23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चालक-परिचालकों की मनमर्जी नहीं… ईटीएम रखेगा बसों की चाल पर नजर

- बीटीएस बंद होने पर आरएसआरटीसी ने ईटीएम को करेगा अपग्रेड - सिमकार्ड के सिग्नल से बस होगी ट्रैक - डिपो से ईटीएम में फीड होगा रूट चार्ट - मशीन का स्विच बंद करते ही मुख्यालय पर पहुंचेगा मैसेज

2 min read
Google source verification
It is not the will of drivers and conductors... ETM will keep an eye on the movement of buses

चालक-परिचालकों की मनमर्जी नहीं... ईटीएम रखेगा बसों की चाल पर नजर

धौलपुर. रोडवेज बस को चालक-परिचालक मनमाने रूट पर अब नहीं चला सकेंगे। ऐसा करने पर टिकट बनाने वाली इलेक्ट्रानिक टिकटिंग मशीन (ईटीएम) उन पर निगरानी करेगी। डिपो से ही ईटीएम में रूट चार्ट फीड किया जाएगा। जिसके बाद निर्धारित रूट से चलने अथवा मशीन का स्विच बंद करने पर उसमें पड़े सिमकार्ड से तत्काल ही संदेश मुख्यालय पहुंच जाएगा। संदेश मिलते ही परिचालक के मोबाइल पर अधिकारी संपर्क कर वास्तविक लोकेशन की पड़ताल करेंगे।

राजस्थान राज्य सडक़ परिवहन निगम (आरएसआरटीसी) ने बसों की निगरानी के लिए बेस ट्रांसीवर सिस्टम (बीटीएस) लगाए थे। इनमें ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) के माध्यम से बसों की ट्रैकिंग की जाती थी। दो अलग-अलग डिवाइस में कई बार तकनीकी समस्या बताकर चालक स्विच आफ कर रूट पर मनमानी करते थे। लेकिन वर्तमान में दोनों ही सिस्टम बंद पड़े है। इस सेवा प्रदाता कंपनी के साथ दो साल से करार खत्म होने के बाद से बसें बिना किसी निगरानी उपकरण के ही संचालित हो रही थी। अब परिचालकों को दी गई ईटीएम मशीन को ही अपग्रेड किया जा रहा है।

मार्च महीने में सभी को अपग्रेड कर दिया जाएगा। इसके साथ ही नई मशीनों में जीपीएस है। सिमकार्ड के माध्यम से मशीन को इंटरनेट से जोड़ा गया है। परिचालक जिस रूट पर मशीन को ले जाते हैं और टिकट काटते हैं। मशीन उस रूट की लोकेशन मुख्यालय को भेजती है। सिग्नल मिलते ही जीपीएस के माध्यम से बसों को ट्रैक किया जाएगा। यदि मशीन बंद की जाती है या सिमकार्ड के सिग्नल चले जाते हैं तो अपने आप ही मुख्यालय को तकनीकी समस्या से संबंधित मैसेज मिल जाएगा।

ऐसे काम करती है मशीन

डिपो से परिचालक के नाम पर मशीन स्वीकृत होगी। मशीन में संबंधित रूट के चार्ट को अपलोड किया जाएगा और उसे ईटीएम के सिमकार्ड से जीपीएस को सक्रिय कर दिया जाता है। एक बार ईटीएम चालू होने के बाद 22 घंटे तक कार्य कर सकती है। जिन रूट पर चालक टिकट काटेंगे, तत्काल जीपीएस के माध्यम से सिग्नल मुख्यालय पहुंचेंगे। डिपो के कंट्रोल रूम में बैठे कर्मचारी भी बस को ट्रैक कर सकेंगे।

बस नम्बर से लोकेशन करेंगे ट्रैक

रोडवेज बसों में ईटीएम मशीन को अपग्रेड करने के बाद बस यात्रा करने वाले वालों के परिजनों को लोकेशन की सुविधा मिल सकेंगी। वह बस टिकट में लिखे बस नम्बर से बस की लोकेशन का पता कर सकते हैं कि बस इस समय कहा पर चल रही है। जिससे उनको भी राहत मिल सकेंगी।

रोडवेज डिपो की स्थिति

- 100 ईटीएम विभाग के पास संचालित हैं।

- 55 परिचालकों के साथ मशीन संचालन हो रहा।

- सभी को अपग्रेड किया जाएगा। जिससे टै्रकिंग शुरू हो सके।

- 22 घंटे का बैटरी बैकअप है ईटीएम में।

- 62 बसों का डिपो से हो रहा संचालन।

ईटीएम मशीन को अपग्रेड किया जाएगा। इस महीनें सभी मशीनों को अपग्रेड होना है। जिससे बसों के संचालन पर नजर रहेगी। इसके साथ ही यात्रियों को भी बस नम्बर से लोकेशन की जानकारी मिल सकेगी।

- राकेश कुमार, मुख्य प्रबंधक रोडवेज धौलपुर