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dholpur, सरमथुरा. नौनिहाल...कल का भविष्य माने जाते हैं। स्कूल ही वह संस्थान है जहां बच्चों के चरित्र से लेकर भविष्य तक का निर्माण होता है और इन सब में शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। चिलचिलाती धूप व गर्मी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने स्कूलों का समय सुबह 7:30 से 11 बजे तक निर्धारित किया है, लेकिन डांग इलाके के कुछ स्कूलों में हालात इस तरह हैं कि अध्यापक समय पर स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं। इस तरह से कल का भविष्य कैसे संवर सकेगा? यह बड़ा सवाल है।
मंगलवार को पत्रिका संवाददाता ने सरमथुरा ब्लॉक के कई स्कूलों पर जाकर पड़ताल की तो कई अध्यापक निर्धारित समय पर स्कूल नहीं पहुंच सके। इस दौरान कई स्कूलों पर ताला तक लटका मिला। सरमथुरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत धौंध अन्तर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय बौहरेकापुरा में सुबह 9 बजे तक ताला लटका हुआ था। स्कूल में ना शिक्षक ही पहुंचा था ना ही बच्चे मौजूद थे। ग्रामीण महिला रामा, रेनू, कमला, पूजा, स्कूली छात्र रामलखन, रामवृज आदि ने गांव में स्कूल की दुर्दशा के लिए स्थानीय व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराते हुए बताया कि एक माह में 5-6 दिन ही स्कूल खुलता है। इतना ही नहीं स्कूल में गांव के बच्चों का एडमिशन तक नहीं किया जाता है। जिसके कारण गांव के बच्चों को राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय डौमपुरा में पढऩे जाना पड़ता है। स्कूल में अध्ययनरत बच्चों को ना तो पोषाहार मिलता है ना ही पीने का पानी मुहैया कराया जाता है।
एक टीचर, पांच बच्चों का नामांकन
राजकीय प्राथमिक विद्यालय बौहरेकापुरा में शिक्षा विभाग ने एक टीचर को लगाया हुआ है, लेकिन स्कूल में सिर्फ पांच बच्चों का नामांकन है। जबकि गांव में करीब 30 बच्चे हैं जो एडमिशन के अभाव में घर बैठे हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि स्कूल में बच्चों को कभी भी पोषाहार नहीं मिला है। जबकि रेकॉर्ड में नियमित पोषाहार का वितरण किया जा रहा है।
वहेरीपुरा स्कूल में पौने आठ बजे तक लटका ताला, डौमपुरा स्कूल में बच्चे गायब
डांग क्षेत्र में एक बौहरे का पुरा स्कूल नहीं है जो शिक्षा विभाग की नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है। ग्राम पंचायत गौलारी अन्तर्गत राप्रवि वहेरीपुरा में सुबह पौने आठ बजे तक स्कूल पर ताला लटका हुआ था। वहीं राउप्रावि डौमपुरा में स्कूल में शिक्षक तो मौजूद थे, लेकिन बच्चे नदारद थे। हालांकि शिक्षा विभाग के अधिकारियों का डांग क्षेत्र के स्कूलों पर ध्यान नहीं है। जिसका खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।
डांग क्षेत्र के स्कूलों का कई बार निरीक्षण किया गया है, ऐसी शिकायत नहीं मिली है। फिर भी शिक्षक को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
-हंसराज मीणा सीबीईओ सरमथुरा
Published on:
06 May 2026 06:29 pm
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