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मनरेगा में फर्जीवाडा रोकने एमएमएस एप का नया वर्जन किया लांच, अब ऐसे लगेगी श्रमिकों की हाजिरी

केन्द्र सरकार ने मजदूरी के कल्याण के लिए चलाई योजना मनरेगा फर्जीवाडे का शिकार होती रहती है। जिसको लेकर सरकारें तरह-तरह के कदम उठती भी रही हैं। जिसको लेकर पहले एमएमएस एप भी लॉन्च किया था। जिसके तहत ऑफ लाइन सिस्टम खत्म कर इस एप के जरिए मनरेगा श्रमिकों की हाजिरी लगाई जाने लगी। लेकिन अब सरकार ने इस एप का नया वर्जन लॉन्च किया है।

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मनरेगा में फर्जीवाडा रोकने एमएमएस एप का नया वर्जन किया लांच, अब ऐसे लगेगी श्रमिकों की हाजिरी New version of MMS app launched to stop fraud in MNREGA, now workers' attendance will be checked like this

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-अपडेट वर्जन में श्रमिकों की हाजिरी के लिए आई ब्लिंक होना जरूरी

धौलपुर. केन्द्र सरकार ने मजदूरी के कल्याण के लिए चलाई योजना मनरेगा फर्जीवाडे का शिकार होती रहती है। जिसको लेकर सरकारें तरह-तरह के कदम उठती भी रही हैं। जिसको लेकर पहले एमएमएस एप भी लॉन्च किया था। जिसके तहत ऑफ लाइन सिस्टम खत्म कर इस एप के जरिए मनरेगा श्रमिकों की हाजिरी लगाई जाने लगी। लेकिन अब सरकार ने इस एप का नया वर्जन लॉन्च किया है। सरकार का तर्क है कि इससे फर्जीवाडे पर रोक लगेगी। जीओ टैग से 500 मीटर की दूरी तक से उपस्थिति दर्ज करने की छूट दी है।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में हो रहे फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (एमएमएस) का नया अपडेटेड वर्जन लॉन्च किया है। यह तकनीकी अपग्रेड फर्जी उपस्थिति और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अपडेटेड वर्जन में मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम से उपस्थिति उन्हीं श्रमिकों की लगेगी जिनकी पलकें झपकेंगी। ऐसा नहीं होने पर उपस्थिति कॉलम में श्रमिक की फोटो अपलोड नहीं होगी। मनरेगा में पहले कई जगह एवजी मेट मिलते थे। अब नए सिस्टम से एवजी मेट न तो हाजिरी ले सकेंगे और न ही स्वीकृत कार्य से दूसरे कार्य पर हाजिरी ले पाएंगे। यानी अब श्रमिकों की हाजिरी पलक झपकते ही लग जाएगी। तो वहीं सरकार का कहना है कि प्रदेश में जल्द ही नाम पुस्तिका का कार्य भी जल्द ही ऑनलाइन कर दिया जाएगा। ऐसा होने से मनरेगा के कार्यों में हो रहे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।

यह होगा अपडेटेड वर्जन से फायदा

मनरेगा शासन सचिव ने एमएमएस एप के नवीन वर्जन में मेट को पीओ लॉगिन से पखवाड़ा शुरू होने से पहले कार्य आवंटित करने का आदेश दिया। पीओ लॉगिन से जिस मेट को जो कार्य आवंटित किया गया है, वही कार्य उस मेट के पास उपस्थिति लेने के लिए खुलेगा। इससे मेट न तो काम पर बदलेगा और न ही दूसरे काम में गड़बड़ी कर सकेगा। मेट की उपस्थिति दर्ज करते समय एप के काउंट हेड और दर्ज की गई उपस्थिति में अंतर होने पर फोटो सेव नहीं होगी। सामने खड़े कर्मचारियों का सिर एप के माध्यम से काउंट किया जाएगा।

आई ब्लिंक नहीं तो फोटो अपलोड नहीं

अपडेट वर्जन के दौरान फोटो क्लिक करते वक्त श्रमिकों की आई ब्लिंक होना जरूरी कर दिया गया है। श्रमिक की फोटो खींचते वक्त सामने उपस्थित श्रमिक में से किसी एक की भी आई ब्लिंक अगर नहीं हुई तो फोटो उपलोड नहीं हो सकेगा। इससे गड़बड़झाले की आशंका लगभग समाप्त हो जाएगी। जबकि पहले उपस्थिति दर्ज करने के लिए जियो टैग स्थान दस मीटर तक था। सरकार ने इसमें राहत देते हुए ग्रेवल सडक़, सीसी ब्लॉक सहित कई कार्यों के लिए जीओ टैग से 500 मीटर की दूरी तक से उपस्थिति दर्ज करने की छूट दी है।

माप पुस्तिका भी होगी ऑनलाइन

राज्य सरकार अगले पखवाड़े से उड़ीसा, कर्नाटक और त्रिपुरा राज्यों की तरह ई-माप पुस्तिका का कार्य भी प्रारंभ करने जा रही है। इसके लिए मास्टररोल की तरह ई-माप पुस्तिका फीड करने का मॉड्यूल उपलब्ध करवा दिया गया है। जिसके लिए तैयारियां भी प्रारंभ हो गई हैं। ई-माप पुस्तिका होने से भी फर्जीवाडा रोकने में कारगर कदम होगा और इससे काम में भी पारदर्शिता आएगी। एमएमएस एप अपडेट होने से मनरेगा में एवजी मेट कार्य पर नहीं आ सकेंगे तथा श्रमिकों के फर्जी नाम भी नहीं चला सकेंगे।

सरकार ई-माप पुस्तिका भी लागू करने की तैयारी में हैं।मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम का नया अपडेटेड वर्जन लॉन्च हो चुका है। जिससे द्वारा आई ब्लिंक से श्रमिकों की हाजिरी लगेगी। नए वर्जन से मनरेगा के कार्य में पारदर्शिता आएगी।

-शिवदत्त गोस्वामी, बीडीओ पंचायत समिति