
- बाल वाहिनियों का सघन जांच अभियान शुरू
- राजाखेड़ा में हुए हादसे के बाद विभाग नींद से जगा
धौलपुर. जिला परिवहन एवं सडक़ सुरक्षा विभाग ने जिला कलक्टर श्रीनिधि बीटी व जिला पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन में स्कूल वाहनों का संघन जांच अभियान शुरू किया है। हालांकि, बाल वाहिनियों की जांच केवल शहरी सीमा तक सीमित रही। बता दें कि तीन दिन पहले राजाखेड़ा क्षेत्र में एक अनाधिकृत स्कूली वैन गहरे गड्ढे में जा गिरी थी। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। लेकिन इस हादसे के बाद अभी तक संबंधित वैन संचालक पर कोई कार्रवाई नहीं होना भी बड़ा सवाल बना हुआ है। वहीं, शहरी क्षेत्र में जांच के दौरान स्कूली वाहनों की स्थिति खराब मिली और फिटनेस नहीं मिली। जिस पर विभाग ने व्यवस्था सुधारने को पांच दिन का समय दिया है। गौतरलब रहे कि पत्रिका ने राजाखेड़ा के घटनाक्रम को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
जिला परिवहन अधिकारी गौरव यादव ने बताया कि कई स्कूल संचालक अपने वाहनों की नियमित फिटनेस नहीं करवा रहे तथा यातायात नियमों की अव्हेलना कर रहे हैं । जिसके लिए विभाग की ओर से विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है जिसमें परिवहन निरीक्षक प्रत्येक विद्यालय में जाकर वहां के वाहनों का भौतिक सत्यापन कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि विद्यालय संचालकों को विभाग की ओर से समझाइश के बाद वाहनों को दुरुस्त करने के लिए समय दिया जा रहा है और उसके बाद भी यदि संचालक वाहनों को सही नहीं करते तो फिर ऐसे वाहनों को विभाग के द्वारा सीज कर दिया जाएगा।
बसों की स्थिति खराब, 5 दिन का दिया समय
परिवहन निरीक्षक दीपक शर्मा ने बताया कि निजी विद्यालयों की बसों का भौतिक सत्यापन किया गया जिसमें कई विद्यालयों की बसों की स्थिति काफी दयनीय है । बसों की फिटनेस नहीं है। ऐसे में अभिभावक ऐसे विद्यालयों में जहां बसों की नियमित फिटनेस नहीं हो रही । ऐसी बसों में अपने बच्चों को परिवहन करने से परहेज करें।
उन्होंने कहा कि फिलहाल समझाइश करके 5 दिन का समय दिया गया है अगर 5 दिन में विद्यालय अपनी बसों को दुरुस्त नहीं करता तो विद्यालय की बसों को सीज किया जाएगा तथा विद्यालय के विरुद्ध भी कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग को पत्र दिया जाएगा।
Published on:
24 Apr 2026 07:22 pm
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