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पीले पंजे की गर्जना में सात दुकानें ध्वस्त, चिह्नित अतिक्रमण को किया धराशायी

नगर परिषद का पीला पंजा फिर गर्जन करने लगा। इस दौरान सुभाष पार्क, जगन चौराहा और सराय से पक्के अतिक्रमणों को ध्वस्त किया गया। परिषद की टीम ने पहले से चिह्नित अतिक्रमणों को एक-एक कर ध्वस्त किया। इस दौरान टीम को लोगों का विरोध भी झेलना पड़ा, लेकिन पीला पंजा अतिक्रमण को ध्वस्त कर ही शांत हुआ।ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने नालों पर हो रहे अतिक्रमण और शहर में हो रहे अवैध कब्जों को ध्वस्त करने नगर परिषद की कार्रवाई सुभाष पार्क से प्रारंभ हुई।
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पीले पंजे की गर्जना में सात दुकानें ध्वस्त, चिह्नित अतिक्रमण को किया धराशायी Seven shops demolished in the roar of yellow claws, marked encroachments demolished

धौलपुर. दो दिन की शांति के बाद नगर परिषद का पीला पंजा फिर गर्जन करने लगा। इस दौरान सुभाष पार्क, जगन चौराहा और सराय से पक्के अतिक्रमणों को ध्वस्त किया गया। परिषद की टीम ने पहले से चिह्नित अतिक्रमणों को एक-एक कर ध्वस्त किया। इस दौरान टीम को लोगों का विरोध भी झेलना पड़ा, लेकिन पीला पंजा अतिक्रमण को ध्वस्त कर ही शांत हुआ।ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने नालों पर हो रहे अतिक्रमण और शहर में हो रहे अवैध कब्जों को ध्वस्त करने नगर परिषद की कार्रवाई सुभाष पार्क से प्रारंभ हुई। इस दौरान पार्क के बगल से निकलने वाले रास्ते पर हो रहे अतिक्रमण को ध्वस्त किया गया। यहां से अतिक्रमण ध्वस्त करने के बाद टीम जगन चौराहे पर जैसे ही पहुंची लोगों में हडक़ंप मच गया। जिसके बाद चौराहे पर पहले से लाल निशान से चिह्नित दुकानों को जमींदोज किया। यहां पर नाले पर बनी दुकानों को ध्वस्त कर नाले में सालों से जमी सिल्ट को बाहर निकाला गया। परिषद की टीम ने यहां तीन पक्की दुकानों को ध्वस्त किया। इसके बाद सराय में भी नगर परिषद ने पहले से चिह्नित की गईं चार दुकानों को एक-एक कर धराशायी किया। इस दौरान लोगों ने अपना विरोध भी जताया। और लोग दुकानों के कागजात लेकर वहां उपस्थित नगर आयुक्त अशोक शर्मा को दिखाते रहे।

लोगों ने उठाए कार्रवाई पर सवाल

अतिक्रमण के विरोध में चल रही नगर परिषद की कार्रवाई के दौरान गांधी पार्क के बगल लाल बाजार को जाने वाले रास्ते पर लोगों ने कार्रवाई का जमकर विरोध किया। इस दौरान लोगों का कहना था कि हमारा घर नाली के अंदर ही है, फिर भी परिषद के दस्ते ने टीन शेड को तोड़ दिया। लोगों का कहना था कि परिषद की टीम ने टीन शेड तो तोड़ साथ ही दीवार को भी धराशायी कर दिया। जो कि नाली से बहुत अंदर थी। लोगों ने परिषद की इस कार्रवाई को तानाशाही करार दिया।

दस्ता किस तरफ जाएगा... किसी को नहीं पता!

नगर परिषद की कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से हो रही है। टीम में कौन अधिकारी व कार्मिक जाएंगे, इन्हें भी नहीं मालूम कि नालों से अतिक्रमण किस जगह हटाना है। अचानक मैसेज मिलते ही पहले परिषद अधिकारी दलबल के साथ पहुंचते हैं और फिर पीछे से जेबीसी, ट्रेक्टर और डंपर का पहुंचाना शुरू हो जाता है। अधिकारी चिह्नित समेत अन्य अतिक्रमण को हटाने के निर्देश देते हुए आगे बढ़ जाते हैं।