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उद्घाटन का फीता भी नहीं हटा और खराब हो गई मशीन, प्रसूताओं के साथ अन्य मरीजों को परेशानी

बाड़ी. अब इसे चिकित्सा महकमे की लापरवाही कहा जाए या मरीजों के प्रति उदासीनता। 6 जून को उद्घाटन के बाद शुरू हुई सोनोग्राफी की सुविधा 3 महीने भी नहीं चल पाई कि मशीन खराब हो गई।

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The opening lace is also not removed and the machine is damaged, problems with other obstetricians

उद्घाटन का फीता भी नहीं हटा और खराब हो गई मशीन, प्रसूताओं के साथ अन्य मरीजों को परेशानी

उद्घाटन का फीता भी नहीं हटा और खराब हो गई मशीन, प्रसूताओं के साथ अन्य मरीजों को परेशानी
-प्रसूताओं के साथ अन्य मरीजों को हो रही परेशानी
- अस्पताल प्रशासन कई बार भेज चुका है चिकित्सा महकमे के उच्च अधिकारियों को पत्र

बाड़ी. अब इसे चिकित्सा महकमे की लापरवाही कहा जाए या मरीजों के प्रति उदासीनता। 6 जून को उद्घाटन के बाद शुरू हुई सोनोग्राफी की सुविधा 3 महीने भी नहीं चल पाई कि मशीन खराब हो गई। मशीन के कक्ष के उद्घाटन का फीता भी नहीं हटा था कि मशीन खराब होने से फिर सोनोग्राफी कक्ष में ताला लग गया। जब इंजीनियर मशीन देखने आए तो 2003 मॉडल की मशीन होने के चलते बाजार में पाट्र्स उपलब्ध नहीं होने के बाद उसे कंडम घोषित कर चले गए। तब से अस्पताल प्रशासन चिकित्सा महकमे के उच्चाधिकारियों को पत्र लिख दूसरी मशीन भिजवाने का आग्रह कर रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
पीएमओ डॉ. शिवदयाल मंगल ने बताया कि मशीन 6 जून को स्थापित की गई थी। जिसका विधिवत उद्घाटन कराया था, लेकिन 3 महीने बाद यह मशीन खराब हो गई। जिसे दिखाने के लिए इंजीनियर बुलाए गए। जिन्होंने इसे 2003 मॉडल की होने के चलते बाजार में पाट्र्स उपलब्ध नहीं होने पर कंडम घोषित कर दिया। ऐसे में चिकित्सा विभाग के उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत कराते हुए दूसरी मशीन उपलब्ध कराने का निवेदन किया गया, लेकिन अभी तक मशीन उपलब्ध नहीं हो पाई है।
बाड़ी के साथ बसेड़ी और सरमथुरा के महिला मरीजों के साथ अन्य मरीजों को भी मशीन से लाभ मिला था और धौलपुर जिला अस्पताल पर कुछ लोड कम हुआ था, लेकिन फिर से वही स्थिति पैदा हो गई है। मरीज भटक रहे हैं। खासकर गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सोचने वाली बात यह है कि जो मॉडल बाजार में है ही नहीं, वह सप्लाई में आखिर क्यों दिया गया। 2003 मॉडल की मशीन पूरी तरह बंद हो चुकी हैं। ऐसे में चिकित्सा महकमे ने जो मशीन अस्पताल को उपलब्ध कराई वह आउट ऑफ डेट थी। जिसके खराब होने के बाद पाट्र्स नहीं मिले और अब मशीन ताले में बंद पड़ी है। सोनोलॉजिस्ट डॉ. सुरजीत सिंह मशीन आने का इंतजार कर रहे हैं।