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इफ्तार पार्टी में दिखा भाईचारे का संदेश

बाड़ी शहर में रमजान के पाक महीने में मुस्लिम समाज सदर सैफ सईद खान और मुस्लिम ब्लड फाउण्डेशन के निदेशक इमरान सईद खान की तरफ से उनके निवास पर दावत ए इफ्तार का आयोजन हुआ।

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इफ्तार पार्टी में दिखा भाईचारे का संदेश

इफ्तार पार्टी में दिखा भाईचारे का संदेश

धौलपुर. बाड़ी शहर में रमजान के पाक महीने में मुस्लिम समाज सदर सैफ सईद खान और मुस्लिम ब्लड फाउण्डेशन के निदेशक इमरान सईद खान की तरफ से उनके निवास पर दावत ए इफ्तार का आयोजन हुआ। जहां पर देश की गंगा जमुनी तहजीब की झलक दिखाई दी। सामूहिक रोजा इफ्तार पार्टी में हिन्दू-मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोगों ने शामिल होकर देश में शांति सौहार्द व आपसी भाइचारे की कामना की। इस मोके पर सदर खान ने कहा कि इस्लाम में एक माह के रोजे रखना मोमिन पर फर्ज है। मुस्लिमों के लिए गुनाहों से पाक और रोजी की तरक्की के लिए यह बड़ा अजमत वाला माह माना जाता है। रमजान को नेकियों या पुन्यकार्यों का मौसम ए बहार कहा गया है। रमजान को नेकियों का मौसम भी कहा जाता है। इस महीने में मुस्लमान अल्लाह की इबादत ज्यादा करता है। यह महीना समाज के गरीब और जरूरतमंद बंदों के साथ हमदर्दी का है। इस महीने में रोजादार को इफ्तार कराने वाले के गुनाह माफ हो जाते हैं। मुस्लिम ब्लड फाउंडेशन अध्यक्ष खान ने कहा की रमजान के पाक मौके पर कुरान शरीफ नाजिल हुआ। रमजान के ताल्लुक से हमें बेशुमार हदीसें मिलती हैं और हम पढ़ते और सुनते हैं।

रमजान के आखरी जुमे की नमाज की अदा

धौलपुर शहर के कुमेदान बाड़ा स्थित शिया जामा मस्जिद में अलविदाई जुमे की नमाज मौलाना अली हैदर अजमेरी की इकतदा में अदा की गई। मौलाना ने तकरीर में कहा कि अपने मालिक की इबादत और धर्म के उसूलों पर चलना ही इंसानियत की सच्ची निशानी है। हर मजहब के मानने वाले अपने तरीकों पर अपने मालिक की ईबादत करते हंै। यहां तक कि जानवर पक्षी भी अपने अपने अंदाज में मालिक की ईबादत करते है। उन्होंने अपनी तकरीर में कहा कि ईद का त्योहार सिर्फ नए कपड़े पहनने और सेवइयां खाने का त्योहार नहीं है बल्कि ईद का त्योहार अपने गरीब पड़ोसी और मोहताजों की मदद करने का त्योहार है। इसी लिए ईद पर जकात फतिरा निकाला जाता है ताकि अपने गरीब भाइयों की मदद की जा सके। नमाज के बाद अमन व सलामती भाई चारा की दुआ की गई।