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जिंदगी की जंग लड़ रहा वनकर्मी, काटना पड़ा बांया पैर

बजरी माफियाओं के हाथों बुरी तरह से घायल हुए वनकर्मी जितेन्द्र सिंह जयपुर के निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में वनकर्मी का इलाज किया जा रहा है। चिकित्सकों की टीम ने वनकर्मी की जिंदगी बचाने को उसका बांया पैर काटना पड़ा है। वनकर्मी अचेतावस्था में आईसीयू में भर्ती है।

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जिंदगी की जंग लड़ रहा वनकर्मी, काटना पड़ा बांया पैर Forest worker fighting for his life, left leg amputated

आरोपियों की तलाश में पुलिस ने की छापेमारी, चार लोगों को किया डिटेन

- बजरी माफिया के वनकर्मी पर ट्रेक्टर-ट्रॉली चढ़ाने का मामला

dholpur. बजरी माफियाओं के हाथों बुरी तरह से घायल हुए वनकर्मी जितेन्द्र सिंह जयपुर के निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में वनकर्मी का इलाज किया जा रहा है। चिकित्सकों की टीम ने वनकर्मी की जिंदगी बचाने को उसका बांया पैर काटना पड़ा है। वनकर्मी अचेतावस्था में आईसीयू में भर्ती है।

इधर पुलिस ने आरोपी बजरी माफियाओं की तलाश में छापेमारी की जा रही है। शुक्रवार को पुलिस ने चार बजरी माफियाओं को पूछताछ के लिए डिटेन किया है। थाना प्रभारी हरेन्द्र सिंह गुर्जर ने बताया कि पुलिस ने आरोपी बजरी माफियाओं की तलाश में टीम बनाकर अलग-अलग छापेमारी की गई है। पुलिस ने पूछताछ के लिए चार लोगों को डिटेन किया है। पुलिस की छापेमारी को देखकर बजरी माफिया भूमिगत हो गए हैं। गौरतलब है कि बुधवार-गुरुवार की रात्रि को सरमथुरा थाना इलाके में झिरी नाके पर तैनात वनकर्मी जितेंद्र को बजरी माफियाओं ने ट्रेक्टर-ट्रॉली से कुचल दिया गया था। वनकर्मी के गंभीर घायल होने के बाद चिकित्सकों ने सरमथुरा से जयपुर हायर सेंटर रेफर कर दिया था। आरोपी बजरी माफिया घटना को अंजाम देकर मौके से फरार हो गया था। टाइगर अभ्यारण्य रेंजर देवेन्द्र सिंह चौहान ने अज्ञात ट्रैक्टर चालक के खिलाफ पुलिस थाना सरमथुरा में मुकदमा दर्ज कराया है। ज्ञात हो कि बजरी माफिया ने टक्कर मारकर ट्रेक्टर ट्रॉली का पहिया वनकर्मी की जांघ के ऊपर से होकर निकाल दिया था। जिससे जांघ और पैर में बेहद गंभीर घाव हो गए थे। गहरा घाव होने की वजह से ब्लीडिंग भी काफी हुई। वनकर्मी की स्थिति काफी नाजुक बताई जा रही है।