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रेल राज्यमंत्री के दौरे का धौलपुर में दिखा असर, हुई रंगाई-पुताई

रेल राज्य मंत्री रावसाहेब पाटिल दानवे के उत्तर-मध्य रेलवे के आगरा कैंट स्टेशन पर निरीक्षण के चलते पिछले कुछ दिन से धौलपुर स्टेशन पर साफ-सफाई और रंगाई-पुताई चल रही थी।

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रेल राज्यमंत्री के दौरे का धौलपुर में दिखा असर, हुई रंगाई-पुताई

रेल राज्यमंत्री के दौरे का धौलपुर में दिखा असर, हुई रंगाई-पुताई

धौलपुर. रेल राज्य मंत्री रावसाहेब पाटिल दानवे के उत्तर-मध्य रेलवे के आगरा कैंट स्टेशन पर निरीक्षण के चलते पिछले कुछ दिन से धौलपुर स्टेशन पर साफ-सफाई और रंगाई-पुताई चल रही थी। हालांकि, रेल राज्य मंत्री रविवार को आगरा मण्डल के आगरा कैंट स्टेशन पर निरीक्षण के लिए पहुंचे और अधिकारियों के साथ यात्री सुविधा समेत साफ-सफाई का जायजा लिया। सूत्रों के अनुसार धौलपुर स्टेशन पर आने की सूचना से पहले ही अधिकारियों ने यहां रंगाई पुताई शुरू करा दी। लेकिन रेल राज्य मंत्री आगरा कैंट स्टेशन पर ही निरीक्षण कर लौट गए। रेल राज्य मंत्री दानवे रविवार को एक दिवसीय दौरे पर आगरा मण्डल के कैंट स्टेशन पर निरीक्षण करने पहुंचे थे। वहीं, उनके धौलपुर रेल मार्ग पर आने की सूचना पर अधिकारी सतर्क रहे। हालांकि, वह आगरा में निरीक्षण कर वापस लौट गए। इससे पहले स्थानीय रेलवे स्टेशन पर रंगाई-पुताई से लेकर साफ सफाई कराई जा रही थी। स्टेशन पर शौचालय से लेकर प्लेटफार्म के निचले हिस्से पर पुताई की गई। यात्रियों के बैठने की सीट पर पड़े दाग को भी साफ किया गया। वहीं, रात में यात्री के रूकने वाले प्रतीक्षालय में चार महीने से पड़ा ताले को भी खोलकर अधिकारी साफ. सफाई कराने में जुट गए। अधिकारियों को आशंका थी कि रेल राज्य मंत्री का कहीं धौलपुर की तरफ आने का दौरा न बन जाए, इसलि रेलवे प्रशासन पहले से सतर्क था। धौलपुर स्टेशन आगरा रेल मण्डल के अंतर्गत आता है।


‘जल से मिले जिन्दगी, उसे सावन के बादल से क्या वास्ता’

धौलपुर. जिला प्रशासन एवं महिला अधिकारिता विभाग के सौजन्य से आयोजित अमृता हाट मेले में कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिसमें जिले के कवियों ने कविता पाठ किया। सम्मेलन की अध्यक्षता विकल फर्रुखावादी ने की। कवि मनोज सिंघल बेचैन ने अपनी कविता शहर में मेरा दम घुटता है, मेरा गांव मुझे लौटा दो पढकऱ ग्रामीण जीवन की यादों को एक बार पुन: ताजा कर दिया। राजवीर सिंह क्रांति ने रणभेरी जब सुनी समर की मचला पूत भवानी का दिखा गया दुनिया को जलवा वो चम्बल के पानी का। जैसी ओजस्वी कविता का पाठ किया। विकल फर्रुखावादी ने जिसको स्वाति के जल से मिले जिन्दगी, उसको सावन के बादल से क्या वास्ता। गोविंद पटवारी ने हास्य व्यंग्य के छंदों के बाद नारी सशक्तिकरण पर काव्य पाठ किया। योगेन्द्र रघुवंशी ने शिव वंदना का पाठ किया गया। ओज के नवांकुर कवि आकाश परमार ने भी अपनी ओजपूर्ण कविता बस धोखे से वार किया था वरना वो भी लड़ जाते, मातृभूमि की खातिर वो सब मरने को भी अड़ जाते पढकऱ सबका मन जीता। मुरारीलाल मंजुल ने भी रचना पाठ किया।