scriptराजस्थान के इस गांव ने बॉलीवुड को दी हैं कई हिट फिल्में, पर खुद की कहानी रही फ्लॉप | Rajasthan News : Many Bollywood films have been shot in Rajghat village of Dholpur | Patrika News
धौलपुर

राजस्थान के इस गांव ने बॉलीवुड को दी हैं कई हिट फिल्में, पर खुद की कहानी रही फ्लॉप

चंबल के किनारे बसा गांव राजघाट में बीते सालों पहले बैडिंट क्वीन, सोन चिरैया, पान सिंह तोमर जैसी फिल्मों की शूटिंग यहां राजघाट किनारे हो चुकी है। जिसमें काफी दिनों तक फिल्म कलाकार यहां पर रूके थे। उन्होंने कुछ रुपए की मदद इन गांव वालों के लिए की थी।

धौलपुरJun 08, 2024 / 06:17 pm

जमील खान

एक्सक्लूसिव

Dholpur News : धौलपुर. शहर से सटे बीहड़ों में बसा गांव जो कभी फिल्म निर्माताओं की पहली पंसद बना, लेकिन अब गांव मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। गांव के लोगों ने पहले तीन बॉलीवुड फिल्मों (Bollywood) में किरदार निभाया आज वह खुद की पटरी से उतरी फिल्म सुधारने की गुहार लगा रहे हैं। अब आपको शहर से तीन किलोमीटर दूर बसा गांव राजघाट की कहानी बताते हैं…यह राजघाट पानी के लिए भी तरस रहा है। गांव चंबल से मात्र आधा किलोमीटर दूर स्थित है। गांव में पहुंचने के लिए कोई पक्की सड़क भी नहीं है।
प्राथमिक शिक्षा से ही इस गांव के बच्चे पढ़े है। इससे आगे की शिक्षा किसी ने नहीं ली है। शहर के चंबल किनारे बसा गांव राजघाट अब अपने राज को नहीं वापस बुला पा रहा है। गांव पहले तो यह बीहड़ों में आता था। लेकिन समय बदला तो यह नगर परिषद में शामिल हो गया है। यह नगर परिषद के वार्ड 17 की पहचान के नाम से जाना जाता है, लेकिन इसमें सुविधाएं गांव से भी गुजरी हुई हैं। नगर परिषद यहां पर सड़क तक नहीं पहुंचा सकी।
हर बार चुनाव में इन्होंने वोट दिया। लेकिन सुविधा की जिमेदारी किसी ने नहीं ली है। गांव में विकास नहीं होने के चलते कोई अपनी लडक़ी की शादी करने को भी नहीं आता है। इसमें राजघाट में केवल 30-35 मकान बने हुए हैं। वह भी अभी तक कच्चे ही बने है। किसी गरीब के लिए पीएम आवाज योजना आशियाना नहीं दे सकीं।
Rajasthan News : पीएम आवास नहीं बन सका आसरा
केन्द्र सरकार जहां गरीबों के लिए पीएम आवास योजना से लाभ दे रही है। लेकिन इस गांव में आी तक किसी को भी पीएम आवास नहीं मिल सका है। गांव में बने लगभग 35 मकान कच्चे बने हुए है। कोई मकान पक्का नहीं है। रोजगार नहीं होने से चलते गांव में किसी की ओर से पक्का बनवाने के लिए आमदनी एकत्रित करने के लिए रोजगार नहीं है।
जल जीवन योजना, जल में प्रवाहित
केन्द्र सरकार ने 15 अगस्त 2019 को पानी के लिए जलजीवन योजना शुरू की थी। इस योजना में हर किसी को पेयजल की सुविधा देने का वादा था। लेकिन पांच साल गुजर जाने के बाद भी इस गांव में कोई जल जीवन योजना लोगों का पानी से जीवन नहीं अमृत कर सकीं। गांव में एक नल लगा हुआ है। वह भी फ्लोराइड ज्यादा होने के चलते गलने लगा है। जिससे लोग इस हैंडपंप से पानी का सेवन नहीं करते है। यहां के लोग आधा किलोमीटर दूर जाकर चंबल नदी से पानी लेकर आते है।
इन फिल्मों की यहां पर हो चुकी शूटिंग
चंबल के किनारे बसा गांव राजघाट में बीते सालों पहले बैडिंट क्वीन, सोन चिरैया, पान सिंह तोमर जैसी फिल्मों की शूटिंग यहां राजघाट किनारे हो चुकी है। जिसमें काफी दिनों तक फिल्म कलाकार यहां पर रूके थे। उन्होंने कुछ रुपए की मदद इन गांव वालों के लिए की थी। लेकिन शिक्षित नहीं होने के चलते गांव के लोग सस्ती कीमत में ही खुश हो गए थे। उनको यह भी नहीं पता था कि उनकी कहानी हर कोई देखेगा। सुविधाएं न होने से संबंध होने में दिक्कतें इस राजघाट गांव में अभी तक कोई सड़क नहीं बनी है। गांव के लोग पग डंडी से आते जाते हैं। हर विकास की राह इस गांव तक नहीं पहुंच सकी। केन्द्र व राज्य सरकार ने कई योजनाएं चलाई। लेकिन यहां तक पहुंच नहीं सकी। गांव में कोई सुविधा नहीं होने से यहां पर किसी लड़की के परिजन रिश्ता करने के लिए नहीं आते है। वहीं रोजगार के लिए यहां हर कोई भटक रहा है। इसमें शिक्षित ना होना भी एक श्राप लगा है। अभी तक केवल प्राथमिक कक्षा तक ही लोग पढ़े हैं। किसी ने दसवीं कक्षा में प्रवेश तक नहीं लिया।

Hindi News/ Dholpur / राजस्थान के इस गांव ने बॉलीवुड को दी हैं कई हिट फिल्में, पर खुद की कहानी रही फ्लॉप

ट्रेंडिंग वीडियो