5 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गंदे पानी की निकासी नहीं, नारकीय जीवन जीने पर मजबूर लोग

  - नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ किया प्रदर्शन - संत नगर रोड स्थित कृष्णा कॉलोनी का मामला

2 min read
Google source verification
No drainage of dirty water, people forced to live hellish life

गंदे पानी की निकासी नहीं, नारकीय जीवन जीने पर मजबूर लोग

dholpur, बाड़ी नगर पालिका प्रशासन की कार्यशैली आएदिन चर्चाओं का विषय बनी रहती है। सफाई कार्य को लेकर लोग परेशान हैं लेकिन पालिका प्रशासन के कोई सुध नहीं लेने पर लोगों में गुस्सा है। हाल ये है कि समस्या समाधान तो दूर नगरपालिका के अधिकारी, कर्मचारी मौका मुआयना तक नहीं करते। ऐसा ही एक मामला संत नगर रोड स्थित कृष्णा कॉलोनी का सामने आया। गंदे पानी की निकासी नहीं होने से नाराज स्थानीय लोगों ने पालिका प्रशासन के खिलाफ जमकर नारे लगाए और सुनवाई नहीं करने का आरोप लगाया।

शहर के संत नगर रोड स्थित कृष्णा कॉलोनी के लोगों ने नगर पालिका प्रशासन की कार्यशैली को लेकर नाराज दिखे। लोगों ने आरोप लगाया कि वे सभी एससी कैटेगरी के हैं, इस वजह से उनकी सुनवाई होती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि विगत कई महीनो से उनके मोहल्ले से गंदे पानी का निकास नहीं है। जिसके कारण गंदा पानी सडक़ों पर जमा रहता है और निचले घरों में भर जाता है। उक्त समस्या को लेकर कई बार उन्होंने नगर पालिका चेयरमैन व अधिशाषी अधिकारी से कई बार शिकायत की है लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई।

कामकाज पर खड़े हो रहे सवाल

पीडि़त लोगों ने नगर पालिका पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि नगर पालिका का प्रत्येक कार्य में खामी है। यही कारण है कि नगर पालिका की ओर से कराए गए कार्यों में भारी अनियमितताएं देखने को मिलती हैं। कॉलोनी में नगर पालिका ने जल निकास की व्यवस्था नहीं की। यहां गंदगी होने से लोग बीमार हो रहे हैं।

शहर में बिगड़ साफ -सफाई का गणित

न केवल निर्माण कार्य बल्कि साफ. सफाई की व्यवस्था में भी नगर पालिका नाकाम साबित होती दिखी रही है। बल्कि छोटी-छोटी गलियों में कचरे के ढेर देखने को मिलते हैं। वहीं कचरा फेंकने वालों के विरुद्ध भी कोई कार्यवाही नहीं की जाती। नगर पालिका के कर्मचारी खुद आसपास से कचरा एकत्रित कर शहर के अंदर ही फेंक जाते हैं। कई स्थान ऐसे भी हैं जहां महीनों से झाडू तक नहीं लगी है।

सुबह पकड़ते हैं, शाम को वापस आ जाते

पुराना बाजार निवासी शेखर शर्मा ने बताया कि उनके मोहल्ले में लगभग आधा दर्जन लावारिस श्वानों का झुंडों का आंतक है। ये श्वान कई राहगीरों को गंभीर रूप से घायल कर चुके हैं। छोटे बच्चों को मारने तक की हद तक काटा है। जिसके चलते स्थानीय लोगों के छोटे बच्चे घरों से भी बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। उक्त समस्या को लेकर नगर पालिका में कई बार शिकायत की। जिसके बाद नगर पालिका के कर्मचारी आए भी और तीन श्वानों को पकड़ कर बाहर छोडऩे की बात कही। लेकिन देखने को मिला कि शाम को सभी श्वान वापस मोहल्ले में घूम रहे थे। पालिका प्रशासन की इस तरह की लापरवाही लोगों के घातक साबित हो रही हैं।