
डीजीपे सखी; डोर टू डोर मॉडल के तहत लॉकडाउन में बुजुर्गों, असहाय, की कर रही हैं मदद
डीजीपे सखी; डोर टू डोर मॉडल के तहत लॉकडाउन में बुजुर्गों, असहाय, की कर रही हैं मदद
राजाखेड़ा. लॉकडाउन के चलते ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बैंकिंग सुविधा का लाभ नहीं मिल पाने तथा परेशानी को देखते हुए जिले में राजीविका व सीएससी द्वारा नियुक्त डिजीपे सखी गांवों में घर-घर पहुंचकर वृद्धावस्था पेंशन, नरेगा, किसान सम्मान निधि, जनधन खातों से सीएससी द्वारा विकसित आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम डिजीपे एप से भुगतान कर रही हैं। यह महिलाएं अपने साथ स्मार्ट मोबाइल फोन और बायोमेट्रिक डिवाइस द्वारा बैंक खाते से निकासी व बैलेंस चेक की सुविधा ग्रामीणों को उपलब्ध करा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा अंजाम दिए जा रहे इस कार्य को लोग अब एक नई दिशा के साथ नए भारत की संज्ञा दे रहे हैं।
यह हैं हर ब्लॉक के उदाहरण
राजाखेड़ा ब्लॉक के दिघी गांव की निवासी नीतू आसपास के गांव के लोगों को बैंकिंग सुविधा दे रही हैं। लॉकडाउन के कारण ग्रामीण बैंक संबंधी काम के लिए शहर में नहीं जा रहे हैं। पेंशनरों को बैंक से राशि निकालने में परेशानी हो रही थी, परन्तु अब डिजीपे सखी द्वारा गांव में ही पेंशन का भुगतान कर देने से गांववासियों को बड़ी सहूलियत मिली है।
बाड़ी उपखंड के सनौरा ग्राम पंचायत के गांव गडरपुरा में डिजीपे सखी कृष्णा बघेल सुबह ही मोबाइल और बायोमेट्रिक डिवाइस लेकर लोगों को पेंशन भुगतान करने के लिए घर से निकल जाती हैं।
सैंपऊ तहसील की पंचायत गढ़ी चटोला केगांव दूबेपुरा की निवासी डिजीपे सखी रजनी पति के साथ बाइक से गांव-गांव जाकर लोगों को पेंशन का भुगतान करती हैं। जब बुजुर्गों को घर बैठे पेंशन या अन्य भुगतान मिलता है तो वह स्नेह से आशीर्वाद देते हैं। डिजीपे सखी बनने से सम्मान के साथ ही स्थाई रोजगार भी मिल गया है।
धौलपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत ओदी के अल्हेपुरा गांव की डिजीपे सखी पूनम गांव में घर-घर जाकर पेंशन, नरेगा, छात्रवृत्ति, सम्मान निधि, जन धन खातों का भुगतान कर रही हैं। पूनम बताती हैं कि अब वह गैस सिलेण्डर बुकिंग, बीमा की किश्त, मोबाइल रिचार्ज जैसे काम भी सीएससी से घर पर ही गांव वासियों को सुविधा उपलब्ध करा देती हैं।
जिला कलक्टर ने दिलाई जिले में डिजीपे को पहचान
कोरोना काल में जिला कलक्टर राकेश कुमार जायसवाल ने ग्रामीण क्षेत्र में बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, महिलाओं को घर पर ही पेंशन, नरेगा, नकद लाभ, जन धन खातों में भुगतान के लिए डोर टू डोर पेंशन वितरण की मुहिम चलाई। जिसमे सीएससी केंद्रों ने मोबाइल और बायोमेट्रिक डिवाइस से डिजीपे आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के जरिए गांव वासियों को घर बैठे भुगतान किया।
अप्रेल और मई माह में 31905 लोगों को किया भुगतान
सीएससी जिला प्रबंधक केशर खान ने बताया कि जिले में अप्रेल और मई माह में 318 सीएससी केंद्रों ने आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम डिजीपे के माध्यम से 31905 लोगों को 8 करोड़ 30 लाख 78 हजार 5 सौ 10 रुपए का भुगतान किया है। यह धोलपुर जैसे पिछड़े जिले में एक बड़ा आंकड़ा है, जो अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार के क्षेत्र में एक नई राह दिखा रहा है।
आईरिस मशीन और माइक्रो एटीएम से भी भुगतान की सुविधा
कॉमन सर्विस सेंटर पर जिन लोगों के बायोमेट्रिक निशान नही आने पर आंखों के निशान का आईरिस मशीन से मिलान कर भुगतान प्राप्त कर सकते हैं। जिले में 14 सीएससी केंद्रों पर आईरिस मशीन लगाई गई हैं। ग्रामीण क्षेत्र में अब एटीएम कार्ड के माध्यम से भी भुगतान की सुविधा सीएससी केन्द्रों पर शुरू की गई हैं। जिले में 21 सीएससी केंद्रों पर माइक्रो एटीएम लगाए गए हैं।
Published on:
05 Jun 2021 08:50 pm

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