11 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

अस्पताल की इमरजेंसी में मोबाइल की रोशनी में इलाज

सरमथुरा अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का दावा सरकार भले ही करती हो लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। इसकी तस्वीर दोपहर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में दिखाई दी। यहां पर मोबाइल फ्लैश की रोशनी में घायलों का उपचार चल रहा था। बिजली कटने पर अस्पताल में न तो इनवर्टर की व्यवस्था थी और न ही जनरेटर दुरूस्त था।

2 min read
Google source verification
अस्पताल की इमरजेंसी में मोबाइल की रोशनी में इलाज Treatment in the emergency of the hospital using the light of a mobile phone

-बजट के अभाव में नही बदली बैटरी, वेंटिलेटर पर पहुंची अस्पताल की व्यवस्थाएं

dholpur, सरमथुरा अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का दावा सरकार भले ही करती हो लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। इसकी तस्वीर दोपहर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में दिखाई दी। यहां पर मोबाइल फ्लैश की रोशनी में घायलों का उपचार चल रहा था। बिजली कटने पर अस्पताल में न तो इनवर्टर की व्यवस्था थी और न ही जनरेटर दुरूस्त था। अस्पताल में इस तरह की लापरवाही चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। आलम यह है कि कस्बा का सामुदायिक अस्पताल बदहाली के आंसू बहा रहा हैं. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से अस्पताल की व्यवस्थाएं वेंटिलेटर पर पहुंच गई हैं. अस्पताल में बैटरी की मियाद पूरी होने के बावजूद बजट के अभाव में नही बदली गई हैं. अस्पताल में एक जनरेटर खराब अवस्था में पड़ा हुआ है वही एक जनरेटर ऑक्सीजन प्लांट की जरूरत पर ही चलाया जाता हैं. बिजली गुल होने पर अस्पताल में अंधेरा फैल जाता हैं। बिजली गुल होने के बाद अस्पताल में प्रकाश की व्यवस्था का कोई प्रबंध नही हैं. जबकि अस्पताल की इमरजेंसी में भी प्रकाश की कोई व्यवस्था नही हैं. इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी अंधेरे में मोबाइल का फ्लैश जलाकर घायलों का उपचार करने के लिए मजबूर हैं. यहां तक कि स्वास्थ्य कर्मी घायल को टॉर्च की रोशनी में इंजेक्शन लगाते हुए दिखाई देते हैं। ऐसे में पर्याप्त रोशनी नही होने के कारण इंजेक्शन अगर गलत तरीके से लग जाए तो मरीज की जान को भी खतरा हो सकता हैं। फिर से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी गंभीर नही हैं।

-अस्पताल में कई माह फैली अव्यवस्था, नही हुआ सुधार

कस्बा के सामुदायिक अस्पताल में कई माह से अव्यवस्थाएं फैली हुई हैं. पत्रिका ने कई बार समाचार प्रकाशित कर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया था. लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधारने के लिए कोई प्रबंध नही किया गया. इसीप्रकार अस्पताल के मुख्य गेट पर अव्यवस्थित तरीके से बाइक खड़ी होने के कारण तीमारदारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं।

अस्पताल में बजट के अभाव में बैटरियां नही बदल सकी हैं. एक जनरेटर खराब पड़ा हुआ है जबकि एक जनरेटर रिजर्व में हैं जो ऑक्सीजन प्लांट के लिए चलाया जाता हैं।

-डॉ जीएल मीणा अस्पताल प्रभारी सरमथुरा