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नहीं खानी होंगी दर-दर ठोकरें, धौलपुर में भी बनेगा मिनी सचिवालय!

– जिला प्रशासन ने मिनी सचिवालय के लिए भेजा 250 करोड़ का प्रस्ताव – शहरी क्षेत्र में जलभराव समस्या से निजात को प्राथमिकता, 158 करोड़ प्रस्ताव भेजा – अब सबकी नजरें सरकार के बजट भाषण पर – वर्तमान में 43 विभाग, राज्य सरकार के 32 विभाग संचालित धौलपुर. अगर सबकुछ ठीक रहा तो आम नागरिक […]

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नहीं खानी होंगी दर-दर ठोकरें, धौलपुर में भी बनेगा मिनी सचिवालय! You won't have to wander from door to door, a mini secretariat will be built in Dholpur too!

- जिला प्रशासन ने मिनी सचिवालय के लिए भेजा 250 करोड़ का प्रस्ताव

- शहरी क्षेत्र में जलभराव समस्या से निजात को प्राथमिकता, 158 करोड़ प्रस्ताव भेजा

- अब सबकी नजरें सरकार के बजट भाषण पर

- वर्तमान में 43 विभाग, राज्य सरकार के 32 विभाग संचालित

धौलपुर. अगर सबकुछ ठीक रहा तो आम नागरिक और दूर-दराज से आने वाले लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जिले पर सरकार की इनायत रही तो जिला मुख्यालय पर मिनी सचिवालय का सपना पूर्ण होने का अनुमान है। अभी तक इधर-उधर खुले दफ्तर एक स्थान पर होंगे और आम व्यक्ति को छोटे से कार्यों के लिए पसीना नहीं बहाना पड़ेगा। बता दें कि जिला प्रशासन ने बजट से पूर्व राज्य सरकार को मुख्यालय पर कम पड़े जिला कलक्ट्रेट के भवन के स्थान पर मिनी सचिवालय बनाने का प्रस्ताव भेजा है। उक्त प्रस्ताव करीब 250 करोड़ का होगा। जिसमें सभी दफ्तर एक साथ और एक छत के नीचे कार्य करेंगे। प्रशासन ने शहर के लिए भी तीन दिन पहले दो नवीन प्रस्ताव भेजें हैं। जिसमें दूसरा प्रस्ताव भी महत्वपूर्ण है जो वर्तमान समस्या से सीधे तौर पर जुड़ा है। इसमें शहर में जल भराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए करीब 158 करोड़ रुपए का प्रस्ताव बनाकर भेजा है। हालांकि, पूर्व में करीब 261 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया था। अब सबकी निगाहें सरकार के आगामी राज्य बजट पर हैं। वर्तमान में करीब विभिन्न 43 कार्यालय संचालित हैं। इसमें 3 केन्द्र, 32 राज्य और 8 अद्र्ध सरकारी कार्यालय हैं। इनमें करीब 1234 कार्मिक कार्यरत हैं।

115 करोड़ के 48 और प्रस्ताव भी भेजे

जिला प्रशासन की ओर से गत दिनों विभिन्न विभागों की जरुरतों के हिसाब से करीब 115 करोड़ रुपए के अलग से प्रस्ताव प्रथम चरण में भेजे जा चुके हैं। इसमें करीब 48 विभिन्न सरकारी महकमों के करीब 48 छोटे और बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। जिसमें शिक्षा, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य, विद्युत निगम और पुलिस विभाग भी शामिल है।

15 अप्रेल 1982 को जिले की स्थापना

राजस्थान का 27वां जिला धौलपुर है। जिले की स्थापना 15 अप्रेल 1982 को हुई थी। यह जिला तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवचरण माथुर की सरकार में बना था। धौलपुर पड़ोसी जिले भरतपुर में से अलग होकर बना। इसमें उस वक्त चार तहसील बनी धौलपुर, राजाखेड़ा, बाड़ी और बसेड़ी शामिल थी। धौलपुर जिले का क्षेत्रफल 3084 वर्ग किमी है। वर्तमान में सबसे छोटा जिला दूदू है। शुरुआत में यह पुरानी तहसील परिसर में संचालित था। फिर वर्तमान भवन बनने पर शिफ्ट हो गया। लेकिन अब भवन की हालत खराब है और बरसात में कमरों में पानी आता है। गत वर्ष तो एक कक्ष में आरसीसी छत का हिस्से एक कमरे में गिर पड़ा था।

एक दर्जन से अधिक कार्यालय संचालित

एसपी कार्यालय, एसडीएम कार्यालय, उप पंजीयन कार्यालय, एसीबी चौकी, सूचना प्रौद्योगिकी केन्द्र, रसद विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, डाकघर ब्रांच, सांख्यिकी विभाग, सिविल डिफेंस शाखा, एनआईसी समेत अन्य शाखाएं शामिल हैं। इसके अलावा परिसर कक्ष में जिला पूल के वाहन भी खड़े रहते हैं। कलक्ट्रेट परिसर के पीछे की तरफ विद्युत निगम कार्यालय और जिला उद्योग केन्द्र विभाग आ जाता है। कलक्ट्रेट परिसर में डेढ़ दर्जन विभाग संचालित हैं। जिसमें करीब प्रशासन के कार्यालय में ही करीब 180 से 200 कार्मिक कार्यरत हैं। जबकि एसपी कार्यालय, एसीबी व निगम कार्यालय के कार्मिक अलग हैं।

साल 1990 में शिफ्ट नवीन भवन में

वर्तमान जिला कलक्ट्रेट भवन साल करीब 1992 बनकर तैयार हुआ था। जिसमें पहले डीएम एलएल यादव आए। इससे पहले जिला कलक्ट्रेट भवन स्टेशन रोड स्थित पुराने तहसील भवन में संचालित था। साल 1990 में जनगणना शुरू हुई थी, उस वक्त पुरानी इमारत में तत्कालीन डीएम विनोद जुत्शी थे। नवीन भवन बनने के बाद उस समय इमारत में बड़े क्रेक आ गए थे, जिस पर जयपुर और भरतपुर आयुक्त जांच करने पहुंचे थे।

मास्टर प्लान के 2031 में होगी 2.50 लाख जनसंख्या

मास्टर प्लान में साल 1901 में शहर की जनसंख्या 19310 थी। जबकि साल 1951 में 20651, साल 1981 में 44375, साल 2001 में 97795, साल 2011 में 126112, साल 2021 में 179122 और आगामी 2031 तक शहर की जनसंख्या के करीब 2.50 लाख होने का अनुमान है। जो साल 2021 से 2031 तक 70 हजार जनसंख्या बढऩे का अनुमान है। यह मास्टर प्लान में सरकार का अनुमान है।

13 हजार 377 हेक्टेयर क्षेत्रफल

धौलपुर शहर का मास्टर प्लान बनाने के लिए राज्य सरकार ने नगर सुधार अधिनियम 1959 की धारा 3(1) अंतर्गत अधिसूचना जारी कर धौलपुर समेत 76 ग्राम अधिसूचित किए गए थे। बाद में 17 अक्टूबर 2012 की अधिसूचना के अनुसार धौलपुर समेत 50 राजस्व गांव नगररीय क्षेत्र सम्मिलित किए गए। जिनका कुल क्षेत्रफल 13 हजार 377.58 हेक्टेयर है। साल 2031 तक शहरी क्षेत्र में आवासीय, मनोरंज, यातायात समेत अन्य सुविधाओं के लिए करीब 3441 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी।

कार्यालय प्रकार कार्यालय संख्या कार्मिक

केन्द्र सरकार 03 445

राज्य सरकार 32 606

अद्र्ध सरकारी 08 183

योग 43 1234

(नोट: जिला प्रशासन के अनुसार)

राज्य सरकार को कुछ दिन पहले शहर समेत क्षेत्र की मूलभूम आवश्यकता के लिए प्रस्ताव दिए हैं। जिसमें जलभराव और सीवरेज प्लान के लिए राशि स्वीकृत करने की मांग की है। सैटेलाइट हॉस्पिटल की मांग की है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में रपट इत्यादि पर पुलिया निर्माण की मांग की गई है। बजट से बेहतर उम्मीदें हैं।

- डॉ.शिवचरण कुशवाह, भाजपा नेता

- भाजपा शासन में शहर समेत अन्य इलाकों की स्थिति खराब है। शहर बीते दो साल से जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। जिसके लिए अलग से बजट देने की आवश्यकता है। शहर में सडक़ों की हालत खराब है। शहर में कई मूलभूत सुविधाएं होनी चाहिए। शहर वाहन रुट चार्ट भी हो, जिससे जाम न लगे।

- धर्मेन्द्र शर्मा, कांग्रेस नेता