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गर्मी की दस्तक:फायर विभाग के पास अपग्रेड संसाधनों का अभाव

धौलपुर फायर विभाग को भी नगर परिषद अभी तक अपग्रेड नहीं कर सका है। निगम के फायर विभाग के पास अभी भी आधुनिक फायर वाहन नहीं हैं। जो हैं भी उनमें से दो खराब हैं। सिर्फ तीन फायर वाहनों से आग बुझाने योग्य हैं। जिसमें से एक वाहन अभी दुरुस्त होकर आया है। तो वहीं तीन वाहन ऐसे हैं जो कंडम हालत में जा चुके हैं।गर्मियों का सीजन आते ही आगजनी की घटनाएं ज्यादा होने लगती हैं।

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गर्मी की दस्तक:फायर विभाग के पास अपग्रेड संसाधनों का अभाव Summer knocks: Fire department lacks upgraded resources

-तीन वाहन आग बुझाने योग्य, जिसमें से एक ही वाहन 6 हजार लीटर का

-दो गाडिय़ा मैकेनिक के पास तो तीन गाडिय़ां गैराज में खड़ी कंडम हालत में

-गलियों में लगी आग को बुझाने एक भी फायर बाइक नहीं

धौलपुर.अपग्रेड होना समय की मांग कहा जाता है, अगर आप अपग्रेड नहीं हो तो आपके कार्य में आपको परेशानियों का सामना करना पड़ता है। धौलपुर फायर विभाग को भी नगर परिषद अभी तक अपग्रेड नहीं कर सका है। निगम के फायर विभाग के पास अभी भी आधुनिक फायर वाहन नहीं हैं। जो हैं भी उनमें से दो खराब हैं। सिर्फ तीन फायर वाहनों से आग बुझाने योग्य हैं। जिसमें से एक वाहन अभी दुरुस्त होकर आया है। तो वहीं तीन वाहन ऐसे हैं जो कंडम हालत में जा चुके हैं।गर्मियों का सीजन आते ही आगजनी की घटनाएं ज्यादा होने लगती हैं। जिसको लेकर फायर विभाग भी कमर कस तैयार हो चुका है। लेकिन संसाधनों का अभाव के कारण विभाग को परेशानियां भी उठाने पड़ती हैं। जिनमें सबसे ज्यादा है अपग्रेड गाडिय़ों की। क्योंकि जितने आधुनिक वाहन होंगे आग बुझाने में उतनी ही सहूलियत विभाग के कर्मचारियों को होती है। जिला मुख्यालय जैसे कार्यालय पर कम से कम 6 फायर गाडिय़ों का होना जरूरी है। लेकिन विभाग के पास अभी तीन ही फायर वाहन मौजूद हैं। जिनमें से एक कंडम वाहन अभी दुरुस्त होकर आया है। इन तीन वाहनों में से सिर्फ एक ही भारी वाहन है। जिसकी क्षमता 6 हजार लीटर है वह भी काफी पुरानी, जबकि दो छोटे वाहनों जिनकी क्षमता 4.50 हजार लीटर है। अब ऐसे में कहीं अलग-अलग जगह आगजनी की दो बड़ी घटनाएं हो जाए तो दमकल को आग पर काबू पाने में पसीना आना तो लाजमी है। ऐसा नहीं है कि विभाग के पास वाहन नहीं थे। लेकिन अब वाहन कंडम स्थिति में पहुंच चुके हैं। जिनमें से दो वाहन तो मैकेनिक के पास दुरुस्त होने के लिए डले हैं, जबकि तीन कंडम वाहन परिषद के गैराज की शोभा बढ़ा रहे हैं। यानी देखा जाए तो अभी जिला फायर विभाग के पास ऐसा कोई अपडेट या नया वाहन नहीं है।

फायर बाइक भी नहीं विभाग के पास

धौलपुर के प्राचीन शहर होने के कारण यहां के मुख्य बाजार के रास्ते अति संकरे होने के साथ छोटी-छोटी गलियां भी ज्यादा हैं। जहां अगर आगजनी की कोई घटना होती है तो विभाग के पास कोई फायर बाइक भी मौजूद नहीं है। जो तंग गलियों में जाकर आग पर काबू पास सके। हालांकि फायर विभाग ने नगर परिषद से पांच ऐसी फायर बाइकों की मांग कर रखी है जो तंग गलियों में जाकर आग पर काबू पा सके। लेकिन अभी तक नगर परिषद विभाग को पांच फायर बाइकों में से एक भी भी बाइक सुपुर्द नहीं कर सका है। जबकि गर्मी का सीजन भी प्रारंभ होने वाला है।

तीन शिफ्टों में करते कर्मचारी कार्य

फायर विभाग में अभी 29 कर्मचारी तीन शिफ्टों के लिए नियुक्त हैं। इनके शिफ्ट की टाइमिंग सुबह 6 से 2, 2 से 10 और 10 से सुबह के 6 बजे तक होती है। इन कर्मचारियों में 20 फायर मैन हैं जिनमें से 7 फायर मैनों को सीएलसी के माध्यम से रखा गया है। तो वहीं 9 ड्राइवर हैं। इनमें से भी 7 ड्राइवर प्राइवेट रूप से नियुक्त हैं। अब फायर विभाग के स्थल को देखा जाए तो फायर गाडिय़ा दो टिन शेडों में रखी जाती हैं तो वहीं फायर कर्मियों के लिए भी कोई उचित कमरा तक की कोई व्यवस्था नहीं है। फायर गाडिय़ों के लिए पानी के लिए विभाग ने बोरिंग कर रखी है, यहीं से गाडिय़ों में पानी भरा जाता है। हालांकि इसके अलावा शहर में कोई और फायर गाडिय़ों के लिए पानी भरने की व्यवस्था नहीं है।

फायर विभाग के तीन वाहन चालू हालत में हैं, जिनमें अधिक भार वाली 6 हजार लीटर का एक वाहन है। फायर बाइक के लिए नगर परिषद से भी कह रखा है। परिषद से पांच फायर बाइकों की मांग की गई है। जिससे गलियों में होने वाली आगजनी में काबू पाया जा सकता है।

-वृषभान सिंह, प्रभारी फायर विभाग धौलपुर