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आलू राजा के आगे शौकीनों का सरेंडर,थोक से लेकर फुटकर तक भाव सातवें आसमान पर

40 का एक किलो तो 200 रुपए के पांच किलो आलू - थालियों का बिगड़ा स्वाद, शहरवासी खरीदने से कर रहे परहेज

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आलू राजा के आगे शौकीनों का सरेंडर,थोक से लेकर फुटकर तक भाव सातवें आसमान पर Amateurs surrender before Potato King, prices from wholesale to retail skyrocket

40 का एक किलो तो 200 रुपए के पांच किलो आलू

- थालियों का बिगड़ा स्वाद, शहरवासी खरीदने से कर रहे परहेज

धौलपुर. सब्जियों का राजा आलू के दाम में भारी उछाल आया है। फुटकर में जहां 40 से 45 रुपए किलो आलू बिक रहा है। वहीं पसेरी के भाव 200 से 210 रुपए हैं। जिससे आलू के शौकीन इसे खरीदने से परहेज करने लगे हैं। देखा जाए तो इस समय आलू ही नहीं लगभग हर सब्जी के भाव सातवें आसमान पर है। जिससे रसोई का बजट बिगड़ चुका है।

आलू के दामों में भारी वृद्धि के कारण लोगों की थाली का भी स्वाद बिगड़ गया है। क्योंकि आलू का प्रयोग लगभग हर सब्जी के साथ किया जा सकता है। जब भी कोई सब्जी खरीदने मण्डी जाता है तो आलू जरूर खरीदकर लाता है। मगर जब इसी आलू के भाव 40 रुपए किलो हो जाएं तो क्या होगा। आलू के बढ़े हुए दामों से हर कोई अचंभित है। आलू खरीदने आईं हेमलता शर्मा से जब आलू के महंगे होने पर बात की तो उन्होंने कहा कि अभी कुछ समय पहले ही आलू 25 से 30 रुपए किलो बिक रहा था। लेकिन आज जब मैं मण्डी सब्जी लेने आई तो आलू के भाव 40 रुपए किलो सुन दंग हूं। मैं 2.50 किलो आलू लेने आई थी लेकिन अब केवल एक किलो ही आलू खरीकर ले जा रही हूं। यह झुंझुनाहट एक हेमलता की नहीं है अपितु मण्डी सब्जी खरीदने आ रहे हर खरीदार की है। जो आलू के दाम सुनकर हतप्रभ है।

आलू के दाम बढऩे का कारण

सब्जी व्यापारी देवी सिंह से जब आलू के दाम बढऩे का कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि आलू की खेती साल में सिर्फ एक बार होती है। और जब आलू आता है तो बड़े व्यापारी ज्यादा से ज्यादा आलू का कोल्ड स्टोरेज कर लेते हैं। जिसे समय के साथ धीरे-धीरे निकालते हैं। बरसात के सीजन तक आलू की मांग भी बढ़ जाती है। मगर आलू की आवक कहीं से नहीं हो पाती। धौलपुर मण्डी में अब केवल बाहर से ही आलू आ रहा है। वह भी कम मात्रा में। और बरसात के साथ शादियों का भी सीजन प्रारंभ हो चुका है। जिस कारण दाम में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है।

मण्डी में कौन सा आलू उपलब्ध

धौलपुर मण्डी में आलू के 4 से 5 बैरायटियां आलू की आती हैं। जो समय-समय पर होती हैं। इस वक्त मण्डी में टी7 हल्द्वानी, लखनऊ और 3797 बैरायटियां उपलब्ध हैं। जो कि सब बाहर से ही आ रही हैं। इन सबमें सबसे ज्यादा डिमांड टी7 हल्द्वानी और लखनऊ आलू की है। 3797 आलू की बनावट देसी आलू जैसी ही होती है। मगर वह थोड़ा लंबा सा होता है। तो वहीं लखनऊ आलू काली मिट्टी रहित होता है। जिसे लोग काफी पसंद करते हैं। वहीं चिपसोना और हाइब्रेड आलू मण्डी में नहीं आ रहे हैं।

मण्डी में कहां से आ रहा आलू

सीजन के वक्त आलू की पैदावार धौलपुर क्षेत्र में भी खूब होती है। जिससे गर्मियों के सीजन तक क्षेत्र का आलू मण्डी में खूब बिकता है। वहीं उप्र से सबसे ज्यादा आलू हमारे यहां आता है। इस वक्त भी उप्र से ही आलू धौलपुर की मण्डी में आ रहा है। जिसमें कानपुर और लखनऊ से आलू आ रहा है। वहीं मप्र से भी आलू की आवक होती है।