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राजस्थान के इस जिले के 10 हजार घरों में लगेगा सौर ऊर्जा संचालित संयंत्र, 1150 से ज्यादा ने किए आवेदन

जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेवीवीएनएल) और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) के संयुक्त कार्यक्रम के अंतर्गत 1150 से ज्यादा नए लोगों ने योजना के तहत संयंत्र स्थापित करने के लिए आवेदन किए हैं।

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राजस्थान के धौलपुर जिले में अब रात के अंधेरे में भी सूरज की रोशनी दमकेगी। पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत जिले में 10 हजार से ज्यादा घरों में सौर ऊर्जा संचालित संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।

विद्युत निगम में योजना को लेकर लोगों को जागरूक किया तो उन्होंने रूचि भी दिखाई। जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेवीवीएनएल) और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) के संयुक्त कार्यक्रम के अंतर्गत 1150 से ज्यादा नए लोगों ने योजना के तहत संयंत्र स्थापित करने के लिए आवेदन किए हैं।

जिले में पीएम सूर्यघर योजना के तहत अभी तक 190 घरों में अलग-अलग क्षमता के संयंत्र स्थापित कराए गए हैं। संयंत्र स्थापित होने के बाद लोगों के घरों में रात में सूर्य की रोशनी से उजियारा होने लगा है। विभाग योजना के अंतर्गत उपभोक्ता को 300 यूनिट तक की बिजली नि:शुल्क दे रहा है। इतना ही नहीं, सोलर पैनल पर किए जाने वाले खर्च की धनराशि सब्सिडी के माध्यम से आवेदक के खाते में वापस पहुंच जाएगी। विद्युत निगम के अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत उपभोक्ता को सिर्फ मीटर के फिक्स चार्ज का ही भुगतान करना होगा।

ऐसे करें आवेदन

योजना के लाभ के लिए पीएमसूर्यघर डाट जीओवी डाट इन पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। उसे भरते ही आवेदन आरंभ हो जाएगा। ऑनलाइन करते समय आधारकार्ड, बिजली बिल, बैंक पासबुक, पासपोर्ट आकार के चार फोटो की फोटोकापी आदि अपलोड करनी होंगी।

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आनग्रिड ही मिलेगा लाभ, आफग्रिड नहीं

सोलर पैनल पर सब्सिडी योजना का लाभ आनग्रिड ही मिलेगा। आनग्रिड सिस्टम में जब तक फीडर से सप्लाई मिलेगी तब तक बिजली जलेगी। यदि सप्लाई ट्रिप करती है या फीडर से फाल्ट होता है तो सोलर पैनल का संचालन भी बंद हो जाएगा। आफग्रिड उपयोग करने के लिए सोलर पैनल के अतिरिक्त बैटरी और कनवर्टर भी खरीदना पड़ेगा जिसकी कीमत प्लेट से अलग होगी।

इस तरह समझिए योजना

यदि कोई व्यक्ति एक किलोवाट तक का कनेक्शन लेता है तो उसे एकबार में 65 हजार रुपए का भुगतान करना होगा। घर पर संयंत्र स्थापित होते ही 30 हजार रुपए की केन्द्र सरकार से सब्सिडी खाते में वापस आ जाएगी। दो किलोवाट के कनेक्शन पर 1.30 लाख रुपए जमा करने होंगे। जिनमें 60 हजार रुपए की सब्सिडी वापस मिल जाएगी।

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