3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ग्रामीणों की अनूठी पहल, प्रत्येक बालिका का खुला सुकन्या समृद्धि खाता

अम्बर अग्निहोत्री धौलपुर. जिले की राजाखेड़ा तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत खुडि़ला के गांव मिठावली ने पूरे मंडल में अपनी सकारात्मक सोच से हर एक को कायल किया है। इसकी अनूठी वजह गांव में जन्मी प्रत्येक बालिका का सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुलवाना रहा।

2 min read
Google source verification
 Unique initiative of villagers, Sukanya Samriddhi account opened for every girl child

ग्रामीणों की अनूठी पहल, प्रत्येक बालिका का खुला सुकन्या समृद्धि खाता

अम्बर अग्निहोत्री

धौलपुर. जिले की राजाखेड़ा तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत खुडि़ला के गांव मिठावली ने पूरे मंडल में अपनी सकारात्मक सोच से हर एक को कायल किया है। इसकी अनूठी वजह गांव में जन्मी प्रत्येक बालिका का सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुलवाना रहा। डाकघर की इस योजना के मिठावली गांव में सर्वाधिक खाते खुले हैं। यहां गांव की 145 बालिकाओं के खाते खुले हैं। डाक विभाग ने इस गांव को सबसे ज्यादा खाते खुलने पर संपूर्ण सुकन्या नाम दिया। खाते खुलवाने में डाक विभाग के कार्मिक और सरपंच ने भी मुख्य भागीदारी निभाई है। इस उपलब्धि से गांव का मान बढ़ा है। गौरतलब रहे कि डाक विभाग की सुकन्या समृद्धि योजना लोकप्रिय योजनाओं में शामिल है। डाक विभाग पिछले कुछ समय से इस योजना पर विशेष जोर दे रहा है। विभाग की ओर से गांव-गांव कैंप लगाकर योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।

सरपंच ने घर-घर जाकर किया जागरुक

उक्त गांव मिठावली की आबादी 850 है। ग्रामीणों की पहल से यहां 145 बालिकाओं के सुकन्या खाता खुले हैं। यानी जिस घर में भी कन्या थी, उसका खाता खुल चुका है। ग्राम पंचायत सरपंच बेबी शर्मा ने भी इसमें पहल करके लोगों को जागरूक किया। महिला होने की वजह से उन्होंने परिवारों के साथ समझाइश की और उक्त योजना के फायदे गिनाए। मिठावली शाखा डाक घर के शाखा पोस्ट मास्टर सुभाष जैन ने बताया कि गांव में सभी बालिकाओं के खाते सुकन्या योजना में खोले गए हैं। यह एक अनूठा प्रयास है।

ये है सुकन्या समृद्धि योजना

बेटियों के बेहतर भविष्य के लिए सरकार ने 2017 में योजना की शुरुआत की। इसमें प्रतिवर्ष 500 रुपए से 1.50 लाख रुपए तक जमा कर सकते हैं। बेटी के 21 साल की उम्र पूरी करने के बाद ही खाता परिपूर्ण माना जाएगा। इसमें धनराशि खाता खुलने के 14 वर्ष तक ही जमा करनी होगी। बेटी के 21 साल की होने पर ही खाता मेच्योर माना जाएगा। इसमें बेटी के 18 साल की उम्र पर आधी धनराशि निकाली जा सकती है। 21 साल बाद अपने आपखाता बंद हो जाएगा और धनराशि पालक को मिल जाएगी। यदि बेटी की 18 से 21 साल के बीच शादी हो जाती है तो उसी समय खाता बंद हो जाएगा।

- गांव की अलग पहल है। जागरूक ग्रामीणों से दूसरे गांव के लोगों को भी सीख लेना चाहिए। उन्होंने गांव में सभी बालिकाओं के योजना के तहत खाते खुलवाए हैं। लोग जागरूक हो रहे हैं।

- रामवीर शर्मा, डाक अधीक्षक मंडल धौलपुर