10 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बदल रही गांव की तस्वीर, आत्मनिर्भर हो रही महिलाएं

सैंपऊ उपखंड का गांव लुधपुरा जिले के अन्य गांवो से अलग नजर आने लगा है। गांव मे उपलब्ध और विकसित होने वाली सुविधाओं पार्को, स्कूल, आंगनबाड़ी आदि को देखकर इसे समृद्ध गांव कहा जाएगा तो कोई अतिश्योक्ति न होंगी। इस गांव को समृद्ध बनाने का बीड़ा उठाया एनजीओ मंजरी फउंडेशन और एसबीआई कार्ड ने।

less than 1 minute read
Google source verification
बदल रही गांव की तस्वीर, आत्मनिर्भर हो रही महिलाएं The picture of the village is changing, women are becoming self-dependent

filter: 0; fileterIntensity: 0.0; filterMask: 0; brp_mask:0; brp_del_th:null; brp_del_sen:null; delta:null; module: photo;hw-remosaic: false;touch: (-1.0, -1.0);sceneMode: 8;cct_value: 0;AI_Scene: (-1, -1);aec_lux: 0.0;aec_lux_index: 0;albedo: ;confidence: ;motionLevel: -1;weatherinfo: null;temperature: 42;

- महिलाओं के लिए गांव मे ही रोजगार

धौलपुर. जिले से 22 किलोमीटर दूर धौलपुर-भरतपुर हाइवे पर सैंपऊ उपखंड का गांव लुधपुरा जिले के अन्य गांवो से अलग नजर आने लगा है। गांव मे उपलब्ध और विकसित होने वाली सुविधाओं पार्को, स्कूल, आंगनबाड़ी आदि को देखकर इसे समृद्ध गांव कहा जाएगा तो कोई अतिश्योक्ति न होंगी। इस गांव को समृद्ध बनाने का बीड़ा उठाया एनजीओ मंजरी फउंडेशन और एसबीआई कार्ड ने। एसबीआई कार्ड के सहयोग से समृद्ध परियोजना के अंतर्गत गांव में आंगनबाड़ी, स्कूल आदि के इंफ्रास्ट्रक्चर ढांचे मे सुधार के साथ साथ गांव मे सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास को मजबूत करने के लिए बहुत सारे आयामों पर कार्य चल रहा है। मंजरी फाउंडेशन के द्वारा पूरे गांव के रास्ते और सार्वजनिक स्थानों पर सोलर लाइट लगाने का काम भी पूरा किया जा रहा है। इससे अंधेरे के कारण महिलाओं और बच्चों को होने वाली परेशानी से भी पूरी तरह निजात मिलेगी।

सरपंच प्रतिनिधि जवाहर कुशवाहा ने बताया कि ग्राम विकास समिति का गठन किया गया और सभी की जिम्मेदारी तय की गई। गांव मे दुग्ध संग्रहण केंद्र, तुलसी माला यूनिट, जूट के उत्पाद बनाने की यूनिट, एकीकृत खेती मॉडल से 50 महिलाओ को रोजगार मिलेगा और महिलाएं उद्यमी बनेंगी। 15 अतिगरीब और विधवा महिलाओ को भी उनकी पसंद के छोटे छोटे रोजगार से जोड़ा जा रहा है। उधर, जिला परिषद सीईओ निवृत्ति अव्हाद सोमनाथ ने कहा कि सरकार की ग्रामो के विकास की पहल पर मंजरी फाउंडेशन और एसबीआई कार्ड के सहयोग से गांव की दिशा और दशा बदल रही है। ये एक सही एप्रोच और ग्रामीण विकास का सही मॉडल है। गांव को बेहतर बनाने मे सरकार के साथ साथ ग्रामीणों की रचनात्मक और सकारात्मक भूमिका बहुत जरूरी है।