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बांग्लादेश में हमारी खल की मांग, फिर जा सकती हैं मालगाड़ी

धौलपुर. आगरा मण्डल के धौलपुर रेलवे स्टेशन से पहली बार अगस्त माह में बांग्लादेश गई मालगाड़ी के सफल प्रयोग के बाद अब फिर से अक्टूबर के अंत तक मालगाड़ी जा सकती है। हालांकि इसका निर्णय रेलवे के उच्च अधिकारी करेंगे, लेकिन रेलवे को फिलहाल 8 से 10 मांगपत्र मिले हैं। अगर यहां से मालगाड़ी बांग्लादेश जाती है तो रेलवे को लाखों रुपए की आय होगी।

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Demand for our Khal in Bangladesh, goods train may go again

बांग्लादेश में हमारी खल की मांग, फिर जा सकती हैं मालगाड़ी

बांग्लादेश में हमारी खल की मांग, फिर जा सकती हैं मालगाड़ी

- रेलवे को होगी लाखों की आय
धौलपुर. आगरा मण्डल के धौलपुर रेलवे स्टेशन से पहली बार अगस्त माह में बांग्लादेश गई मालगाड़ी के सफल प्रयोग के बाद अब फिर से अक्टूबर के अंत तक मालगाड़ी जा सकती है। हालांकि इसका निर्णय रेलवे के उच्च अधिकारी करेंगे, लेकिन रेलवे को फिलहाल 8 से 10 मांगपत्र मिले हैं। अगर यहां से मालगाड़ी बांग्लादेश जाती है तो रेलवे को लाखों रुपए की आय होगी।उल्लेखनीय है कि रेलवे के इतिहास में पहली बार 15 अगस्त माह में कोलकाता के एक व्यापारी ने 42 वैगन की मालगाड़ी को बांग्लादेश के दर्शना स्टेशन भेजा था। जो दो दिन में ही माल पहुंचाकर वापस भारत आ गई थी। धौलपुर रेलवे के वाणिज्य अधिकारी आर.सी. मीणा ने बताया कि कोलकाता की कंपनी बीके उद्योग लिमिटेड बांग्लादेश में पशुओं के खल पहुंचाने का व्यापार करती है। 15 अगस्त को कंपनी की ओर से धौलपुर रेलवे स्टेशन से 58 लाख 42 हजार रुपए में एक मालगाड़ी को बुक करके बांग्लादेश के दर्शना रेलवे स्टेशन पहुंचाया था। जिसमें लगे 42 वैगन में पशुओं का खल भरा हुआ था। 2 दिन में बांग्लादेश में माल उतारने के बाद मालगाड़ी वापस भारत आ गई।

मांगी 8 से 10 गाडिय़ां
वाणिज्यिक अधिकारी ने बताया कि अब कंपनी ने 8 से 10 से गाडिय़ों को धौलपुर से लोड कर बांग्लादेश पहुंचाने का निर्णय किया है। जिसके चलते अक्टूबर के अंत में पशुओं के खल से भरी एक मालगाड़ी को बांग्लादेश के रोहनपुर स्टेशन के लिए रवाना किया जाएगा। यह कार्य मंडल स्तर के अधिकारियों के प्रयास से ही सफल हुआ है।

बहुतायत में होती है सरसों
मीणा ने बताया कि धौलपुर के नजदीक एमपी व यूपी के इलाकों में सरसों की अधिक पैदावार होती है। वहीं भरतपुर तथा इसके आसपास तेल मिल भी बहुत संख्या में हैं। जहां पर भारी मात्रा में खल निकलती है। जिसको पशुओं के पोषाहार में काम लिया जाता है। वहां से व्यापारी खरीद कर धौलपुर रेलवे स्टेशन से दूसरे व्यापारियों को निर्यात करते हैं।