
- कोई अपराध नहीं, फिर भी बंद कर दिए निरीक्षक
- परिवहन निरीक्षकों को चेक पोस्ट से लाकर मनियां थाने में बैठाने का मामला
धौलपुर/भरतपुर. राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 44 धौलपुर.आगरा बॉर्डर स्थित बरैठा चेक पोस्ट पर शनिवार देर रात एसपी सुमित सुमित मेहरड़ा की गाड़ी पहुंची तो यहां परिवहन निरीक्षकों ने उन्हें सेल्यूट ठोका और पूछने पर चेकिंग की जानकारी दी। घटना के दौरान परिवहन निरीक्षकों ने कैश का मिलान भी कराया, लेकिन इसके बाद एसपी मेहरड़ा ने दोनों को मनियां थाने की सलाखों के पीछे बिठा दिया। पत्रिका पड़ताल में निरीक्षकों को बेवजह पुलिस कस्टडी में रखने की बात सामने आई है। यह भी खुलासा हुआ है कि दोनों निरीक्षकों पर कोई आरोप साबित नहीं हो सके।
थाने से बाहर आने के बाद निरीक्षकों ने उच्चाधिकारियों को घटना की जानकारी दी तो मामला सुर्खियां बटोर गया। राज्य सरकार ने इस मामले में रिपोर्ट मांगी तो आईजी राहुल प्रकाश ने सोमवार को धौलपुर पहुंचकर मामले की जानकारी जुटाई। आईजी ने साफ तौर पर कहा कि सभी अधिकारियों को अपनी ‘हद’ पता होनी चाहिए। जिम्मेदार लोग किसी भी सूरत में ‘प्रोटोकॉल’ को नहीं तोड़ें। निरीक्षकों के काम बंद करने पर परिवहन आयुक्त शुचि त्यागी ने भी इस मामले को लेकर रिपोर्ट मांगी है। जांच में सामने आया है कि एसपी बरैठा से दोनों निरीक्षकों को बिना जांच.पड़ताल के ही उठा लाएए जबकि जुर्माने के रूप में ली गई राशि का मिलान हो गया था और वह नियमानुसार ही वाहनों की जांच कर रहे थे। इसके बाद भी पुलिस ने मनमाना रवैया अख्त्यिार करते हुए निरीक्षकों को रातभर थाने में बिठाए रखा।
यह था पूरा मामला
बरैठा चेक पोस्ट पर एक फरवरी 2025 की रात को उडऩदस्ते के परिवहन निरीक्षक अनिल कुमार प्रसाद व शैलेन्द्र वर्मा वाहनों की जांच कर रहे थे। रात करीब दो बजे सफेद रंग की गाड़ी चेक पोस्ट पर पहुंची। गाड़ी से पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरड़ा सादा कपड़ों में बाहर आए। इस पर दोनों निरीक्षकों ने उनका अभिवादन किया। आरोप है कि इसके बाद एसपी ने उनके साथ दुव्र्यवहार किया और राजकार्य करने से रोका। एसपी ने दोनों निरीक्षकों को गाड़ी में बैठने के लिए कहा। इस पर उन्होंने राजस्व अर्जन के लिए राजकार्य करने की बात कही, लेकिन एसपी ने उसे अनसुना कर दिया और मनियां थाने ले जाकर बिठा दिया। निरीक्षकों को सुबह 7.30 बजे बाद छोड़ा गया। खास बात यह है कि जब निरीक्षकों का कोई अपराध ही नहीं था तो उन्हें थाने में क्यूं बिठाकर रखा गया और यदि अपराध था तो बिना कार्रवाई किए ही क्यों छोड़ दिया गया।
12 लाख रुपए का प्रतिदिन नुकसान
घटना के बाद परिवहन निरीक्षकों ने काम बंद कर दिया है। भरतपुर और धौलपुर की बात करें तो दोनों जगह परिवहन विभाग के चेकिंग के लिए चार-चार नाके हैं। इन पर प्रतिदिन चेकिंग कर वाहनों पर जुर्माना लगाकर करीब एक से डेढ़ लाख रुपए वसूला जाता है। निरीक्षकों ने सोमवार से काम बंद कर रखा है। ऐसे में राज्य सरकार को राजस्व का करीब 12 लाख रुपए प्रतिदिन का नुकसान हो रहा है। यही वजह है कि नाकों से वाहन बिना चेकिंग के ही निकल रहे हैं।
आईजी को और भी मिलीं शिकायतें
रेंज आइजी राहुल प्रकाश सोमवार को धौलपुर के सर्किट हाउस पहुंचे तो उन्हें और भी पुलिस संबंधी शिकायतें मिलीं। कुछ लोगों ने अवैध बजरी मामले में गलत तरीके से फंसाने का आरोप लगाया तो कुछ लोगों ने शहर की मित्तल कॉलोनी में नव दिवसीय श्री पीतांबरा बगलामुखी महायज्ञ कार्यक्रम के दौरान में होने वाली आरती को पुलिस की ओर से बंद कराने के आरोप लगाए। लोगों ने आरोप लगाया कि एसपी लगातार विवादों में हैं।
चेक पोस्ट रहे सूने, तीसरे दिन भी चली जांच
उधर, घटनाक्रम को लेकर आईजी की ओर से नियुक्त एएसपी बयाना हरिराम कुमावत ने तीसरे दिन भी जांच की। टीम ने यहां सॢकट हाउस में दोनों परिवहन निरीक्षक से सवाल जवाब किए। यहां पर जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी और पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरड़ा भी पहुंचे। उधर, राष्ट्रीय राजमार्ग दिल्ली-मुंबई स्थित बरैठा और सागरपाडा चेक पोस्टों पर सन्नाटा पसरा रहा। गौरतलब रहे कि पुलिस कार्रवाई को लेकर परिवहन निरीक्षकों की यूनियन ने कड़ा ऐतराज से जताते हुए विरोध स्वरूप कार्य बंद कर दिया है।
- परिवहन निरीक्षक वाले मामले की जांच कर ली है। इस संबंध में रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रेषित की जा रही है।
- राहुल प्रकाश, पुलिस महानिरीक्षक भरतपुर रेंज
Published on:
05 Feb 2025 07:04 pm
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