूल हंटर अभियान चलाया है। इसके तहत संदिग्ध बैंक खाते जिसमें अचानक से लेनदेन हुआ है, उन्हें चिह्नित कर कार्रवाई की जा रही है। साइबर पुलिस ने जिले में अभी तक ऐसे करीब 327 बैंक खाते जांच में लिए हैं। संदिग्ध लेनदेन को लेकर पुलिस अभी तक 11 एफआइआर और 12 जनों को गिरफ्तार कर चुकी है। खास बात ये है कि लालच में आकर व्यक्ति अपने मूल खाते को एक तरह से बेच देता है और साथ में एटीएम और पासबुक भी सौंप देता है। जिससे गलत तरीके से राशि इन खातों में मंगवा कर वह आसानी से निकाल रहे हैं। जांच में पकड़ा जाता है तो मूल खाताधारक पुलिस की गिरफ्त में आता है जबकि असल निकल जाता है।

लालच...से रहे दूर, तो बचे रहेंगे

साइबर थाने में कार्यरत हैड कांस्टेबल अमित शर्मा ने बताया कि साइबर अपराधी शख्स को फंसाने के लिए लालच देते हैं। फिर व्यक्ति उनके जाल में फंस जाता है। सोशल मीडिया पर अनजान शख्स से तुरंत दोस्ती करने से बचना चाहिए। साथ ही घर में छोटे बच्चे और गेम खेल रहे बच्चों की गतिविधि पर ध्यान देना चाहिए कि कोई उन्हें अपने झांसे में तो नहीं ले रहा है। अगर कुछ गड़बड़ है तो शिकायत करें।

केस न.1-

सोशल मीडिया पर यूपी निवासी एक महिला का एक अनजान शख्स से हुआ। बातचीत हुई और उसने विदेश में काम दिलाने का वादा किया। जिस पर पासपोर्ट और वीजा जरुरी होना बताया। शख्स ने कागजात बनवाने की बात कही और धीरे-धीरे पैसे ले लिए। महिला उसकी बातों में आ गई और करीब 1.10 लाख रुपए अलग-अलग समय में ट्रांसर्फर कर दिए। उसे शक हुआ तो वह वापस पैसे मांगे तो नम्बर बंद मिला। उक्त शख्स ने पहले पाकिस्तान के इंटरनेशनल कोड 92 से बात की थी। अब पीडि़ता ने साबइर थाने में गुहार लगाई है।

केस न.2

- इसी तरह एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखा। जिसमें सरकार से पेंशन मिलने का दावा किया। उक्त व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर आए विज्ञापन में संदिग्ध नम्बर पर बात की। दूसरी तरफ से अनजान शख्स ने स्वयं को सरकारी कर्मचारी बताया और पेंशन के लिए आवश्यक कागजात मांगे। कुछ कागजात उसने दे दिए और करीब 6 हजार से अधिक रुपए अलग-अलग फाइलिंग के नाम ट्रांसर्फर करवा लिए। व्यक्ति को लगातार पैसे मांगने पर शक हुआ तो उसने फिर राशि देने से मना कर दिया। अनजान शख्स डिमांड करता रहा। पीडि़त ने अब साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

जिले में साइबर फ्रॉड के मामले

साल शिकायतें निस्तारण की राशि वापस मिली एफआइआर गिरफ्तारी

2024 1317 775 62379700 4570465 18 8

2025 1599 590 44582805 3434574 22 23

2026 469 164 11778720 384771 17 10

(नोट: साल 2026 का डेटा मार्च तक)

- साइबर फ्रॉड की संख्या बढ़ रही है। यह सीधे तौर पर लालच में फंसना है। सोशल मीडिया पर अनजान शख्स की बातों में नहीं आना चाहिए। अगर कोई गलत तरीके से कुछ व्यवहार कर रहा है या धमका रहा है तो साइबर थाने पर शिकायत करें। समय रहते उचित कार्रवाई होगी। किसी अनजान शख्से भयभीत होने की जरुरत नहीं है, केवल सावधानी बरतें।

- विकास सांगवान, पुलिस अधीक्षक धौलपुर