
अनोखी परंपरा, एमबीबीएस के छात्र सबसे पहले शव की करते हैं पूजा
अनोखी परंपरा, एमबीबीएस के छात्र सबसे पहले शव की करते हैं पूजा
- मेडिकल कॉलेज में कैडवेरिक ओथ व व्हाइट कोट सेरेमनी कार्यक्रम
धौलपुर. शहर के बाड़ी रोड पर राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) में कैडवेरिक ओथ व व्हाइट कोट सेरेमनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य एवं नियत्रक डॉ. श्रीकांत असावा ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्जवलित व पुष्प अर्पित कर कि,। मेडिकल कालेज के छात्र-छात्राओं ने कैडवेरिक ओथ व व्हाइट कोट सेरेमनी कार्यक्रम में मानव शरीर के संरचना के बारे में जाना।
आमतौर पर लोग अपने बड़े-बुजुर्गों या उस शख्स को अपना गुरु व आदर्श मानते हैं, जिनसे वो प्रेरित होते हंै। लेकिन, मेडिकल के छात्रों के लिए उनका प्रथम गुरु मानव शरीर होता है। यही वजह है कि एमबीबीएस छात्रों के बीच एक अनोखी परंपरा का पुराना चलन चलता आ रहा है। इस परंपरा को कैडवेरिक ओथ कहते हैं। इसमें शव की पूजा कर शपथ ली जाती है। कॉलेज में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से डाक्टर बनने की उम्मीद में मेडिकल की पढ़ाई के लिए आए छात्र-छात्राओं का यह पहला मिलन कार्यक्रम था। इनमें प्रथम काउंसिलिग में कॉलेज में 100 सीटों पर छात्रों ने एमबीबीएस प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया है। छात्राओं को व्हाइट कोट सेरेमनी में चरक संहिता की शपथ दिलाई। इस मौके पर एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार, फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. हेमलता गुप्ता, बायोकेमिस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. माधुरी गुप्ता, पीएसएम प्रभारी डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहा।
विद्यार्थियों ने ली कैडवेरिक ओथ
यह एक खास तरह की शपथ होती है। जिसमें मेडिकल पढ़ाई की पहली सीढ़ी यानी कि एमबीबीएस प्रथम वर्ष के विद्यार्थी पढ़ाई शुरू करने से पहले शव की पूजा कर शपथ लेते हैं। कार्यक्रम में इस परंपरा को निभाते हुए कैडवेरिक ओथ के विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार ने शपथ दिलाई तथा देहदान के बारे में छात्रों को विस्तार से बताया। प्राचार्य ने बताया कि यहां डॉक्टर के लिए मानव शरीर को ही पहला टीचर माना जाता है। इसलिए उसकी पूजा कर शपथ ली जाती है।
Published on:
08 May 2023 05:16 pm
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