
पुलिस छानती रही पड़ोसी प्रदेश की खाक, डांग में छुपा बैठा था दस्यु जगन
पुलिस छानती रही पड़ोसी प्रदेश की खाक, डांग में छुपा बैठा था दस्यु जगन
कुख्यात डकैत जगन ने फिर किया आत्मसमर्पण
-पहले भी तीन बार कर चुका है आत्मसमर्पण
-कुख्यात जगन गुर्जर पर दर्ज हैं 116 आपराधिक मामले
-एक दिन में चार वारदातों के बाद फरार हो गया था जगन
-डांग की खाक छानती रही पुलिस, वहीं छुपा मिला जगन
धौलपुर. कुख्यात डकैत जगन ने शुक्रवार को एक बार फिर से आत्म समर्पण कर दिया। बाड़ी सदर थाना इलाके में पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में जगन ने आत्म समर्पण कर अपनी एक राइफल व छह जिंदा कारसूत पुलिस के सुर्पुद कर दिए। अहम बात यह रही कि जगन से अकेले ही समर्पण किया जाना सामने आया है। जबकि उसका छोटा भाई कुख्यात डकैत पप्पू अभी फरार हैं। जगन पहले भी तीन बार पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर चुका है और हर बार जेल से बाहर आने के बाद फिर से जुर्म की दुनिया में कदम रख देता है। अब तक के इतिहास को देखते हुए फिर से जगन ने आत्मसमर्पण किया और माना जा रहा है कि फिर से उसने अपनी अपराध की दुनिया का लाइसेंस रिन्यू करवा लिया है। हालांकि उसका भाई डकैत पप्पू अभी तक पुलिस गिरफ्त से बाहर है। जगन पर भले ही 116 मामले दर्ज हैं और कई में सजा हो चुकी है तो कई में बरी हो चुका है। पुलिस अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण के दौरान फिर से जुर्म के दलदल में नहीं फंसने की सौगंध तो खाता है, लेकिन यह कसौटी पर खरी नहीं उतरती है। कहीं इस बार भी ऐसा ही नहीं हो जाए।
हवलदार संतोष की फिर रही भूमिका
एक पखवाड़े से डांग क्षेत्र में खौफ फैलाने वाले दस्यु जगन को पकडऩे के लिए जिला पुलिस के अलावा मुख्यालय से भेजे गए करीब दो सौ पुलिसकर्मियों, अधिकारियों व एटीएस टीम भले ही जंगलों व बीहड़ों की खाक छानती रही, लेकिन जगन का कोई भी सुराग हाथ नहीं लगा। ऐसे में भरतपुर पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय में तैनात हवलदार संतोष गुर्जर की भूमिका फिर से सामने आई। उसने जगन की लोकेशन के अलावा उसे सरेंडर कराने में भूमिका निभाई। वहीं पूर्व में भी 19 अगस्त 2018 को बयाना क्षेत्र से जगन की गिरफ्तारी में भी उसकी मुख्य भूमिका बताई जा रही है। दूसरी ओर सीओ ग्रामीण भरतपुर परमाल गुर्जर का भी नाम सामने आ रहा है।
आत्मसमर्पण को लेकर कई दिनों से था सम्पर्क में
पुलिस सूत्रों ने बताया कि क्षेत्र में बढ़ती पुलिस की गतिविधियों और एनकाउंटर के भय से डकैत जगन आत्मसमर्पण करने के जरिया तलाश रहा था। इस दौरान उसने अपने समाज के प्रतिष्ठित लोगों से सम्पर्क साधा। इसके बाद कई माध्यमों से होते हुए मामला पुलिस तक पहुंचा। सूत्रों ने बताया कि इसके बाद जगन के पिता शिवचरण गुर्जर ने भरतपुर सीओ सिटी कार्यालय में तैनात हवलदार संतोष गुर्जर से सम्पर्क साधा और जगन के आत्मसमर्पण करने की बात कही। साथ ही जगन के एनकाउंटर नहीं करने की शर्त भी रखी।
डांग क्षेत्र में छुपा था जगन, पुलिस छानती रही खाक
पुलिस का बेड़ा बीहड़ तथा डांग क्षेत्र के अलावा पड़ोसी प्रदेश तक में खाक छानती रही, लेकिन दस्यु जगन डांग क्षेत्र के तरुआ-मुतावली गांव में ही छिपा हुआ था। जगन के पिता शिवचरण ने हवलदार संतोष गुर्जर को भी इसी गांव में जगन से मिलवाया। जब भरोसा हो गया, तब हथियार मय राउण्ड के पुलिस के समक्ष सरेंडर किया है।
कई मामलों में हो चुका है बरी
दस्यु जगन पर 116 मामले दर्ज हंै। इनमें भरतपुर रेंज में करीब 80 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसमें डकैती, हत्या का प्रयास आदि शामिल हैं। सर्वाधिक मुकदमे धौलपुर जिले में दर्ज हैं। जगन ने 30 जनवरी 2009 को करौली जिले के गांव कैमरी में जगदीश मेले में कांग्रेस नेता सचिन पायलट के समक्ष सरेण्डर कर दिया था। उसके साथ उसकी प्रेमिका व दस्यु कौमेश ने भी सरेण्डर किया था। जगन मार्च 2018 में सभी प्रकरणों में बरी हो गया था।
गुर्जर आंदोलन में हुआ था चर्चित
पूर्व दस्यु बयाना क्षेत्र से शुरू हुई गुर्जर आंदोलन के दौरान भीड़ के समक्ष आया और पूर्व मुख्यमंत्री का धौलपुर स्थित राजनिवास पैलेस को उड़ाने की धमकी तक दे डाली थी। उसके बाद जगन चर्चित हो गया। पुलिस ने बाद में उसकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए, बाद में उसने सरेण्डर कर दिया था।
जगन से ज्यादा डकैत पप्पू का खौफ
डांग क्षेत्र के गांवों में दस्यु जगन गुर्जर से ज्यादा उसके भाई पप्पू गुर्जर का खौफ है। पप्पू पर करीब 50 से अधिक मुकदमें दर्ज हैं, लेकिन पुलिस अभी तक उसको एक बार भी नहीं पकड़ सकी है। पप्पू की ओर से जगन के मामलों में गवाहों को धमकाने का प्रयास किया जाता है, जिससे वे कोर्ट में गवाही नहीं दे सकें। इसके चलते जगन कोर्ट से बरी हो जाता है। चर्चा है कि फिर से जुर्म की दुनिया में आने के बाद जगन अपने भाई पप्पू की गंैग में शामिल हो गया था। जबकि इसके बड़े भाई लाल सिंह व पान सिंह भी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं, जिन पर दर्जनों मामले दर्ज हैं।
एक दिन में चार वारदात कर फैलाया था आतंक
जेल से छूटने के दो दिन बाद ही दस्यु जगन ने बाड़ी थाना इलाके में दुकानदारों से मारपीट की वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान बाजार में फायङ्क्षरग भी की। यहां से आगे चलकर बसेड़ी टोल प्लाजा पर एक युवक से जमकर मारपीट की। फिर करौली के मासलपुर इलाके में अपनी ससुराल पहुंचकर उनके विरोधियों की महिलाओं से मारपीट की। इसके अलावा बसई डांग थाना इलाके के सायपुर करनसिंहकापुरा में महिलाओं से मारपीट कर निर्वस्त्र घुमाने की वारदात को अंजाम दिया। घटनाओं के सम्बंध में मामला दर्ज कर 200 पुलिस कर्मियों ने डांग क्षेत्र में जगन की तलाश शुरू कर दी।
पुलिस मुख्यालय भी हुआ सक्रिय
एक साथ हुई वारदातों को देखते हुए पुलिस मुख्यालय भी सक्रिय हुआ और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सतर्कता गोविंद गुप्ता को कैम्प करने धौलपुर भेज दिया। वहीं जगन की गिरफ्तारी को लेकर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी संसद में मामला उठाया था। दूसरी ओर पाली जिले के पूर्व विधायक भैरोसिंह गुर्जर ने भी मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मध्यस्थता कराने का आग्रह किया था।
Published on:
28 Jun 2019 03:57 pm
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