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सरमथुरा-गंगापुरसिटी रेलवे लाइन निर्माण की बंधी उम्मीदें, अगले माह होगा सर्वे टेण्डर

- जून 2023 तक सर्वे पूरा होने की संभावना- रेलवे ने द्वितीय चरण का कार्य उत्तर-पश्चिम रेलवे को सौंपा धौलपुर. दिल्ली-मुबंई रेल लाइन पर मौजूद धौलपुर रेलवे जंक्शन से गंगापुरसिटी जाने के लिए रेल मार्ग निर्माण के आसार बंधे हैं। रेलवे की ओर से इस परियोजना को लेकर कार्य में तेजी लाई जा रही है। इसके तहत परियोजना के प्रथम चरण में धौलपुर से सरमथुरा तक का कार्य उत्तर-मध्य रेलवे (प्रयागराज) की ओर से किया जाएगा।

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 Expectations tied for construction of Sarmathura-Gangapurcity railway line, survey tender will be done next month

सरमथुरा-गंगापुरसिटी रेलवे लाइन निर्माण की बंधी उम्मीदें, अगले माह होगा सर्वे टेण्डर

सरमथुरा-गंगापुरसिटी रेलवे लाइन निर्माण की बंधी उम्मीदें, अगले माह होगा सर्वे टेण्डर
- जून 2023 तक सर्वे पूरा होने की संभावना
- रेलवे ने द्वितीय चरण का कार्य उत्तर-पश्चिम रेलवे को सौंपा

धौलपुर. दिल्ली-मुबंई रेल लाइन पर मौजूद धौलपुर रेलवे जंक्शन से गंगापुरसिटी जाने के लिए रेल मार्ग निर्माण के आसार बंधे हैं। रेलवे की ओर से इस परियोजना को लेकर कार्य में तेजी लाई जा रही है। इसके तहत परियोजना के प्रथम चरण में धौलपुर से सरमथुरा तक का कार्य उत्तर-मध्य रेलवे (प्रयागराज) की ओर से किया जाएगा। वहीं द्वितीय चरण का कार्य सरमथुरा से गंगापुरसिटी वाया करौली का कार्य रेल मंत्रालय ने उत्तर-पश्चिम रेलवे को सौंपा है। बताया जा रहा है कि नवम्बर के प्रथम सप्ताह में द्वितीय चरण के कार्य के सर्वे को लेकर निविदा प्रक्रिया होगी। सर्वे कार्य के जून २०२३ तक पूर्ण होने की संभावना जताई जा रही है।
गौरतलब रहे कि धौलपुर के कोटा-मुंबई रेलवे लाइन से जुडऩे की यह बहुप्रतीक्षित रेल परियोजना है। जो काफी लम्बे समय से अटकी हुई है। इस लाइन से धौलपुर के जुडऩे से कोटा समेत गुजरात होकर मुंबई की तरफ जाने के लिए एक नया रेलवे मार्ग जिलेवासियों को मिल सकेगा। लम्बे समय से ठण्डे में पड़ी इस परियोजना को वापस मुख्य धारा में लाया जा रहा है। गत दिनों रेलवे मंत्रालय की ओर से इसके सर्वे कार्य को भी स्वीकृति जारी कर दी गई थी। इससे दोनों चरणों का कार्य एक साथ चलने के कारण रेल परियोजना के शीघ्र पूर्ण होने की आस बंधी है। गौरतलब रहे कि केन्द्र सरकार ने राज्य सरकार के एक पत्र पर कुछ वर्षों के लिए परियोजना को फ्रीज कर दिया गया था। तीन वर्ष पहले इस परियोजना के कार्य में फिर से तेजी आई है। यह रेल परियोजना पड़ोसी करौली जिले के लिए भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्थानीय लोग लम्बे समय से परियोजना को वापस शुरू कराने को लेकर संघर्षरत रहे हैं।

जयपुर में रेलवे मंत्री ने की परियोजना की समीक्षा

उत्तर-पश्चिम रेलवे की चल रही परियोजनाओं को लेकर गत दिनों जयपुर में हुई बैठक में रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने समीक्षा की। इसमें धौलपुर-सरमथुरा-करौली-गंगापुरसिटी रेल परियोजना के द्वितीय चरण सरमथुरा से गंगापुरसिटी तक नई रेल लाइन विकसित करने का कार्य उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर को सौंपा गया है। वहीं, परियोजना के प्रथम चरण में धौलपुर से सरमथुरा तक नैरोगेज लाइन से ब्रॉडगेज में आमान परिवर्तन का कार्य उत्तर मध्य रेलवे की ओर से किया जा रहा है। इसके लिए 746 करोड़ रुपए का रिवाइज्ड एस्टीमेट रेलवे बोर्ड द्वारा स्वीकृत किया जा चुका है। परियोजना के इस चरण से संबंधित आमान परिवर्तन का कार्य दिसम्बर 2022 से आरंभ होने की संभावना है। वहीं, उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा सरमथुरा से गंगापुरसिटी तक नई लाइन के लिए सर्वे कार्य करने के लिए निविदाएं 7 नवंबर को खोली जाएगी। जबकि जून 2023 तक परियोजना के इस भाग के सर्वे का कार्य पूर्ण होना निर्धारित किया गया है।

११० करोड़ का हो चुका है प्रावधान

लंबित धौलपुर-सरमथुरा-करौली-गंगापुर सिटी रेल परियोजना के लिए क्षेत्रीय सांसद डॉ.मनोज राजोरिया की पहल पर केन्द्रीय बजट में इस वित्तीय वर्ष में 110 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। रेल मंत्रालय को आवंटित बजट में उत्तर.मध्य रेल प्रयागराज की विभिन्न रेल परियोजनाओं को मिले बजट में 144.6 किलोमीटर लंबी धौलपुर-सरमथुरा-करौली-गंगापुर सिटी रेल लाइन को बजट आवंटन से अब इस परियोजना के वापस पटरी पर आने की उम्मीद बंधी है।

- धौलपुर-सरमथुरा-करौली-गंगापुरसिटी रेल परियोजना को गति प्रदान करने के उद्देश्य से दूसरे चरण का कार्य अब उत्तर मध्य रेलवे से उत्तर पश्चिम रेलवे के सुपुर्द किया गया है। इस पर जल्द सर्वे कार्य शुरू होगा। प्रयागराज से परियोजना को लेकर मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही थी जिससे अब द्वितीय चरण का कार्य उत्तर-मध्य रेलवे को सौैंपा है।
- राघवेन्द्र उपाध्याय, सदस्य रेलवे सलाहकार समिति धौलपुर