
लगने के 2 माह बाद ही लिफ्ट बंद, सुविधाओं के नाम तकलीफ से जूझ रहे मरीज
धौलपुर. जिला अस्पताल के 100 शैय्या वार्ड जनाना भवन में गर्भवती व प्रसूताओं को बेहतर सुविधा देने के लिए करीब छह साल पहले भवन में अलग से लिफ्ट लगवाई थी। जिससे उन्हें आसानी से संबंधित वार्ड में पहुंचाया और लाया जा सके। लेकिन लिफ्ट बंद होने से प्रसूताओं को रैम्प का सहारा या व्हीलचेयर के सहारे उनके परिजन ले जाने पर मजबूर हैं। अस्पताल प्रशासन के बंद पड़ी लिफ्ट पर अब ध्यान देना ही छोड़ दिया है। जिसकी वजह से प्रसूताओं की तकलीफ और अधिक बढ़ गई है। उधर, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि लिफ्ट सही कराने को लेकर पत्र लिखा जा चुका है। जल्द दुरुस्त कराया जाएगा।बताते दें कि जिला अस्पताल के जनाना भवन में करीब 6 साल पहले लाखों खर्च कर भवन निर्माण के साथ ही मरीजों को सुविधा के लिए लिफ्ट लगी थी। इसमें पहली लिफ्ट बुजुर्ग व दिव्यांगों के लिए और दूसरी लिफ्ट प्रसव पश्चात महिलाओं को ले जाने के लिए थी। लेकिन ये लिफ्ट लगने के बाद केवल दो महीने ही बंद हो गई और आराम देने की बजाय मरीजों का दर्द और बढ़ा दिया। जनाना भवन में प्रथम तल पर प्रसव वार्ड, ऑपरेशन थियेटर व बाल गहन चिकित्सा इकाई वार्ड हैं। वहीं द्वितीय तल पर मदर मिल्क बैंक व बच्चा वार्ड, महिला वार्ड संचालित किया जा रहा है। गंभीर व भर्ती मरीजों को परेशानी न हो इसके लिए भवन में लिफ्ट से ऊपर नीचे जाने-आने की भी व्यवस्था की गई थी।
फूल रही सांसे, नहीं कोई परवाह
जनाना अस्पताल में लिफ्ट बुजुर्ग, दिव्यांग एवं प्रसूताओं को वार्ड तक पहुंचाने तक के लिए लगवाई थी। लेकिन लिफ्ट खराब होने से गर्भवती महिलाओं को उपचार से पहले भी तकलीफ से गुजरना पड़ रहा है। कई दफा तो प्रसूताओं की चढऩे-उतरने में सांसें फूल जाती हैं। उसके बाद भी अस्पताल प्रशासन का ध्यान नहीं है। वार्ड प्रभारी ने बताया कि वह भी अपने पैरों का दर्द सहन कर रहे है। प्रतिदिन ऊपर से नीचे चलकर जाना पड़ता है।
लाखों खर्च के बाद भी सुविधाएं सिफर
अस्पताल में मरीजों व शिशुओं को होने वाली दिक्कत को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य अस्पताल (जनाना अस्पताल) का निर्माण 2017 में कराया गया था। करोड़ों रुपए की लागत से बने जनाना अस्पताल में सौ शैय्या वार्ड शुरू हुआ था। इसके अलावा ऑपरेशन थियेटर (ओटी), एक आईसीयू व लेबर रूम है। ओटी व आईसीयू को वातानुकूलित व शेेष अस्पताल को एयर-कूल्ड से जोड़ा गया है। जिससे मरीजों को कोई परेशानी न हो। अस्पताल में चढऩे-उतरने के लिए लिफ्ट लगाई गई है। जो अब धूल फांक रही है।
पीआईसीयू समेत अन्य वार्ड प्रथम व द्वितीय तल
जनाना अस्पताल में सामान्य डिलीवरी प्रथम तल पर किए जाने की सुविधा है। इसके बाद प्रसूताओं को व्हील चेयर के माध्यम से द्वितीय तल पर शिफ्ट कराया जाता है। पीएनसी, पोस्ट ऑपरेटिव आदि वार्ड दूसरी मंजिल पर होने से प्रसूताओं के तीमारदारों को भी सीढिय़ों से जाना व आना पड़ रहा है। इसके साथ ही अस्पताल के आंचल मदर मिल्क बैंक संचालित होने से प्रसूताओं की आवाजाही भी बनी रहती है
गर्भवती महिलाओं के प्रसव के आंकड़े
जनाना भवन में प्रतिदिन 50 से 60 महिलाओं के सामान्य प्रसव होते है। इसके साथ ही सिजेरियन प्रसव 6 से 8 प्रसव होते हंै। जिससे सभी को चढऩे उतरने के लिए रैम्प का उपयोग करना पड़ता है। जबकि इनके लिए लिफ्ट की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग ने कराई थी। वहीं, व्हीलचेयर के लिए अलग से कोई वार्ड वॉय नहीं है। परिजनों को खुद लेकर जाना पड़़ता है।
- संबधित कंपनी के ऑपरेटरों को पत्र भेजकर जानकारी दे दी गई थी। लिफ्ट में कोई तकनीकी खराबी है। जिसको एक से दो सप्ताह में सुचारू रूप से सही करा वापस शुरू कराया जाएगा। मरीजों को होने वाली समस्या की जानकारी है।- डॉ. समरवीर सिंह सिकरवार, पीएमओ जिला अस्पताल धौलपुर
Published on:
01 Oct 2023 05:50 pm
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