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राजस्थान रेल नेटवर्क से जुड़ेगा धौलपुर, अब नहीं जाना पड़ेगा आगरा व भरतपुर

पूर्वी राजस्थान का धौलपुर रेलवे स्टेशन आगामी पन्द्रह माह प्रदेश के महत्वपूर्ण रेल नेटवर्क वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे (डब्ल्यूसीआर) से सीधा जुड़ जाएगा। यानी कोटा होकर मुंबई या गुजरात जाने वाले यात्री व विद्यार्थियों को अब करीब 100 किलोमीटर मीटर का अतिरिक्त फेरा नहीं लगाना पड़ेगा।

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राजस्थान रेल नेटवर्क से जुड़ेगा धौलपुर, अब नहीं जाना पड़ेगा आगरा व भरतपुर

राजस्थान रेल नेटवर्क से जुड़ेगा धौलपुर, अब नहीं जाना पड़ेगा आगरा व भरतपुर

धौलपुर. पूर्वी राजस्थान का धौलपुर रेलवे स्टेशन आगामी पन्द्रह माह प्रदेश के महत्वपूर्ण रेल नेटवर्क वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे (डब्ल्यूसीआर) से सीधा जुड़ जाएगा। यानी कोटा होकर मुंबई या गुजरात जाने वाले यात्री व विद्यार्थियों को अब करीब 100 किलोमीटर मीटर का अतिरिक्त फेरा नहीं लगाना पड़ेगा। अभी तक कोटा जाने के लिए स्थानीय लोगों को भरतपुर, बयाना या फिर आगरा स्टेशन (ईदगाह) से ट्रेन पकडऩी पड़ती थी। जिससे अनावश्यक समय खर्च होने के साथ भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। साथ ही प्रदेश की राजधानी जयपुर से यात्री ट्रेन मार्ग से जा सकेंगे। अभी आगरा और भरतपुर होकर जयपुर जाना पड़ रहा है। आपको बता दें कि धौलपुर छोटी रेल लाइन (नैरागेज) को गत दिनों रेलवे ने संचालन बंद कर इस पर ब्रॉडगेज लाइन का कार्य शुरू कर दिया था। इस नवीन धौलपुर-सरमथुरा रेल परियोजना पर कुल खर्चा 608.32 करोड़ रुपए का आएगा। यह रेल ट्रेक 69.10 किलोमीटर का है। जबकि गंगापुरसिटी तक इसकी दूरी बढकऱ 144.6 किलोमीटर हैं।


सर्वे और भूमि अधिग्रहण कार्य 15 अगस्त तक, फिर निर्माण कार्य शुरू

धौलपुर-सरमथुरा रेल परियोजना पर वर्तमान में रेलवे अधिकारियों की अलग-अलग टीमें सर्वे और भूमि अधिग्रहण कार्य में जुटी हैं। उक्त कार्य की समय सीमा 15 अगस्त 2023 रखी गई है। इसके बाद सिविल कार्य शुरू हो जाएगा। गौरतलब रहे कि छोटी रेलवे लाइन को हटाना और फिर नवीन ब्रॉडगेज लाइन कार्य को लेकर रेलवे अधिकारी इन दिनों पूरी तरह से जुटे हुए हैं। इसकी वजह उक्त प्रोजेक्ट को तय सीमा सीमा में समाप्त करनी रेल मंत्रालय से जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही प्रोजेक्ट की समय सीमा अक्टूबर 2024 तय कर रखी है। यानी अगले साल सर्दियों यात्री धौलपुर से सीधे कोटा का सफर कर सकेंगे।

डब्ल्यूसीआर रेल नेटवर्क से जुड़ सकेगा एनसीआर

इस परियोजना के पूर्ण होने पर उत्तर-मध्य रेलवे धौलपुर से डब्ल्यूसीआर रेल नेटवर्क से जुड़ सकेगा। डब्ल्यूसीआर रेल नेटवर्क रेलवे का महत्वपूर्ण जोन है। इसकी वजह से उक्त नेटवर्क बिहार, पश्चिम बंगाल और उत्तरप्रदेश व दिल्ली को सीधे महाराष्ट्र व गुजरात जैसे अहम प्रदेशों को जोड़ता है। धौलपुर जहां एनसीआर में आता है तो पड़ोसी जिला भरतपुर डब्ल्यूसीआर में है और इसका मण्डल कार्यालय कोटा है। अभी तक डब्ल्यूसीआर में ट्रेनें आगरा व मथुरा की तरफ से भरतपुर सीमा से होकर गुजरती हैं। विशेष बात ये है कि भरतपुर रेलवे स्टेशन डब्ल्यूसीआर में है लेकिन एनसीआर का रेल नेटवर्क भरतपुर से नदबई होते हुए बांदीकुई तक है।


धौलपुर-सरमथुरा रेल परियोजना एक नजर में

धौलपुर-गंगापुरसिटी रेल मार्ग की दूरी 144.6 किमी.
धौलपुर-सरमथुरा रेल मार्ग की दूरी 69.10 किमी.
धौलपुर-सरमथुरा रेल परियोजना का सिविल वर्क 608.32 करोड़ रुपए
सरमथुरा तक रेल प्रोजेक्ट में एसएनटी पर खर्च 59.73 करोड़ रुपए
सरमथुरा तक इलेक्ट्रिक रेल लाइन कार्य का खर्च 78.78 करोड़ रुपए
धौलपुर-सरमथुरा रेल परियोजना पर कुल खर्चा 746.83 करोड़ रुपए
धौलपुर-सरमथुरा रेल परियोजना प्रोजेक्ट पूर्ण समय अक्टूबर 2024


- धौलपुर-सरमथुरा रेल परियोजना का सर्वे कार्य 15 अगस्त तक पूर्ण हो जाएगा। इसके बाद सिविल कार्य शुरू किया जाएगा। परियोजना के लिए बजट पहले ही स्वीकृत हो चुका है। इस रेल लाइन के शुरू होने से धौलपुर समेत अन्य जिलों के लोगों के लिए कोटा की तरफ जाने में आसानी होगी।
- प्रशस्ति श्रीवास्तव, पीआरओ, आगरा रेल मण्डल