
कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेमिनार का हुआ आयोजन
कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेमिनार का हुआ आयोजन
'जन्म-मरण से मुक्त होने का नाम ही योग
राजकीय कन्या महाविद्यालय में दो दिवसीय संगोष्ठी शुरू
धौलपुर. राजकीय कन्या महाविद्यालय में गांधी का आध्यात्मिकवाद बदलते परिदृश्य में योग नामक विषय पर का दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ कालेज शिक्षा विभाग जयपुर के संयुक्त निदेशक डॉ. के.एल सिराधना व अन्य विशिष्ट अथितियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यापर्ण एंव दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान छात्राओं ने सरस्वती वंदना एवं अतिथि सम्मान गीत प्रस्तुत किए। इस मौके पर डॉ. सिराधना ने कहा कि गांधी सादगी एंव उत्कृष्ट व्यक्तित्व के परिचायक थे, उन्होंने जो भी आदर्श एवं व्यावहारिक ज्ञान दिया, वह प्रत्येक व्यक्ति के जीवन मेे तथा विश्व शांति स्थापित करने के लिए अनुकरणीय है।
सिराधना ने महाविद्याालय कि शैैक्षणिक एंव अशैक्षणिक समस्यों को दूर करने का भी आश्वासन दिया। की-नोट का उद्बोधन देते हुए अथिति रविशंकर विश्वविद्यालय के डॉ. राजीव चौधरी ने आध्यात्म एंव योग के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि योग पूरे विश्व जगत की महिमा का बखान करती है। जन्म मरण से मुक्त होने की प्रक्रिया का ही नाम योग है ।
योग से बुढ़ापा, बीमारी और तनाव जैसी बीमारियों को दूर रखा जा सकता है कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सहायक निदेशक डॉ. सुभाष यादव ने गांधी को बुद्व के बाद सबसे अधिक पूज्यनीय व्यक्तित्व बताया। नवोदय विद्यालय के प्राचार्य केएस बघेल ने कहा कि महात्मा गांधी के प्रमुख हथियार सत्य एंव अहिंसा थे, जो कि सामाजिक उत्थान के लिए प्रेरक है । उन्होंने कहा कि जो ज्ञान उपलब्ध है, उसी में से नया ज्ञान निकालना है, वही शोध है। संगोष्ठी के आयोजन सचिव डॉ. देवेन्द्र सिंह परमार ने कहा की महाविद्यालय के लिए यह संगोष्ठी आगे आने वाले समय में बहुत सार्थक सिद्ध होगी। इस संगोष्ठी में पुरे देश एवं राजस्थान के लगभग 500 प्रतिभागियों ने सहभागिता निभाई है। धौलपुर जिले के समस्त निजी एवं राजकीय महाविद्यालयों के प्रभारी डॉ. वर्मा ने कहा कि सत्य एवं अहिंसा मात्र सैद्धातिक ही नहीं है, बल्कि मन, वचन और कर्म में भी इनका पालन करना चाहिए। हमें किसी भी वर्ग के प्रति अन्याय एवं असहयोग की भावना नहीं रखनी चाहिए। महाविद्यालय के प्राचार्य हरिदास मीना ने अतिथियों का स्वागत कर सहभागिता निभाने वाले प्रतिभागियों को अपनी शुभकामना दी। कार्यक्रम विशिष्ट अतिथि ग्वालियर के डॉ. महेन्द्र सिंह, डॉ.राजेश ढाका बीएस बैरवा, डॉ. एसके जैन, डॉ. निमेष गुप्ता, डॉ. एचके सिंह ने भी संगोष्ठी के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अन्त में अतिथियों को सूत की माला पहनाकर व प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मनित किया गया। इस मौके पर डॉ. राजकुमार परमार, डॉ. पीके सिंह, मोहन स्वरूप श्रीवास्तव, अमर गोस्वामी, शिवलाल, देवेन्द्र कश्यप, डॉ, लक्ष्मी गुप्ता, पूजा गर्ग, तुषार, दुर्गेश, नीतेश, मुकेश, शैली बीके कुलश्रेष्ठ, डॉ. आरएल वर्मा, बलवीर आदि मौजूद रहे।
Published on:
23 Nov 2019 11:37 am
बड़ी खबरें
View Allधौलपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
