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एक-एक पौधे का अब देना होगा हिसाब, प्रशासन कराएगा जियो टैंगिंग

धौलपुर. जिले में इस साल 9.50 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य रखा गया था। जिससे जिले भरपूर हरियाली हो। लेकिन वन विभाग की ओर से वितरित किए गए पौधों को लेकर जिम्मेदार विभागों की लापरवाही की वजह से नन्हे-मुन्ने पौधे केन्द्रीय पौधशाला की क्यारी में ही दम तोड़ गए।

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 Now every plant will have to be accounted for, administration will get geo-tangling done

एक-एक पौधे का अब देना होगा हिसाब, प्रशासन कराएगा जियो टैंगिंग

धौलपुर. जिले में इस साल 9.50 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य रखा गया था। जिससे जिले भरपूर हरियाली हो। लेकिन वन विभाग की ओर से वितरित किए गए पौधों को लेकर जिम्मेदार विभागों की लापरवाही की वजह से नन्हे-मुन्ने पौधे केन्द्रीय पौधशाला की क्यारी में ही दम तोड़ गए। जिन्हें विभाग ले गए, वो अधिकारी व कर्मचारियों के समय पर पौधारोपण नहीं करने से रखे-रखे ही झुलस गए।

दो चरण में हुए पौधारोपण अभियान के दौरान विभागों की ओर से खासी सुस्ती दिखी और पौधारोपण कार्यक्रम लचर साबित हुआ। कुछ विभागों संपूर्ण पौधारोपण नहीं हुआ तो कुछ ने सुस्त दिखने से लक्ष्य पूर्ण नहीं हो पाया। विभागी कथित लापरवाही को लेकर जिला कलक्टर अनिल कुमार अग्रवाल ने खासी नाराजगी जताते हुए जियो टैङ्क्षगग कराने के निर्देश दिए हैं। अब विभागों को बताना होगा, कि उन्होंने किस-किस स्थान पर पौधारोपण किया है। टैगिंग से उनका सारा रिकॉर्ड निकल कर आ जाएगा। प्रथम चरण में 5 लाख 8 हजार रोपे जाने का लक्ष्य था जिसमें 2.17 लाख रोपे गए। जबकि द्वितीय चरण शेष पौधे रोपे जाने थे।

इन्होंने एक भी पौधा नहीं रोपा, कौन रहेगा जिम्मेदार

करीब 18 से अधिक ऐसे विभाग हैं जिन्होंने तो एक भी पौधा नहीं लगाया। यानी इनके पौधे तो इंतजार में ही दम तोड़ गए। इसमें पीडब्ल्यूडी, पीएचईडी, जिला खेल विभाग, जिला समन्वयक केन्द्र, कृषि उपज मण्डी, जिला सूचना केन्द्र और रसद विभाग ऐसे विभाग हैं जिन्होंने एक भी पौधा रोपने में कोई रुचि नहीं दिखाई। जबकि रसद और सूचना विभाग तो जिला कलक्ट्रेट परिसर में संचालित हैं। पौध रोपण में सुस्ती दिखाने को लेकर जिला प्रशासन की ओर से कार्रवाई करने की संभावना है।

केवल गड्ढे के निशान ही शेष बचे

जिले में अगस्त माह से पौधे रोपने का काम शुरू हो गया था। लेकिन विभागों की सुस्ती के कारण आधे से भी कम पौधे रोपे गए। इसमें प्रति प्रशासन की लापरवाही कहे या फिर विभागीय अधिकारियों की लापरवाही करें। दो चरणें में रोपने वाले पौधे आधे रोपे तो आधे ऐसे ही छोड़ दिए। अब संबंधित विभाग की अनदेखी से सारे पौधे नष्ट हो गए हैं। कुछ विभागों में मौके पर पौधों के स्थान पर केवल सूखी डंडी और गड्ढ़े के निशान ही शेष बचे हैं।

पौधे लगाए हैं तो बताएं स्थान...

जिले में करीब 39 विभागों ने इस बार हरा भरा करने का संकल्प लिया था। दो चरण में 9.50 लाख पौधों का लक्ष्य दिया था। जिनमें सभी विभागों को अलग-अलग लक्ष्य मिला था। लेकिन अभी तक कुछ विभागों ने एक भी पौधा नहीं रोपा है। जिससे शहर हरा भरा नहीं दिख सकेगा। अब जियो टैगिंग से रोपे गए पौधे का स्थान दिखाई देगा। जिला कलक्टर अनिल कुमार अग्रवाल के निर्देश के बाद भी अब विभागों से पौधे रोपने का रिकार्ड मांगा गया है।

-------------विभाग लक्ष्य रोपे पौधे

पीडब्लयूडी 5 हजार 0

पीएचईडी 5 हजार 0जिला खेल अधिकारी 2 हजार 0

जिला समन्वयक केन्द्र 2 हजार 0कृषि उपज मंडी धौलपुर 2 हजार 0

जिला सूचना विभाग 1 हजार 0जिला रसद विभाग 1 हजार 0

188 ग्राम पंचायत 1.88 लाख 84 हजार 376शिक्षा विभाग 1.18 लाख 1 हजार 474

नगर परिषद 60 हजार 47 हजार 475सीएचएमओ 10 हजार 300

नपा बाड़ी 10 हजार 3 हजारनपा राजाखेड़ा 10 हजार 6 हजार

नपा बसेड़ी 1 हजार 26 हजार 600नपा सरमथुरा 10 हजार 5500

जल संसाधन 5 हजार 8 हजार 695रीको धौलपुर 10 हजार 1417

जिला उद्योग केन्द्र 10 हजार 333पीजी कॉलेज धौलपुर 200 200

आयुर्वेद विभाग 1 हजार 50(स्रोत: वन विभाग)

- जिला कलक्टर ने अवशेष विभागों को पौधो की जियो टैगिंग करने के निर्देश दिए हंै। विभाग की ओर से पत्र भी भेजा है। जल्द ही सभी विभाग इसका डाटा सौंपेंगे। लेकिन इस बार कई विभागों की ओर से पौधारोपण नहीं किया।- किशोर गुप्ता, उप वन सरंक्षण सामाजिक वानिगी