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चंबल के पानी को लिफ्ट कर पार्वती, राम सागर बांध व तालाबशाही में छोडऩे की योजना को मिली स्वीकृति

- किसानों में खुशी की लहर- क्षेत्रीय विधायक लम्बे समय से थे प्रयासरत बाड़ी. क्षेत्रीय विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा की ओर से स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाने से इनका निस्तारण भी हो रहा है। इसके तहत कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को अमलीजामा पहनाया भी जा चुका है।

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 The plan to lift Chambal water and release it in Parvati, Ram Sagar Dam and Talabshahi got approval.

चंबल के पानी को लिफ्ट कर पार्वती, राम सागर बांध व तालाबशाही में छोडऩे की योजना को मिली स्वीकृति

चंबल के पानी को लिफ्ट कर पार्वती, राम सागर बांध व तालाबशाही में छोडऩे की योजना को मिली स्वीकृति

- किसानों में खुशी की लहर- क्षेत्रीय विधायक लम्बे समय से थे प्रयासरत

बाड़ी. क्षेत्रीय विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा की ओर से स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाने से इनका निस्तारण भी हो रहा है। इसके तहत कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को अमलीजामा पहनाया भी जा चुका है। इसी क्रम में स्थानीय किसानों की सिंचाई व्यवस्था को दुरस्त करने के लिए विधायक मलिंगा की ओर से बार-बार पत्र व्यवहार कर राज्य सरकार से चंबल नदी से पानी लिफ्ट करा आसपास के जलाशयों को भरने की मांग की गई थी। इसको लेकर वे कई बार प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी मिले। जिसे लेकर प्रदेश सरकार ने बजट सत्र 2021-22 में इस योजना को स्वीकृति देते हुए 800 करोड़ का बजट पास किया। जिसे काली तीर लिफ्ट परियोजना के नाम से जाना जाएगा। अब इस परियोजना के तहत काम किए जाने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है जिसे लेकर सारी कागजी कार्रवाई पूर्ण हो चुकी हैं। उक्त योजना के तहत चंबल नदी से पानी को लिफ्ट करा कर स्थानीय बांध जिसमें पार्वती सागर, राम सागर तथा तालाब ए शाही आदि में भरा जाएगा। जिससे आसपास के किसानों को वर्ष भर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा। वहीं, भूमिगत जल में भी सुधार होगा। किसानों को इसकी जानकारी मिलने पर उन्होंने स्थानीय विधायक आभार जताया है।

औद्योगिक प्रोत्साहन शिविर रविवार को

- प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम

धौलपुर. औद्योगिक प्रोत्साहन शिविर का आयोजन 12 सितम्बर को सुबह 10 बजे से मचकुंड रोड स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में किया जाएगा। जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक ने बताया कि शिविर में जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र की ओर से संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत सेवा क्षेत्र के लिए 10 लाख तथा विनिर्माण के लिए 50 लाख रुपए तक के ऋण के लिए आवेदन पत्र तैयार कराए जाने सम्बंधी जानकारी दी जाएगी। विभाग की ओर से अभ्यार्थी की श्रेणी स्थापित उद्योग क्षेत्रानुसार ग्रामीण एवं शहरी में 15 से 35 प्रतिशत तक परियोजना लागत में अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना 2019 के अन्तर्गत नव स्थापित एवं पूर्व में स्थापित उद्यम (विनिर्माण / सेवा एवं व्यापार) क्षेत्र के विस्तार, विविधीकरण, आधुनिकीकरण के लिए 10 करोड़ रुपए तक के ऋण पर 5 से 8 प्रतिशत तक ऋण की श्रेणी अनुसार ब्याज अनुदान देय है। योजनान्तर्गत व्यापार के लिए ऋण की सीमा अधिकतम 1 करोड़ व उद्योग एवं सेवा क्षेत्र के लिए 10 करोड़ तक हो सकती है।