
- कीवी फल में तेजी से उछाल, एक पेटी का भाव करीब 1100 रुपए
- बाजार में देशी फलों की भरमार, फलों के राजा आम की एंट्री
धौलपुर. ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच युद्ध भले सीजफायर के चलते अभी थमा है लेकिन इसकी मार पेट्रोलियम पदार्थों तक तक सीमित नहीं रही है। भारत में खाड़ी देशों से आने वाले फलों पर भी इसका असर पड़ा है। युद्ध के चलते सप्लाई चेन पूरी तह टूट चुकी है और देश की फल मंडियों में अब केवल पुराना स्टॉक ही चल रहा है। कर रखे स्टॉक में कमी आने के साथ ही बाजार में विदेशी फलों के दाम अब आसमां छू रहे हैं। ईरानी सेब की सप्लाई पूरी तरह से बंद पड़ी है। यह अममून 180 से 200 रुपए प्रति किलो भाव में उपलब्ध था लेकिन अब यह बाजार से नदारद है। इसी तरह कीवी की बाजार में खासी डिमांड है लेकिन युद्ध की छाया इस फल पर भी पड़ी है। इसके भावों में तेजी से उछाल आया है। वर्तमान में कीवी की पेटी (30 नग) करीब 1100 रुपए भाव तक बिक रही है जबकि पहले यह करीब 600 रुपए में उपलब्ध थी। इसी तरह ड्रेगन फ्रूट, माल्टा समेत कुछ अन्य फलों पर भी असर दिख रहा है। हालांकि, गर्मी में फलों का राजा आम की आवक शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में आम और आएगा। साथ ही खरबूजा और तरबूज पहले से ही बाजार में मौजूद हैं, जिससे इनकी बिक्री बढऩे की उम्मीद है। साथ ही केला निर्यात नहीं होने से बाजार में इन दिनों मांग से अधिक मौजूद है।
कीवी-ट्रे के दाम दोगुना, 1000-11 सौ भाव
बाजार में कीवी की डिमांड रहती है। कीवी फल मरीज की प्लेट्रेट्स बढ़ाने, कमजोर इम्युनिटी, पाचन संबंधी समस्याओं में कारगार रहता है। इसलिए यह फल अब लगातार बाजार में बिकता है। बाहर से आने की वजह से यह महंगा होता है। युद्ध के चलते इस फल के दाम आसमान छू रहे हैं। बाजार में पहले कीवी फल की एक ट्रे जिसमें 30 नग होते हैं वह करीब 500 से 600 रुपए में बिक रही थी लेकिन युद्ध के बाद से इसके बाद तेजी से बढ़े हैं। अब यह 1000 से 11 सौ रुपए में बिक रही है। दिल्ली की आजादपुर मंडी से अब विदेशों की फलों की गाड़ी कम आ रही हैं।
बाजार में खप रहा पुराना माल
बाजार में इन दिनों पुराना माल ही खप रहा है। फल विक्रेताओं का कहना है कि विदेशी फल नहीं आने से बड़े व्यापारी जो काफी स्टॉक रखते हैं, वह इस समय अपने पुराने माल को बाजार में निकाल कर मुनाफा कमा रहे हैं। इस समय बाजार में ड्रेगन फ्रूट, इमली, ईरानी सेब, एवोकाडो और ब्लैकबेरी जैसे फल नहीं पहुंच रहे हैं। खाड़ी देशों से आयात ठप है, जिससे अब बाजार में विदेशों फलों की कमी है। हालांकि, विदेशों फलों की डिमांड खास वर्ग में अधिक है।
सूखे मेवा...और सूखे !
खाड़ी के देशों से भारतीय बाजारों में सूखे मेवा (ड्राई फू्रट्स) की अच्छी आवक रहती है। लेकिन इस दफा ईरान, यूएई, कतर समेत अन्य देशों से आने वाला ड्राई-फ्रूट्स में भारी कमी आई है। इसमें पिस्ता, अंजीर, किशमिश, बादाम और खजूर के दाम तेजी से बढ़े हैं। इनके दामों पर 50 से 100 रुपए प्रति किलो के भाव चढ़े हैं। माल की सप्लाई ईरान समेत कई खाड़ी देशों में रुकी पड़ी है। यह माल होर्मुज स्ट्रेट के जरिए पहुंचता था लेकिन यह बंद पड़ा है।
ईरान-इजरायल और अमेरिका के छिड़े युद्ध से ईरान से आना वाला सेब कम हुआ है। साथ ही कीवी फू्रट समेत अन्य फल महंगे हुए हैं, जो विदेश से आते हैं। कीवी पेटी पहले करीब 600 रुपए थी जो अब 1100 रुपए तक पहुंच गई है।
- मिंटू, फल विक्रेता
Published on:
16 Apr 2026 06:52 pm
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