
जिले में डेंगू का कहर अब तक मिल चुके 560 मरीज, आंकड़े देख चिंता में स्वास्थ्य विभाग
जिले में डेंगू का कहर अब तक मिल चुके 560 मरीज, आंकड़े देख चिंता में स्वास्थ्य विभाग
धौलपुर. जिले में बुखार व डेंगू का प्रकोप तेजी से फैलने लगा है। जिससे नागरिकों में भय बना हुआ है। गुरुवार को आई एलाइजा रिपोर्ट में 38 मरीज डेंगू पॉजिटिव पाए गए। लगातार बड़ी संख्या में निकल रहे पॉजिटिव मरीजों को लेकर स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वर्तमान में 992 मरीजों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। जिससे सभी बेड फुल भरे हुए है। वहीं अब तक जिले में 560 डेंगू पॉजिटिव मरीज निकल चुके है।
जिले में बुखार के साथ-साथ डेंगू भी तेजी से जिले में पैर पसार रहा है। जिससे स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू को लेकर स्थिति सामान्य को लेकर किए जा रहे दावे खोखले साबित हो रहे हैं। जिससे नागरिकों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति नारागजी देखी जा रही है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के सीएचएमओ डॉ. जयंती लाल मीणा ने सभी को निर्देश दिए है। कि बुखार आने पर सरकारी अस्पताल में डेंगू की एलाइजा जांच कराए। जिससे बुखार को सही समय पर कंट्रोल किया जा सकें। लगातार बढ़ रही डेंगू पॉजिटिव मरीजों की संख्या से स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। सबसे अधिक पॉजिटिव मरीज शहर में मिल रहे है। इसका मुख्य कारण नगर परिषद की ओर से सफाई कार्य में बरती जा रही लापरवाही है।
शहर के दो दर्जन से अधिक कॉलोनियों में जलभराव और गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियां पनप रही हैं। जिला कलक्टर अनिल कुमार अग्रवाल की ओर से लगातार सफाई व्यवस्था दुरस्त रखने के नगर परिषद को निर्देश दिए जा रहे हैं। किंतु नगर परिषद के अधिकारियों की अनदेखी के कारण कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। वहीं शहर के आनंद नगर से महावीर कुलश्रेष्ठ, शिवनगर पोखरा से रामकुमार, हुंडावाल नगर से मनोज कुमार, रविन्द्र कुमार, गुरमेल कॉलोनी से वंदना गर्ग, सैंपऊ रोड से राजेश शर्मा, आशुतोष कुमार सहित अन्य कॉलोनियों के लोगों ने नगर परिषद आयुक्त से कई बार साफ सफाई कराए जाने को लेकर शिकायतें की गईं। लेकिन उसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। जिससे नगर में डेंगू जैसी गंभीर बीमारी फैल रही है।
अस्पताल में मरीजों से वार्ड फुल-
जिला अस्पताल में बुखार से अस्पताल में मरीजों से बेड फुल है। लगातार बुखार के मरीजों की पहचान हो रही है। इसके साथ ही डेंगू के मरीज भी प्रतिदिन हो रहे है। अस्पताल में एक बेड पर दो से तीन मरीज लेटकर इलाज करा रहे है। जिससे वार्ड मरीजों से फुल भरे हुए है। वहीं वार्ड में साफ-सफाई ठीक से नहीं होने से मरीज परेशान हो रहे है।
डेंगू वार्ड नहीं बना सका अस्पताल प्रशासन-
जिले में डेंगू मरीजों की पहचान जुलाई में शुरू हो गई थी। जुलाई में एलाइजा जांच से डेंगू के आठ मरीजों की पहचान हुई थी। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू मरीजों के लिए मच्छर रहित 20 बेड का वार्ड बनाने का दावा किया था। लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद मच्छर रहित वार्ड अस्पताल में नहीं बन सका। जिससे डेंगू मरीजों को अस्पताल में भी मच्छर डंक मार रहे है।
घर से ला रहे बेड के लिए चादर-
जिला अस्पताल में वार्डो में भर्ती मरीजों के लिए अस्पताल के वार्ड प्रभारी की ओर से मरीजों को दी जाने वाले चादरों की व्यवस्था करनी होती है। शहर के मरीज तो अपने घर से फोन करके चादरें मांग रहे है। वहीं आसपास गांव के मरीजों के परिजन वार्ड प्रभारी से चादरों के लिए कई बार कहते है लेकिन उनको चादरें नहीं मिल रही है। जिससे मरीजों को संक्रमण बीमारियों फैलने का डर बना हुआ है।
अस्पताल में मरीजों की संख्या ज्यादा है। लगातार बुखार, डेंगू व अन्य के मरीज भर्ती हो रहे है। तीन सौ बेड की क्षमता अस्पताल में है। वर्तमान में 992 मरीज भर्ती है। व्यवस्थाओं को दुरस्त करने के निर्देश भी दिए गए है।
- डॉ. समरवीर सिंह सिकरवार, पीएमओ जिला अस्पताल धौलपुर
Published on:
14 Oct 2023 07:06 pm

बड़ी खबरें
View Allधौलपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
