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दो बीघा भूमि वाले किसान भी उठा सकेंगे तारबंदी योजना का लाभ

फसलों को जंगली जानवर और निराश्रित गौवंश से बचाने के लिए प्रारंभ की गई तारबंदी योजना का सरकार ने दायरा बढ़ाते हुए दो बीघा भूमि वाले किसानों को भी लाभ दिया जाएगा। साथ ही पति और पत्नी भी इस योजना का अलग-अलग लाभ ले सकते हैं। इस योजना से जहां किसानों की फसल बर्बाद होने से बचेगी तो वहीं उनकी आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ हो सकेगी।

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दो बीघा भूमि वाले किसान भी उठा सकेंगे तारबंदी योजना का लाभ Farmers having two bighas of land will also be able to avail the benefits of the fencing scheme

-सरकार ने छोटे किसानों को भी किया योजना में शामिल

-पति और पत्नी दोनों अलग-अलग भी ले सकते हैं योजना का लाभ

34 हजार 552 मीटर खेतों की तारबंदी की गई जिले में

धौलपुर. फसलों को जंगली जानवर और निराश्रित गौवंश से बचाने के लिए प्रारंभ की गई तारबंदी योजना का सरकार ने दायरा बढ़ाते हुए दो बीघा भूमि वाले किसानों को भी लाभ दिया जाएगा। साथ ही पति और पत्नी भी इस योजना का अलग-अलग लाभ ले सकते हैं। इस योजना से जहां किसानों की फसल बर्बाद होने से बचेगी तो वहीं उनकी आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ हो सकेगी।

राज्य सरकार ने कृषक तारबंदी योजना में फेरबदल करते हुए अब दो बीघा भूमि वाले किसानों को भी पात्रता की श्रेणी में शामिल किया है। सरकार अब इन्हें भी योजना के तहत अनुदान देगी। जिसके आदेश जिला कृषि मुख्यालयों पर भेज दिए गए हैं। कृषि आयुक्तालय की ओर से योजना के संशोधित प्रावधान जारी कर आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना से जिले के सैकड़ों किसानों को निराश्रित गोवंश और जानवरों से बचाव होगा। योजना में अधिकतम 400 मीटर तक तारबंदी के लिए किसानों को सब्सिडी दी जाएगी। लागत का आधा हिस्सा सरकार वहन करेगी। इसमें व्यक्तिगत किसान के पास 0.5 हेक्टेयर भूमि होने पर 400 रनिंग मीटर तक इकाई लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 40 हजार रुपए का अनुदान दिया जाएगा।

135 किसानों ने लिया योजना का लाभ

कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में अभी तक कृषक तारबंदी योजना का 135 किसान लाभ रहे हैं। वित्त विर्ष 2024-25 के दौरान जिले में 34 हजार 552 मीटर खेतों की तारबंदी की गई है। तो वहीं अब इस योजना का दायरा बढ़ाने के साथ अनुमान लगाया जा रहा है कि योजना से जल्द ही और किसान जुडऩे के साथ तारबंदी और भी बढ़ जाएगी। कृषि विभाग ने भी किसानों को इस योजना से जुडऩे की बात कही है। जिससे उनको मेहनता का परिणाम उचित रूप से मिल सके।

तारबंदी पर अधिकतम 48 हजार रुपए अनुदान

कृषि विस्तार अधिकारी बबलू त्यागी ने बताया कि योजना के प्रारंभ में व्यक्तिगत या समूह में प्रति 400 मीटर तारबंदी कराने पर अधिकतम 48 हजार रुपए का अनुदान सरकार देती है। इसमें सामान्य किसानों को 40 हजार अनुदान मिलता है तो वहीं लघु-सीमान्त किसानों को अधिकतम 48 हजार रुपए एवं सामान्य कृषकों 40 हजार रुपए दिए जाते हैं।

किसानों को मिलेगा मेहनत का फल

जिले में निराश्रित पशुओं की बढ़ती जनसंख्या के कारण किसानों को पिछले काफी समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। देखा जाए तो खेतों की चारदीवारी करने में अधिक व्यय होता है और किसानों की आर्थिक स्थिति भी कमजोर बनी हुई है। फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान आवारा पशुओं से होता है। कई बार आवारा पशु किसानों की पूरी फसल खा जाते हैं। ऐसे में सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना किसानों की मददगार साबित हो रही है। योजना का दायरा बढ़ाने से इससे अब और किसान भी जुड़ सकेंगे।

सरकार ने कृषक तारबंदी योजना का दायरा बढ़ाते हुए अब इसमें 2 बीघा भूमि वाले किसानों को जोड़ दिया है। साथ ही अब पति और पत्नी अलग-अलग रूप से योजना का लाभ ले सकते हैं। जिले के जो किसान निराश्रित गोवंश और जानवरों से परेशान हैं वह जल्द ही इस योजना में आवेदन कर इसका लाभ ले सकते हैं।

-बबलू त्यागी, कृषि सहायक विस्तार अधिकारी धौलपुर