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- 26 में से 8 सदस्य पहुंचे पंचायत समिति कार्यालय
dholpur. सैंपऊ पंचायत समिति सैंपऊ के प्रधान पद को लेकर राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं पर गुरुवार को विराम लग गया। सैंपऊ प्रधान के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव कोरम के अभाव में निरस्त हो गया। कोरम के लिए पूरे सदस्य तक नहीं पहुंचे, जिस पर प्रस्ताव निरस्त हो गया। मात्र8 सदस्य ही आए। कोरम पूर्ण नहीं होने से विरोध खैमे को झटका लगा है।
सैंपऊ पंचायत समिति सदस्यों ने जिला परिषद सीईओ को प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर 23 सदस्यों के हस्ताक्षर किया हुआ शिकायत पत्र सौंपा था। जिस पर निर्वाचन विभाग की गाइडलाइन के अनुसार 13 नवंबर को अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बैठक हुई। गुरुवार को निर्धारित समय 11.30 बजे जिला परिषद सीईओ एएन सोमनाथ, एसडीएम कर्मवीर सिंह एवं निर्वाचन विभाग की टीम पंचायत समिति कार्यालय पहुंची निर्वाचन बैठक निर्धारित समय से शुरू की गई लेकिन पंचायत समिति के कुल 26 सदस्यों में से निर्धारित समय तक केवल आठ सदस्यों ने ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराई बाकी के सदस्य पंचायत समिति कार्यालय नहीं पहुंचे अविश्वास प्रस्ताव का मतदान कराने के लिए 9 सदस्यों की उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य था। निर्धारित समय तक केवल आठ सदस्यों ने ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराई जिसके चलते कोरम पूर्ति के अभाव में अविश्वास प्रस्ताव का मतदान नहीं कराया गया। अविश्वास प्रस्ताव को निरस्त माना गया। जिस पर दुष्यंत बघेल ही पंचायत समिति के प्रधान रहे। वहीं प्रधान बघेल के कार्यकर्ताओं मे अविश्वास प्रस्ताव निरस्त होते ही खुशी की लहर दौड़ गई और निजी मैरिज होम में कार्यकर्ताओं ने बघेल का स्वागत किया। जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नहीं थी कोई नाराजगी, षड्यंत्र था जो हुआ फेल
उधर, प्रधान दुष्यंत ने कहा कि सदस्यों को किसी तरह की कोई नाराजगी नहीं थी। कुछ लोगों ने षड्यंत्र रचकर अविश्वास प्रस्ताव के लिए चिट्ठी सौंप दी। लेकिन वो लोग कोरम तक पूर्ण नहीं कर पाए। वह हमेशा सभी सदस्यों के साथ मिलकर कार्य करते हैं। आगे भी क्षेत्र के विकास के लिए कार्य किए जाएंगे।
Updated on:
13 Nov 2025 06:33 pm
Published on:
13 Nov 2025 06:33 pm
