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अब बढ़ा चुनावी पारा, टिकट दावेदारों की धड़कन हुई तेज, जिले में चार विधानसभा सीट

धौलपुर. सूबे में मिशन 2023 का सियासी आगाज दोनों प्रमुख दलों ने कर दिया है। कांग्रेस जीत बरकरार रखने सियासी जमावट कर रही है तो सत्ता पाने को बेचैन भाजपा भी इस मर्तबा पूरी ताकत झोंक देना चाहती है।

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Now the election temperature increased, the heartbeat of ticket contenders increased, four assembly seats in the district

अब बढ़ा चुनावी पारा, टिकट दावेदारों की धड़कन हुई तेज, जिले में चार विधानसभा सीट

धौलपुर. सूबे में मिशन 2023 का सियासी आगाज दोनों प्रमुख दलों ने कर दिया है। कांग्रेस जीत बरकरार रखने सियासी जमावट कर रही है तो सत्ता पाने को बेचैन भाजपा भी इस मर्तबा पूरी ताकत झोंक देना चाहती है। दोनों ही दलों को पता है कि अबकी गए तो लौटने का रास्ता आसान नहीं है। जिले से अभी कांग्रेस और भाजपा की ओर से एक भी प्रत्याशियों के नामों की घोषणा नहीं होने से दावेदार जयपुर व दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं।

वर्तमान में धौलपुर जिले की चार विधानसभा सीटों में से तीन पर कांग्रेस और एक पर भाजपा विजयी रही, लेकिन धौलपुर विधान सभा से जीती भाजपा विधायक शोभारानी कुशवाहा के गत राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने पर पार्टी ने इन्हें सदस्यता से निष्कासित कर दिया। इसके बाद कुशवाहा की कांग्रेस से नजदीकी बढ़ गई। हालांकि, शोभारानी ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण नहीं की थी। जिले में वर्तमान में धौलपुर सीट से शोभारानी कुशवाहा, राजाखेड़ा से कांग्रेस के रोहित बोहरा, बाड़ी से गिर्राज सिंह मलिंगा और बसेड़ी विधानसभा (अजा) से कांग्रेस के खिलाड़ी राम बैरवा विधायक हैं। भाजपा की सूची को लेकर टिकट की चाहत पाले दावेदारों की धड़कने तेज हो गई हैं। भाजपा के कई दावेदार जयपुर व दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं के यहां जमे हुए हैं। ये फाइनल सूची में शामिल होने की जुगत बिठा रहे हैं। उधर, कांग्रेस की टिकट के दावेदारों में ज्यादा उत्साह नहीं है। इसकी वजह जीते विधायकों की दावेदारी है। हालांकि, इसके बाद भी दावेदार अपने-अपने अकाओं के भरोसे बने हुए हैं। हालांकि, पत्ते साफ नहीं होने तक सभी टिकट फाइनल होने का दावा कर रहे हैं।

..............................कांग्रेस के नाम करीब-करीब तय, भाजपा में असमंजस बरकरार

जिले की चारों विधानसभा सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों के नाम करीब-करीब तय हो चुके हैं। इसमें एक सीट पर असमंजस बना हुआ है। माना जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी की पहली सूची में दो से तीन सीटों पर प्रत्याशी के नामों की घोषणा जल्द हो सकती है। उधर, विपक्षी दल भाजपा के प्रत्याशियों के नाम पर असमंजस और जोर आजमाइश बरकरार है। भाजपा में गुटबाजी खुलकर सामने आ चुकी है। हाल में एक कार्यकर्ता के भरतपुर संभाग में पद देने पर एक गुट ने स्वागत किया जबकि दूसरे गुट ने दूरी बनाकर रखी। उधर, सांसद डॉ.मनोज राजोरिया फिलहाल स्थिर भूमिका में हैं। क्योंकि उन्हें भी पार्टी के निर्णय का इंतजार है।..................................

भरतपुर संभाग में कुल सीट - 19

भाजपा की सीट 1 (अब कांग्रेस में शामिल)

कांग्रेस की सीट 18 (बसपा-लोकदल सहित)

बसपा की सीट 0 (कांग्रेस में शामिल होने के बाद)

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विधानसभा चुनाव 2018 की स्थिति

जिला कुल सीट भाजपा कांग्रेस बसपा

भरतपुर 7 0 7 (लोकदल समेत) 0

धौलपुर 4 1 (अब 0) 3 0

करौली 4 0 4 0

सवाईमाधोपुर 4 4 0 0

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संभाग में विधानसभा चुनाव 2018 की स्थिति

जिला कुल सीट भाजपा कांग्रेस बसपा

भरतपुर 7 0 7 (लोकदल समेत) 0

धौलपुर 4 1 (अब 0) 3 0

करौली 4 0 4 0

सवाईमाधोपुर 4 4 0 0

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(धौलपुर में अप्रेल 2017 के उपचुनाव में भाजपा ने एक सीट जीती थी। वहीं भरतपुर के वैर विधानसभा उपचुनाव सितंबर 2014 में कांग्रेस ने जीत हासिल की थी)