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किसान अपनी फसल का 31 तक करवा सकते हैं बीमा

Prime Minister Crop Insurance Scheme news: धौलपुर. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खरीफ 2023 की अधिसूचना जारी हो चुकी है। जिले में योजना के क्रियान्वयन के लिए एग्रीकल्चर इंश्योंरेंस कम्पनी ऑफ इण्डियां लिमिटेड को अधिकृत किया गया है।

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Farmers can get their crops insured till 31

किसान अपनी फसल का 31 तक करवा सकते हैं बीमा

Prime Minister Crop Insurance Scheme news: धौलपुर. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खरीफ 2023 की अधिसूचना जारी हो चुकी है। जिले में योजना के क्रियान्वयन के लिए एग्रीकल्चर इंश्योंरेंस कम्पनी ऑफ इण्डियां लिमिटेड को अधिकृत किया गया है। फसल बीमा करवाने की अंितम तिथि 31 जुलाई है। संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) विजय सिंह के अनुसार जिले में खरीफ फसलों के अंतर्गत बाजरा एंव तिल को बीमा करवाने के लिये अधिसूचित किया गया है।

राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार योजनान्तर्गत फसली ऋण लेने वाले कृषकों का बीमा सम्बन्धित बैंक की ओर से किया जाता है। जिन कृषकों ने फसली ऋण नहीं ले रखा है वें अपनी फसल का बीमा राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल, नजदीकी बैंक शाखा, सीएससी, बीमा कम्पनी के अधिकृत प्रतिनिधि से सम्पर्क कर करवा सकते हैं। खरीफ 2023 के लिए बाजरा की फसल का बीमा जिले के सभी तहसीलों के कृषक करवा सकते हैं तथा बाजरा एवं तिल की फसलों का बीमा तहसील बाड़ी, बसेड़ी एवं सरमथुरा के कृषक करवा सकते हैं। बाजरा के लिए बीमित राशि प्रति हेक्टेयर 53637 एवं तिल की फसल के लिए बीमित राशि 46148 रुपए प्रति हेक्टेयर तय की गई है। जिस पर कृषक को केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम अर्थात् बाजरा के लिए 1073 रुपए प्रति हेक्टेयर एवं तिल के लिए 923 रुपए प्रति हेक्टेयर राशि ही भुगतान करनी होगी। जिसकी कटौती ऋणी कृषकों के खाते से की जाएगी। गैर ऋणी कृषकों को नगद जमा करवानी होगी। गैर ऋणी कृषकों की ओर से फसल बीमा करवाने के लिए बीमा के लिए प्रस्तावित क्षेत्रफल में बोई जाने वाली फसल के खसरा नम्बरों की स्वयं प्रमाणित नवीनतम जमाबंदी की नकल, एक स्वप्रमाणित घोषणा पत्र जिसमें प्रत्येक खसरा का कुल क्षेत्र, प्रस्तावति फसल बुवाई का क्षेत्र मालिक का नाम एवं बीमा हित का प्रकार (स्वयं) परिवाद अथवा बटाई बैंक खाते की पासबुक की प्रति देनी होगी।

ऋणी कृषकों के लिए बीमित फसल में परिर्वतन की सूचना सम्बघित बैंक को देने की अंतिम तिथि 29 जुलाई है। सांख्यिकी अधिकारी केके शर्मा ने बताया कि फसल कटाई के उपरंात आगामी 14 दिनों तक खेत में सूखाने के लिए रखी गई कटी हुई अधिसूचित फसल को चक्रवात, चक्रवाती वर्षा, बेमोसमी वर्षा या ओलावृष्टि से क्षति होने की स्थिति में फसल की क्षति का आंकलन व्यक्तिगत बीमित फसल के कृषक के स्तर पर किये जाने का प्रावधान है। प्रभावित बीमित फसल के कृषक को आपदा के 72 घंटे के अंदर सीधे बीमा कंपनी टोल फ्री नम्बर 18004196116 एग्रीकल्चर इंश्योंरेंस कम्पनी ऑफ इण्डियां लिमिटेड, सम्बन्धिंत कृषि पर्यवेक्षक, नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय, बैंक, फसल बीमा ऐप आदि के माध्यम सेे सूचित करना आवश्यक होगा।