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शहरी रोजगार गारंटी योजना: धौलपुर जिला 6वे पर तथा भरतपुर रहा 22वां स्थान पर

श्रमिकों को कार्य देने में नगर परिषद की स्थिति रही संतोषजनक #Urban Employment Guarantee Scheme news: धौलपुर. मनरेगा की तर्ज पर शहरों में शुरू किए गए इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना में धौलपुर जिले की स्थिति ठीकठाक रही है। योजना को लेकर निकायों की जारी प्रगति रिपोर्ट में जिले का आंकड़ा 50.28 फीसदी रहा है। यानी श्रम रोजगार की मांग करने वाले पचास फीसदी श्रमिकों को काम उपलब्ध करवा गया।

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Urban Employment Guarantee Scheme: Dholpur district on 6th and Bharatpur at 22nd place

शहरी रोजगार गारंटी योजना: धौलपुर जिला 6वे पर तथा भरतपुर रहा 22वां स्थान पर

शहरी रोजगार गारंटी योजना: धौलपुर जिला 6वे पर तथा भरतपुर रहा 22वां स्थान पर

श्रमिकों को कार्य देने में नगर परिषद की स्थिति रही संतोषजनक

#Urban Employment Guarantee Scheme news: धौलपुर. मनरेगा की तर्ज पर शहरों में शुरू किए गए इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना में धौलपुर जिले की स्थिति ठीकठाक रही है। योजना को लेकर निकायों की जारी प्रगति रिपोर्ट में जिले का आंकड़ा 50.28 फीसदी रहा है। यानी श्रम रोजगार की मांग करने वाले पचास फीसदी श्रमिकों को काम उपलब्ध करवा गया। हालांकि, दीपावली सीजन के चलते धौलपुर नगर परिषद में काम मंगाने वाले श्रमिकों की संख्या में भारी कमी आई थी। सीजन के दौरान करीब 250 से 300 श्रमिक ही रह गए थे। लेकिन त्योहारी सीजन समाप्त होने के बाद नगर परिषद में अब वापस कार्य मांगने वालों की संख्या में धीरे-धीरे इजाफा हो रहा है।

नगर परिषद में कुल 9 कार्य स्वीकृत

नगर परिषद की ओर से इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना में मात्र 9 कार्य ही स्वीकृत हैं। हालांकि, अन्य निकाओं में कार्यों की संख्या अधिक है। नगर परिषद की ओर से वर्तमान में तालाब खुदाई, नाला सफाई, रोड साइड झाड़ी सफाई, पौधरोपण, दीवारों पर रंग-पुताई समेत अन्य कार्य कराए जा रहे हैं। योजना में अकुशल श्रमिक को 259 रुपए प्रतिदिन, एक मेट को 271 रुपए प्रतिदिवस तथा कुशल श्रमिक की प्रतिदिवस मजदूरी 283 रुपए का भुगतान हैं।

यह रही प्रगति रिपोर्ट

इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना में प्रदेश के 33 जिलों की कुल 213 निकायों में कार्य चल रहा है। इसमें कुल 7210 कार्य स्वीकृत हुए हैं। इनकी प्रगति रिपोर्ट में बांसवाड़ा 101.88 फीसदी के साथ टॉप रहा। इसके बाद श्रीगंगानगर का 99.77, अलवर का 68.82, चित्तौडगढ़ का 64.96, प्रतापगढ़ 57.52, धौलपुर का 50.28, सिरोही का 32.92, बाड़मेर का 32.15, दौसा का 26.67, उदयपुर का 24.96, नागौर का 24.48, डूंगरपुर का 24.13, जैसलमेर का 21.95, बीकानेर का 21.93, चूरू 21.62, जोधपुर का 19.37, झालावाड़ का 16.46, झुंझुनूं का 16.42, बारां का 16.35, हनुमानगढ़ का 12.69, राजसमंद का 12.32, भरतपुर का 12.02, अजमेर का 10.76, जालोर 09.83, जयपुर का 06.04, कोटा का 0.16, सीकर 0.51, भीलवाड़ा का 10.54, टोंक का 21.09, पाली का 25.28, करौली का 26.62, सवाईमाधोपुर का 27.64 तथा बूंदी का 37.91 प्रतिशत रहा है।

श्रम कार्य मांगने वालों की संख्या बढ़ी

दिवाली त्योहारी सीजन समाप्त होने के बाद अब नगर परिषद में श्रम कार्य मांगने वालों की संख्या बढ़ी है। अब नगर पालिका में करीब 1400-1500 लोग आवेदन कर रहे हैं। जबकि दिवाली से पूर्व स्थिति चिंताजनक थी। यह आंकड़ा उस समय 300 ही रह गय था। नगर परिषद एक बारगी में 900 लोगों को श्रम कार्य उपलब्ध करवा सकता है। लेकिन नगर परिषद क्षेत्र में श्रम कार्य कम होने से समस्या आ रही है। उधर, नगर परिषद जिला प्रशासनिक अधिकारी व वन विभाग के जरिए शहर में खाली पड़ी भूमियों पर उग रही झाडिय़ों की छंटाई कार्य के लिए प्रस्ताव तैयार कर रही है। जिससे अधिक से अधिक कार्य कराया जा सके।

- शहरी रोजगार गारंटी योजना में परिषद की स्थिति ठीक रही है। हम अच्छी संख्या में रोजगार दे रहे हैं। त्योहार निकलने के बाद अब मांग करने वाले श्रमिकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
- गुमान सिंह सैनी, एईएन नगर परिषद धौलपुर