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dholpur: मानसून में 50 दिन शेष…अभी तक एक भी सडक़ का निर्माण नहीं

धौलपुर. 28 करोड़ की लागत से 27 सडक़ों का निर्माण किया जा रहा है। परिषद ने गौरव पथ से इसकी शुरुआत की थी, लेकिन डामर उपलब्ध नहीं होने के कारण सडक़ अधूरी रह गई। जिसके बाद परिषद अब सीसी रोडों का निर्माण कर रहा है। जिसकी शुरुआत मचकुण्ड- बाड़ी लिंक रोड से की गई है।

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धौलपुर. 28 करोड़ की लागत से 27 सडक़ों का निर्माण किया जा रहा है। परिषद ने गौरव पथ से इसकी शुरुआत की थी, लेकिन डामर उपलब्ध नहीं होने के कारण सडक़ अधूरी रह गई। जिसके बाद परिषद अब सीसी रोडों का निर्माण कर रहा है। जिसकी शुरुआत मचकुण्ड- बाड़ी लिंक रोड से की गई है। लेकिन मानसून आगमन में केवल 50 दिन का समय बचा है। ऐसी स्थिति में मानसून तक मुख्य सडक़ों का निर्माण असंभव दिख रहा है।

आने वाले एक साल के अंदर शहर की सडक़ों दशा सुधरने वाली है। जिसको लेकर शहर की छोटी-बड़ी 27 सडक़ों का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। जिसकी शुरुआत मचकुण्ड-बाड़ी लिंक रोड से प्रारंभ हो चुकी है। लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी इस सडक़ पर 5.5 इंच सीसी की जा रही है। इस सडक़ का निर्माण कार्य होने के बाद परिषद मचकुण्ड रोड का निर्माण प्रारंभ करेगा। ज्ञात हो कि शहर की 27 सडक़ों के निर्माण के लिए टेण्डर प्रक्रिया अपनाई गई थी। इन सडक़ों का निर्माण कार्य 8 करोड़ 32 लाख रुपए में किया जा रहा है। परिषद ने इसकी शुरुआत एक मात्र डामर रोड गौरव पथ से की थी, लेकिन डामर की उपलब्धता नहीं होने के कारण सडक़ का निर्माण कार्य बीच में छोडऩा पड़ा और अब सडक़ आधी-अधूरी स्थिति में ही पड़ी है और परिषद डामर आने का इंतजार कर रहा है। इस कारण पहले जहां-जहां सडक़ों का निर्माण कार्य होना है वहां सीवरेज और नालों की समस्याओं को पहले दुरुस्त कराया जा रहा है साथ ही ऊबड़ खाबड़ सडक़ों को समतलीकरण का कार्य भी किया जा रहा है।

एक माह बाद प्रारंभ हुआ सडक़ निर्माण

नगर परिषद और संवेदकों के ढुलमुल रवैए के कारण ही शहर के कार्य कभी समय पर नहीं हो पाते। जिसका कारण है वर्क ऑर्डर लेट जारी करना और अगर परिषद समय पर वर्क ऑर्डर जारी भी कर दे तो संवेदक लेट कार्य प्रारंभ करता है। गत वर्ष नाला सफाई के दौरान परिषद ने तय समय से लगभग एक माह बाद वर्क ऑर्डर जारी किए थे, जिस कारण संवेदक को नाला सफाई के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल सका। यही स्थिति इन सडक़ निर्माण में भी देखने को मिल रही है। परिषद ने 5 मार्च को वर्कऑर्डर जारी किए थे, लेकिन संवेदक लगभग एक माह बाद सडक़ निर्माण का कार्य प्रारंभ किया, जबकि एक साल के अंदर संवेदक को इन 27 सडक़ों का निर्माण कार्य पूर्ण करना है। अब समय के अभाव के कारण यह कार्य समय पर नहीं हो पाएगा और अगर समय पर करना चाहेंगे तो कार्य जल्दबाजी में किया जाएगा। जिस कारण गुणवत्ता का भी ध्यान न रखा जाए।

एक साल में करना है कार्य पूर्ण

शहर की विभिन्न छोटी-बड़ी 27 सडक़ों के निर्माण का ठेका नगर परिषद ने रामहरि कंस्ट्रक्शन को दिया है। संवेदक को यह काम एक साल के अंदर कम्पलीट करना होगा। जिसका वर्क ऑर्डर 4 मार्च को जारी किया गया था। इस हिसाब से फर्म को 4 मार्च 2027 तक सारी 27 सडक़ों का निर्माण करना होगा। इसके अलावा संंबंधित फर्म अगले 5 साल तक सडक़ों में होने वाली टूट-फूट के साथ अन्य मेंटेनेंस का कार्य भी करेगी। बताया जा रहा है कि टेंडर फर्म ने 27.57 फीसदी बिलो में लिया है।

नर्सरी से उर्मिला बिहार तक बनेगा पक्का नाला

नगर परिषद मानसून सीजन से पहले शहर में होने वाले जलभराव को भी दूर करने पर कार्य कर रहा है। जिसको लेकर शहर के चार जोनों के नालों की सफाई का कार्य प्रारंभ हो चुका है। तो वहीं नर्सरी क्षेत्र में होने वाले जलभराव को दूर करने के लिए परिषद नर्सरी के बगल से पक्के नाला का निर्माण कराने जा रहा है। यह नाला उर्मिला बिहार पुलिया तक जाएगा जो पुलिया के पास नहर से जोड़ा जाएगा। इस नाले के निर्माण से नर्सरी और आसपास के क्षेत्र में होने वाले जलभराव से राहत मिलेगी तो वहीं नर्सरी में भी होने वाला जलभराव दूर होगा।

शहर की 27 सडक़ों का निर्माण कार्य किया जाना है। जिसको लेकर मचकुण्ड-बाड़ी लिंक रोड से शुरुआत की जा रही है। डामर नहीं उपलब्ध होने के कारण गौरव पथ अभी अधूरा है।

-गुमान सिंह सैनी, अधीक्षण अभियंता नगर परिषद