6 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

icon

प्रोफाइल

मंडी व्यापारियों में नाराजगी, कार्मिक पर गंभीर आरोप

शहर की कृषि उपज मंंडी में गुरुवार को हुए विवाद के मामले में एक जने को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। उधर, उक्त घटना को लेकर व्यापारियों में खासा आक्रोश है। व्यापारियों का कहना है कि कृषि उपज मंडी समिति में कार्यरत कार्मिक अनावश्यक रूप से परेशान करते हैं।

2 min read
Google source verification
मंडी व्यापारियों में नाराजगी, कार्मिक पर गंभीर आरोप Resentment among Mandi traders, serious allegations against personnel

- मंडी कार्यालय की पहले शिकायतों पर एसडीएम कर चुकी जांच

- कृषि मंडी में हुए विवाद में एक जना भेजा जेल

धौलपुर. शहर की कृषि उपज मंंडी में गुरुवार को हुए विवाद के मामले में एक जने को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। उधर, उक्त घटना को लेकर व्यापारियों में खासा आक्रोश है। व्यापारियों का कहना है कि कृषि उपज मंडी समिति में कार्यरत कार्मिक अनावश्यक रूप से परेशान करते हैं। जिला कलक्टर और एसपी को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने कथित रूप से सुपरवाइजर कमल सिंह कोली पर गंभीर आरोप भी लगाए। वहीं, मंडी सचिव का कहना है कि घटना के समय वह मौजूद थे लेकिन कुछ दूरी पर थे। घटना अचानक से हुई। धक्का मुक्की की गई जो गलत था। उन्होंने कहा कि वह उक्त मामले में समझाइश का प्रयास कर रहे हैं।

गौरतलब रहे कि जिला कलक्टर को फर्म पवन ट्रेडर्स की ओर से लिखित में शिकायत दी गई है। इसमें बताया कि वह फर्म के माध्यम से गल्ला, दलहन, तिलहन के खरीद.बिक्री का व्यापार करता है। 24 जून को शाम करीब सवा सात बजे जब प्रार्थी कृषि उपज मंडी धौलपुर में अपनी कृषि उपज बेच रहा था। आरोप है कि मंडी सुपरवाइजर कमल ने उससे गल्ले के बिल ठीक करने के एवज में रिश्वत की मांग की।

तबादला होने के बाद भी जमा सुपरवाइजर

व्यापारियों की ओर से जिस सुपरवाइजर कमल सिंह पर आरोप लगे हैं, उसका पहले ही तबादला हो चुका है। लेकिन मंडी समिति प्रशासन ने स्टाफ की कमी बताते हुए उक्त कार्मिक को रोक रखा है। मंडी सचिव कैलाश चंद भी यह बात स्वीकारते है कि पदोन्नत होने के बाद कमल का तबादला हो गया था, जो अभी तक निरस्त नहींं हुआ है। बता दें कि मंडी समिति की पूर्व में भी शिकायत हुई थी। जिस पर एसडीएम डॉ.साधना शर्मा ने जांच की थी।

- आपसी विवाद के दौरान घटना हो गई थी। घटना के समय मैं भी था लेकिन कुछ दूरी पर था। शुक्रवार को अलवर में बैठक होने वह सुबह निकल गया था। समझाइश के प्रयास कर रहे हैं। कमल सिंह पदोन्नत होने के बाद तबादला हो गया था, स्टाफ नहीं होने से रोक रखा है।

- कैलाश चंद मीणा, सचिव कृपि उपज मंडी